NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अपने ही पैसे के लिए तरस रहे हैं दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी, 15 को हल्ला बोल
जल बोर्ड के कर्मचारी अपने बच्चों की शादी के लिए भी अपने भविष्य निधि धन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं हाल में ही रिटायर हुए कर्मचारियों का भी कहना है कि उन्हें किसी तरह के फंड का भुगतान नहीं किया गया है।
मुकुंद झा
12 Nov 2018
delhi jal bord

दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी अपने जीवन के कमाई में से जमा किए गए पैसे को नहीं निकाल पा रहे हैं। इसको लेकर ही दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी 15 नवम्बर को दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय वरुणालय भवन पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा उनकी भविष्य निधि के लिए जमा किया जाता है जो उन्हें सेवानिवृत्ती के बाद दिया जाता है परन्तु दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारियों का कहना है कि इतिहास में पहली बार  रिटायर्ड कर्मचारियों के फंड का भुगतान नहीं हो रहा है।

मज़दूर संगठन सीटू दिल्ली के अध्यक्ष व जल बोर्ड के कर्मचारी नेता वीरेंद्र गौड़ ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की हमेशा जब कोई कर्मचारी रिटायर होता है तब उसके सभी तरह के फंड का भुगतान किया जाता रहा है पर इस 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए 65 कर्मचारियों में से 50 से अधिक कर्मचारियों को किसी भी तरह का फंड का भुगतान नहीं किया गया है।

जल बोर्ड के कर्मचारी अपने बच्चों की शादी के लिए भी अपने भविष्य निधि धन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे ही एक कर्मचारी ने  न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि उन्हें अपने लड़की की शादी करनी है, बार-बार ऑफिस के चक्कर काटने के बाद भी पैसे नहीं मिल रहे हैं। वो कहते हैं कि हम इस उम्मीद में थे हम इस भविष्य निधि के पैसे से शादी कर लेंगे परन्तु बोर्ड  के इस रवैये से परेशान हो कर अब वो मार्केट से ब्याज पर पैसा लेकर लड़की की शादी करनी पड़ रही है।

आगे वो कहते हैं कि मैं दिल्ली जल बोर्ड से कोई भीख या दया नहीं बल्कि अपनी मेहनत से कमाए हुए पैसे मांग रहा हूँ। वो मेरा  वो धन भी नहीं दे रहे जो बहुत दुखद है।

इसे भी पढ़े:- दिल्ली: जल बोर्ड की सरकारी विभागों पर इतनी कृपा क्यों?

अशोक कुमार वर्मा जो दिल्ली जल बोर्ड कर्मचारी यूनियन के महासचिव हैं उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि  दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों के फंड के पैसे का कोई हिसाब नहीं दे रहे जो संदेह पैदा करता है। वो कहते हैं जो कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं उन्हें उनकी भविष्य निधि में कितना धन जमा हुआ और उस पर कितना ब्याज है इसका कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों को एक अंदाजे से कुछ रकम दे रहे हैं और कई कर्मचारियों को तो किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है।

इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी अतुल अग्रवाल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कर्मचारियों के सभी आरोपों को खारिज़ किया और कहा दिल्ली जल बोर्ड में ऐसा कुछ नहीं है। सभी कर्मचारियों को उनके फंड का भुगतान किया जा रहा है।

इस पर दिल्ली जल बोर्ड कर्मचारी यूनियन के महासचिव अशोक कुमार वर्मा ने कहा दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी का यह कहाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्मचारियों को उनके सभी फंड का भुगतान किया जा रहा है। अगर ऐसा होता तो हमें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का शौक नहीं लगा है।

अशोक वर्मा ने बोर्ड के अधिकारियों को  दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारियों ने पिछले कुछ माह में सैकड़ों आरटीआई के माध्यम से अपने फंड के बारे में जानकारी मांगी है परन्तु बोर्ड ने कोई भी जवाब नहीं दिया है। वे कहते हैं कि अगर अधिकारी सभी कर्मचारियों के फंड का भुगतान कर रहे हैं तो वो जानकारी को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे हैं।

सीटू दिल्ली के अध्यक्ष व जल बोर्ड के कर्मचारी यूनियन के नेता वीरेंद्र गौड़ ने कहा दिल्ली जल बोर्ड जो सीधे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के अधीन है उस विभग में ऐसा होना यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वो पारदर्शिता और ईमानदारी का ढोल पीटते हैं और उनकी नाक के नीचे इस तरह का झोल चल रहा है।

ये कोई लापरवाही है या फंड घोटला, इसने कर्मचरियों के मन में बोर्ड के प्रति संदेह पैदा कर दिया है। इसका जवाब दिल्ली जल बोर्ड प्रशासन को देना होगा और सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी म्युनिस्पल वर्कर्स लाल झंडा यूनियन जिसका सम्बन्ध सीटू से है उसके बैनर तले अपने हक को मांगने के लिए के लिए जल बोर्ड मुख्यालय पर हल्ला बोलेंगे अगर प्रशासन फिर भी नहीं जगा तो आन्दोलन को और तीव्र किया जा सकता है।

 

 

 

delhi jal board
Delhi
CITU
आप
Arvind Kejriwal
भविष्यनिधि

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License