NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अनुच्छेद 370: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ गठित
अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए गठित संवैधानिक पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति एनवी रमण करेंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Sep 2019
SC

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायधीशों की संवैधानिक पीठ का गठन किया है। पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति एनवी रमण करेंगे।

एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि पीठ अगले माह से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने की संवैधानिकता और बाद में इस पर (निरसन को लेकर) जारी राष्ट्रपति के आदेश की वैधता पर सुनवाई शुरू करेगी।

संवैधानिक पीठ के पास आई कई याचिकाओं का हवाला देते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली एक पीठ ने अगस्त में कहा था कि एक विस्तृत पीठ इस मुद्दे पर अक्टूबर के पहले सप्ताह से सुनवाई शुरू करेगी।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाटंने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाने का फैसला 31 अक्टूबर से अमल में आ जाएगा है। सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कान्फ्रेंस, नेशनल कान्फ्रेंस समेत कई अन्य ने याचिकाएं दायर की हैं। इनमें सबसे पहली याचिका अधिवक्ता एम एस शर्मा ने दायर की है।

अनुच्छेद 370 के अलावा शीर्ष न्यायालय ने मौत की सजा के मामलों पर सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ गठित की है। वहीं दो अन्य पीठ भी गठित की गई हैं जो कर संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगी। इनमें दो-दो जज होंगे।

कश्मीर के कुछ हिस्सों में पाबंदियां जारी

कश्मीर के कुछ हिस्सों में लगातार 55वें दिन शनिवार को प्रतिबंध जारी रहे और घाटी में बाजार बंद रहे तथा सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि श्रीनगर शहर के पुराने इलाकों में पाबंदियां जारी रही। उन्होंने बताया कि अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और बैरिकेड लगाये गये है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के तुरन्त बाद शुक्रवार की रात घाटी के कुछ हिस्सों में कथित प्रदर्शनों की खबरों पर अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार की सुबह काफी कम संख्या में निजी कार सड़कों पर दिखीं और ज्यादातर दुकानें नहीं खुलीं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे और ज्यादातर विक्रेता भी बाजारों से दूर रहे।

अधिकारियों ने बताया कि हंडवाड़ा और कुपवाड़ा क्षेत्रों के अलावा कश्मीर में मोबाइल सेवाएं बाधित रही जबकि लगातार 55वें दिन घाटी में इंटरनेट सेवाएं ठप रही।

अधिकारियों ने जुम्मे की नमाज के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए कश्मीर के कुछ हिस्सों में पाबंदियां लगा दी थी। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने संबंधी केन्द्र के निर्णय के बाद गत पांच अगस्त को पूरे कश्मीर में पाबंदियां लगाई गई थी।

बाद में समय के साथ स्थिति में सुधार होने के बाद घाटी के कई हिस्सों से चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां हटाई गई थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Supreme Court
Article 370
Constitution of India
Jammu and Kashmir
Justice NV Raman
modi sarkar
BJP
Restrictions continue in kashmir

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • क्या Pegasus जैसा कुछ पहले भी हुआ है?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या Pegasus जैसा कुछ पहले भी हुआ है
    25 Jul 2021
    पिछले कुछ दिनों से आयी Pegasus की खबर ने देश और दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है. क्या ऐसा भारत के इतिहास में पहले भी कभी हुआ है? आइये जानते हैं वरष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय के साथ "इतिहास के…
  • pegasus
    सुभाष गाताड़े
    स्पायवेअर अर्थात जासूसी सॉफ्टवेयर – जनतंत्र के ख़िलाफ़ नया हथियार!
    25 Jul 2021
    दुनिया भर में कम से कम 500 निजी कंपनियां हैं जो ऐसे स्पायवेयर के निर्माण में लगी हैं, जिन्हें वह दमनकारी हुकूमतों को बेचती हैं और जिसके जरिए यह सरकारें अपने ही नागरिकों का उत्पीड़न करती है।
  • सर्विलांस राज्य ही विश्व का 'न्यू नॉर्मल'
    बी. सिवरामन
    सर्विलांस राज्य ही विश्व का 'न्यू नॉर्मल'
    25 Jul 2021
    सर्विलांस की अकूत ताकत की वजह से राज्य चाहे जो मर्जी सो कर सकता है।
  • मुबंई: बारिश हर साल लोगों के लिए आफ़त लेकर आती है और प्रशासन हर बार नए दावे!
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुबंई: बारिश हर साल लोगों के लिए आफ़त लेकर आती है और प्रशासन हर बार नए दावे!
    25 Jul 2021
    मुबंई की ये बदहाल तस्वीर लगभग हर बारिश में देखने को मिल जाती है। जानकार मानते हैं कि ये सब जलवायु परिवर्तन और सरकारों की अनदेखी का नतीजा है।
  • कोरोना की तीसरी लहर: आयेगी ज़रूर, बस मेहनत करते रहिए
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    कोरोना की तीसरी लहर: आयेगी ज़रूर, बस मेहनत करते रहिए
    25 Jul 2021
    सारी लहरें मेहनत से ही आईं हैं। पहली लहर में सरकार जी ने मेहनत की। दूसरी लहर में और ज़्यादा मेहनत की और अब तीसरी लहर की बात हो रही है। सरकार जी और सरकारें भी निरंतर प्रयास कर रही हैं कि तीसरी लहर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License