NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अपने निर्वाचन क्षेत्र के तथ्यों का पता लगाएँ
फ़ैक्टचेकर ने इंडियास्पेंड और न्यूज़क्लिक के साथ मिलकर आपके अपने निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में जानकारी देगा, एक ऐसा उपकरण जो संसदीय सीटों के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को मैप करेगा और उन्हे इंटरैक्टिव मैप के रूप में पेश करेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Apr 2019
Translated by महेश कुमार
अपने निर्वाचन क्षेत्र के तथ्यों का पता लगाएँ

लोकसभा चुनाव का मौसम चल रहा है और आपको राजनीतिक क्षेत्र के सभी पक्षों की बयानबाज़ी, वादों और घोषणापत्रों की बमबारी का सामना करना पड़ रहा है। पाँच साल की परंपरा या एक तरह के अनुष्ठान की कवायद के रूप में, इस चुनावी मौसम में भी, पार्टियों और उम्मीदवारों ने उन सभीचीज़ों के बारे में दावे किए हैं, जो उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अर्जित की है। लेकिन, वास्तव में जमीन पर हक़ीक़त क्या है? क्या फ़लां सांसद ने फ़लां निर्वाचन क्षेत्र बनाया है जहाँ वो लगातार 3 बार चुने गए हों? क्या उन्होंने अपने क्षेत्र में सरकारी स्कूल, अस्पताल और सड़कों का निर्माण किया? क्या उन्होंने आम जनता की आजीविका में सुधार करने के लिए कोई भी क़दम उठाया है?  

यहाँ हमारे पास एक ऐसा उपकरण है जो आपको आपके निर्वाचन क्षेत्र के बारे में कुछ तथ्यों की जांच करने में मदद करता है – शायद यह आपके अंदर के मतदाता को सुचना के आधार पर निर्णय लेने में मदद कर सकता है। इंडियास्पेंड और न्यूज़क्लिक के सहयोग से फ़ैक्टचेकर आपके लिए नियमित रूप से एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को मैप करने वाला उपकरण ले कर आया है।

आपके निर्वाचन क्षेत्र और आपके क्षेत्र में ज्वलंत मुद्दे क्या हैं? - आख़िरकार जब हम वोट देते हैं, हम उन मुद्दों पर वोट देते हैं जो हमारे लिए मायने रखते हैं।
क्या स्वास्थ्य देखभाल की लागत बहुत अधिक है? आपके निर्वाचन क्षेत्र को अधिक सार्वजनिक अस्पतालों की आवश्यकता हो सकती है? आप इस मैप पर जा कर चेक कर सकते हैं। नक्शे के बाईं ओर जनसांख्यिकी और आर्थिक संकेतक बॉक्स पर क्लिक करें, और शीर्ष दाईं ओर ड्रॉप डाउन से स्वास्थ्य व्यय पर किसी भी संकेतक को चुने। आप अस्पताल में भर्ती होने की लागत या स्वास्थ्य पर जेब से ख़र्च से पर क्लिक कर सकते हैं। प्रदर्शित भारत के नक्शे में पसंद के निर्वाचन क्षेत्र पर नज़र डालें और आपको दाईं ओर सभी प्रासंगिक तथ्य दिखाई देंगे।

प्रति अस्पताल में औसत व्यय (ग्रामीण) 

Map-1.jpg

क्या आपके क्षेत्र के बच्चों को पर्याप्त भोजन मिल रहा है और अच्छी तरह से विकास हो रहा है या इसके बारे में कुछ किया जाना चाहिए? क्या मध्याह्न भोजन योजना को बेहतर तरीक़े से लागू करने की आवश्यकता है? क्या उस क्षेत्र के गाँवों में ज़्यादा आंगनवाड़ियाँ होनी चाहिए? आप मानचित्र के बाईं ओर स्थित स्वास्थ्य संकेतक बॉक्स पर क्लिक कर सकते हैं और ड्रॉप डाउन से एक संकेतक चुन सकते हैं - यह बच्चों में पाए जाने वाले कम वज़न के बच्चे या शिशु मृत्यु दर या किसी अन्य संकेतक ढूँढ सकते हैं।

बच्चों में कम वज़न वाले बच्चे (5 की उम्र के भीतर)

Map-2.jpg

क्या आपके क्षेत्र में परिवार की आय बहुत कम है? बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र को सार्वजनिक परियोजनाओं और रोज़गार योजनाओं की आवश्यकता हो सकती है? जनसांख्यिकी-आर्थिक संकेतक बॉक्स पर क्लिक करें और प्रति व्यक्ति मासिक ख़र्च को चुनें, जिसे ड्रॉप डाउन से मासिक आय के लिए एक प्रॉक्सी के रूप में उपयोग किया जाता है।

महीने वार प्रति व्यक्ति व्यय (ग्रामीण) 

Map-3.jpg

ऐसे कई संकेत हैं जिन्हे आप निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे पर देख सकते हैं, जो आपको निर्वाचन क्षेत्र में विकास की स्थिति का कुछ आभास देगा। ये सभी संकेतक एनएफ़एचएस और एनएसएसओ जैसी सार्वजनिक रूप से सुलभ डेटा रिपॉज़िटरी और सांख्यिकीय एजेंसियों से लिए गए हैं। वह कार्यप्रणाली जिसके द्वारा इन विभिन्न स्रोतों के डाटा को निर्वाचन क्षेत्र के संकेतकों में परिवर्तित किया जाता है – फ़ैक्टचेकर-इंडियास्पेंड-न्यूज़क्लिक टीम द्वारा आप तक लाया गया है। 
इसको यहाँ भी पढ़ा जा सकता है। आपको बस ''अबाउट" बॉक्स पर क्लिक करना होगा।

Constituency
2019 Lok Sabha elections
Manifestos
Voter
NFHS
nsso

Related Stories

अब झूठ मत बोलिए, सरकारी आंकड़ें बोलते- मुस्लिम आबादी में तेज़ गिरावट

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया

जनसंख्या के बढ़ते दबाव के लिए कोई भी धर्म कितना ज़िम्मेदार है?

NRHC योजना: किराये के आवास से जुड़े मुद्दों को हल करने की असफल कोशिश

प्रधानमंत्री जी! न आंदोलन षड्यंत्र है, न किसान आपके शत्रु!

कृषि व्यापार में अनियंत्रित कॉरपोरेट प्रवेश के निहितार्थ

बच्चों में बढ़ता कुपोषण, कोरोना अपडेट और अन्य

क्या रोज़ी-रोटी के संकट से बढ़ गये हैं बिहार में एनीमिया और कुपोषण के मामले?

बच्चों में बढ़ता कुपोषण और मोटापा चिंताजनक!


बाकी खबरें

  • yogi
    विजय विनीत
    अखिलेश बनाम योगीः यूपी की चुनावी लड़ाई में अब पूजा-अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और जाप की एंट्री!
    07 Jan 2022
    यूपी में सत्ता की चाबी हथियाने के लिए सियासी लड़ाई के तौर-तरीकों में पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र, टोना-टोटका के साथ अब जाप का पाखंड भी शामिल हो गया है। अखिलेश यादव के समर्थकों ने हरदोई के एक दुर्गा मंदिर…
  • banaras
    विजय विनीत
    बनारस में विहिप और बजरंग दल बेलगाम, गंगा घाटों के किनारे लगाए 'ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर
    07 Jan 2022
    बनारस में जो नदी आठों पहर अमनपसंद लोगों के पांव पखारती रही है, उस गंगा के आंचल में विहिप और बजरंग दल ने ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वाले विवादित पोस्टर लगाए हैं। ये संगठन अब अपनी काली…
  • US
    जॉन मार्शल
    एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा
    07 Jan 2022
    सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को अमेरिकी लोकतंत्र की एक शानदार मिसाल के तौर पर देखा जाता रहा है। लेकिन, यह व्यापक धारणा 6 जनवरी, 2021 को अपनी बुनियाद के साथ हिल गयी थी।
  • Punjab security lapse
    लाल बहादुर सिंह
    पीएम को राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब और किसानों के ख़िलाफ़ भावनाएं भड़काने से बाज़ आना चाहिए
    07 Jan 2022
    पंजाब का 5 जनवरी का नाटकीय घटनाक्रम आने वाले दिनों की बड़ी घटनाओं का ट्रेलर साबित हो सकता है।
  • Cofee beans
    निखिल करिअप्पा
    अरेबिका कॉफ़ी के दाम सबसे ज़्यादा, पर छोटे किसान को नहीं मिल रहा फ़ायदा
    07 Jan 2022
    भारी बारिश और फ़सल के नुकसान के कारण उन छोटे किसानों को बड़ा घाटा हुआ है जो बड़े पैमाने पर रोबस्टा कॉफ़ी उगाते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License