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ग्रीसः साम्राज्यवाद-विरोधियों ने नाटो महासचिव के दौरे का विरोध किया
नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग की ग्रीस और तुर्की को दौरा पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में समुद्री और ऊर्जा अधिकारों को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनज़र हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
07 Oct 2020
Nato

मंगलवार 6 अक्टूबर को ग्रीस में साम्राज्यवाद-विरोधी समूहों ने एथेंस में नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग के ग्रीस दौरे के ख़िलाफ़ विरोध करते हुए इकट्ठा हुए। इस मार्च का आह्वान ऑल वर्कर्स मिलिटेंट फ्रंट (पीएएमई)ट्रेड यूनियनों सहित सेल्फ-एम्प्लायड एसोसिएशन, स्टूडेंट एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ ग्रीक वीमेन (ओजीई) व हेलेनिक कमेटी फॉर इंटरनेशनल डेटेंटे एंड पीस (ईईडीवाईई) द्वारा आह्वान किया गया था। नाटो महासचिव पूर्वी भूमध्य सागर में समुद्री और ऊर्जा अधिकारों को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष की पृष्ठभूमि में ग्रीस और तुर्की का दौरा कर रहे हैं।

1 अक्टूबर को जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने इस क्षेत्र में "दुर्घटनाओं के जोखिम" को कम करने के उद्देश्य से नाकाबंदी को रोकने के लिए एक ग्रीक-तुर्की सैन्य तंत्र के निर्माण की घोषणा की।

902.gr ने रिपोर्ट किया कि इन प्रदर्शनकारियों ने "नो टू नाटो प्रोटेक्शन- गेट आउट ऑफ द वूल्फ अलायंस नाउ" ,"नाटो मींस जुटा एंड वार" , "शट डाउन बेसेस एंड हेडक्वार्टर्स, गेट आउट ऑफ द उल्फ अलायंस नाउ" और"गीव मनी फॉर हेल्थ एंड नॉट फॉर नाटो स्लॉटरहाउस" जैसे नारे लगाते हुए ग्रीक संसद की ओर मार्च किया है। इन प्रदर्शनकारियों ने यूएस-नाटो-यूरोपीय संघ की साम्राज्यवादी योजनाओं से ग्रीस को हटने, देश में नाटो के ठिकानों को बंद करने, अपने क्षेत्रों और सीमाओं पर यूनानी संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए का आह्वान किया।

मंगलवार को सभा को संबोधित करते हुए, पीएएमई की ओर से ट्रेड यूनियन ऑफ एटिका एम्प्लॉइज के अध्यक्ष एफी हैलियस ने कहा कि नाटो हिडेन एंड ओवर्ट एग्रीमेंट की पुष्टि करने के लिए आए थे जो किए जा रहे हैं। नाटो भी पूर्वी भूमध्य सागर और बाल्कन में यूएस-नाटो-यूरोपीय संघ के गतिविधि में ग्रीस के परिवर्तन करने में अपनी छोटी सी भूमिका अदा करने के लिए आया था।”

ईईडीवाईई ने कहा, “SYRIZA की नई लोकतंत्र (एनडी)की सरकार, और अन्य बुर्जुआ पार्टियों का तर्क जो नाटो,अमरीका, यूरोपीय संघ को इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के कारकों के रूप में पेश करने की कोशिश करती है वहव्यवहार में समाप्त है। इसके विपरीत, यह स्पष्ट हो जाता है कि उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों का इस्तेमाल कर अपनी आर्थिक और सैन्य योजनाओं की पूरा करना है।”

अक्टूबर 2019 में यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने ग्रीस में यूएस-नाटो ठिकानों को विकसित करने और विस्तारित करने के उद्देश्य से एक रक्षा सहयोग समझौते के नए संस्करण पर हस्ताक्षर करने के लिए ग्रीस का दौरा किया था। तब, ग्रीस की कम्युनिस्ट पार्टी (केकेई)सहित साम्राज्यवाद-विरोधी समूहों ने अमेरिका-ग्रीस के सैन्य सहयोग के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था।

Greece
Anti-NATO protests in Greece
nato president in greece

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