NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीएए विरोधी भाषण: भीड़ उकसाने के ख़िलाफ़ ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे सुबूत’, फिर भी शरजील इमाम को ज़मानत से इनकार
दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर अपने कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र शरजील इमाम को शुक्रवार को ज़मानत देने से इनकार कर दिया।
द लीफलेट
23 Oct 2021
shareel

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र शरजील इमाम को दिसंबर 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर उनके कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में ज़मानत देने से इनकार कर दिया, भले ही अदालत ने पाया कि इमाम के ख़िलाफ़ इस बात के सबूत ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे’ हैं कि उनके भाषण ने भीड़ को दंगा करने और पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया था।

अदालत ने कहा, "अभियोजन की ओर से न तो किसी चश्मदीद गवाह का हवाला दिया गया है और न ही रिकॉर्ड पर कोई इस तरह के अन्य सबूत हैं कि सह-आरोपी को उकसाया गया और प्रार्थी / आरोपी शरजील इमाम के भाषण को सुनकर दंगा आदि का कथित कार्य किया था।"

इसमें कहा गया है, "जांच एजेंसी का प्रतिपादित सिद्धांत एक ऐसी खाई छोड़ देता है, जिससे तबतक एक अधूरी तस्वीर बनाती है, जबतक कि अनुमानों और क़यासों का सहारे या अनिवार्य रूप से प्रार्थी / आरोपी शरजील इमाम और सह-आरोपी के ख़ुलासे वाले बयान पर भरोसा करके इस अंतराल को नहीं भरा जाता।"

हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अनुज अग्रवाल ने कहा कि जहां तक इमाम के भाषण का सम्बन्ध है, तो यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए (देशद्रोह) और 153ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाये रखने के प्रतिकूल कार्य करने) का उल्लंघन है और यह स्पष्ट रूप से सांप्रदायिक/विभाजनकारी तर्ज पर था।    

न्यायाधीश ने इमाम को ज़मानत देने से इनकार करते हुए कहा, "मेरे विचार में, आग लगाने वाले भाषण के स्वर और मुराद का सार्वजनिक शांति, समाज के अमन और सद्भाव को कमज़ोर करने वाला प्रभाव पड़ता है।" इमाम अलग-अलग राज्यों में अपने भाषणों को लेकर कई प्राथमिकी में अभियोजन का सामना कर रहे हैं। एक प्राथमिकी में तो वह सख़्त ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोपों का भी सामना कर रहा है।

मौजूदा मामला 13 दिसंबर, 2019 को दिल्ली में इमाम के उस भाषण से जुड़ा हुआ है, जिसके ख़िलाफ़ दिल्ली के न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि इमाम को सीएए और एनआरसी को लेकर एक विशेष धार्मिक समुदाय के मन में बेवजह भय पैदा करके सरकार के ख़िलाफ़ उन्हें भड़काते हुए देखा गया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक़, इमाम के दिये भाषण देशद्रोही, सांप्रदायिक / विभाजनकारी प्रकृति के थे और उनका मक़सद अलग-अलग धर्मों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना था। आरोप लगाया गया कि इमाम के कहने पर ही सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान जामिया नगर इलाक़े में 3,000 से ज़्यादा लोगों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कई वाहनों को आग लगा दी।

इमाम के ख़िलाफ़ दर्ज की गयी प्राथमिकी के बाद उनके ख़िलाफ़ धारा 124ए/153ए के तहत अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की गयी। उन पर आईपीसी की धारा 143/147/148/149/186/353/332/333/307/308/427/435/323/341/120बी/34,सह-अभियुक्तों को उकसाने के लिए आईपीसी की धारा 109 की सहायता से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम की धारा 3/4 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25/27  के तहत भी आरोप पत्र दायर किया गया था।

अदालत के इस आदेश को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

साभार: द लीफ़लेट

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 

Anti-CAA Speech: Evidence That Sharjeel Imam Instigated a Mob “Scanty and Sketchy”, Says Delhi Court, But Denies Him Bail

Sharjeel Imam
Anti-CAA speech
National Register of Citizens
Jawaharlal Nehru University
Unlawful Activities Prevention Act

Related Stories

राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई

ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई

उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?

दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में एक व्यक्ति गिरफ़्तार, GSCASH बहाली की मांग

जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?

एबीवीपी सदस्यों के कथित हमले के ख़िलाफ़ जेएनयू छात्रों ने निकाली विरोध रैली

कैसे भारत मुसलमानों को मनमाने तरीके से अनिश्चित काल के लिए जेलों में कैद कर रहा है?

उमर खालिद ने दिल्ली दंगों को “साजिश” बताया, तो शरजील इमाम ने कहा उनका भाषण “राजद्रोह” नहीं

फादर स्टेन की मौत के मामले में कोर्ट की भूमिका का स्वतंत्र परीक्षण जरूरी


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License