NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग्रीसः साम्राज्यवाद-विरोधियों ने नाटो महासचिव के दौरे का विरोध किया
नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग की ग्रीस और तुर्की को दौरा पूर्वी भूमध्य क्षेत्र में समुद्री और ऊर्जा अधिकारों को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनज़र हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
07 Oct 2020
Nato

मंगलवार 6 अक्टूबर को ग्रीस में साम्राज्यवाद-विरोधी समूहों ने एथेंस में नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग के ग्रीस दौरे के ख़िलाफ़ विरोध करते हुए इकट्ठा हुए। इस मार्च का आह्वान ऑल वर्कर्स मिलिटेंट फ्रंट (पीएएमई)ट्रेड यूनियनों सहित सेल्फ-एम्प्लायड एसोसिएशन, स्टूडेंट एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ ग्रीक वीमेन (ओजीई) व हेलेनिक कमेटी फॉर इंटरनेशनल डेटेंटे एंड पीस (ईईडीवाईई) द्वारा आह्वान किया गया था। नाटो महासचिव पूर्वी भूमध्य सागर में समुद्री और ऊर्जा अधिकारों को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष की पृष्ठभूमि में ग्रीस और तुर्की का दौरा कर रहे हैं।

1 अक्टूबर को जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने इस क्षेत्र में "दुर्घटनाओं के जोखिम" को कम करने के उद्देश्य से नाकाबंदी को रोकने के लिए एक ग्रीक-तुर्की सैन्य तंत्र के निर्माण की घोषणा की।

902.gr ने रिपोर्ट किया कि इन प्रदर्शनकारियों ने "नो टू नाटो प्रोटेक्शन- गेट आउट ऑफ द वूल्फ अलायंस नाउ" ,"नाटो मींस जुटा एंड वार" , "शट डाउन बेसेस एंड हेडक्वार्टर्स, गेट आउट ऑफ द उल्फ अलायंस नाउ" और"गीव मनी फॉर हेल्थ एंड नॉट फॉर नाटो स्लॉटरहाउस" जैसे नारे लगाते हुए ग्रीक संसद की ओर मार्च किया है। इन प्रदर्शनकारियों ने यूएस-नाटो-यूरोपीय संघ की साम्राज्यवादी योजनाओं से ग्रीस को हटने, देश में नाटो के ठिकानों को बंद करने, अपने क्षेत्रों और सीमाओं पर यूनानी संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए का आह्वान किया।

मंगलवार को सभा को संबोधित करते हुए, पीएएमई की ओर से ट्रेड यूनियन ऑफ एटिका एम्प्लॉइज के अध्यक्ष एफी हैलियस ने कहा कि नाटो हिडेन एंड ओवर्ट एग्रीमेंट की पुष्टि करने के लिए आए थे जो किए जा रहे हैं। नाटो भी पूर्वी भूमध्य सागर और बाल्कन में यूएस-नाटो-यूरोपीय संघ के गतिविधि में ग्रीस के परिवर्तन करने में अपनी छोटी सी भूमिका अदा करने के लिए आया था।”

ईईडीवाईई ने कहा, “SYRIZA की नई लोकतंत्र (एनडी)की सरकार, और अन्य बुर्जुआ पार्टियों का तर्क जो नाटो,अमरीका, यूरोपीय संघ को इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के कारकों के रूप में पेश करने की कोशिश करती है वहव्यवहार में समाप्त है। इसके विपरीत, यह स्पष्ट हो जाता है कि उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों का इस्तेमाल कर अपनी आर्थिक और सैन्य योजनाओं की पूरा करना है।”

अक्टूबर 2019 में यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने ग्रीस में यूएस-नाटो ठिकानों को विकसित करने और विस्तारित करने के उद्देश्य से एक रक्षा सहयोग समझौते के नए संस्करण पर हस्ताक्षर करने के लिए ग्रीस का दौरा किया था। तब, ग्रीस की कम्युनिस्ट पार्टी (केकेई)सहित साम्राज्यवाद-विरोधी समूहों ने अमेरिका-ग्रीस के सैन्य सहयोग के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था।

Greece
Anti-NATO protests in Greece
nato president in greece

Related Stories

ग्रीस में प्रगतिशीलों ने ज़ेलेंस्की के नव-नाज़ियों के साथ संसद के संबोधन को ख़ारिज किया 

तुर्की और ग्रीस में फैली विनाशकारी जंगल की आग

ग्रीस : स्वास्थ्यकर्मी इस क्षेत्र में और संसाधनों की मांग को लेकर मुखर

क्रांतिकारी जब जागते हैं, वह प्रेम के सिवा और किसी चीज़ की परवाह नहीं करते 

प्रतिबंध के बावजूद ग्रीस के लोगों ने एलेक्सेंड्रोस ग्रिगोरोपोलस को याद किया

26 नवंबर की आम हड़ताल बनी विश्व इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल

ग्रीस : कामकाजी वर्ग ने कोविड-19 के बीच स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों के लिए हड़ताल की

ग्रीस के लोगों ने पॉलिटेक्निक विद्रोह की 47वीं वर्षगांठ मनाई

ग्रीस : पब्लिक हेल्थ और सुरक्षित कार्यस्थलों की मांग करते हुए श्रमिक इकट्ठा हुए

ग्रीस के शरणार्थी शिविर में आग लगने से एक बच्चे की मौत


बाकी खबरें

  • यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 16 सीटों का हुआ नुक़सान
    एम.ओबैद
    यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान
    11 Mar 2022
    वर्ष 2017 के चुनाव नतीजों की तुलना में इस बार भाजपा को पहले दो चरणों में 18 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार उसने 91 सीट हासिल की थीं जबकि इस बार उसे 73 सीटें ही मिल पाई हैं।
  • election results
    न्यूज़क्लिक टीम
    BJP से हार के बाद बढ़ी Akhilesh और Priyanka की चुनौती !
    11 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज Abhisar Sharma चर्चा कर रहे हैं Uttar Pradesh में फिर से BJP की सरकार बनने और साथ ही बात कर रहे हैं अखिलेश यादव और प्रियंका गाँधी वाड्रा की। 2024 के चुनाव…
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना
    11 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक दल के पराजित होने या फिर उसके वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट आने का अर्थ यह नहीं होता है कि हम तुरंत उसकी राजनीतिक मृत्यु की घोषणा कर दें। लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उतनी ही मज़बूती के…
  • pakistan
    जस्टिन पॉडुर  
    पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है
    11 Mar 2022
    राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए पाकिस्तान की कोशिश के संघर्ष के केंद्र में अपनाई जा रही आतंकवाद विरोधी मॉडल की विफलता है।
  • zelsenky
    एम के भद्रकुमार
    ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया
    11 Mar 2022
    वाशिंगटन को जो रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है, वह दुनिया भर में अमेरिकी प्रतिष्ठा को कम करेगा, उसके ट्रान्साटलांटिक-नेतृत्व को कमजोर करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License