NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था का संकट: एक बार फिर कॉरपोरेट को बड़ी छूट, 10 प्रतिशत तक कम हुए कंपनी कर
सरकार ने ये कदम ऐसे समय उठाये हैं जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी है। इन घोषणाओं से निवेश को प्रोत्साहन मिलने तथा रोजगार सृजन को गति मिलने का दावा किया जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Sep 2019
finanace minister nirmala sitaraman
Image courtesy:Social News XYZ

सरकार ने भी अब लगभग मान लिया है कि अर्थव्यवस्था का संकट बड़ा है। यही वजह है कि सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के नाम पर चौथी बार कॉरपोरेट को राहत दी गई है।

सरकार ने शुक्रवार को कई बड़ी घोषणाएं की। इन घोषणाओं में कंपनियों के लिये आयकर की दर करीब 10 प्रतिशत घटाकर 25.17 प्रतिशत करना तथा नयी विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर घटाकर 17.01 प्रतिशत करना शामिल है।

सरकार ने ये कदम ऐसे समय उठाये हैं जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी है। इन घोषणाओं से निवेश को प्रोत्साहन मिलने तथा रोजगार सृजन को गति मिलने का दावा किया जा रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये घोषणाएं करते हुए कहा कि इन बदलावों को आयकर अधिनियम के लिये एक अध्यादेश के जरिये अमल में लाया जाएगा।

उन्होंने गोवा की राजधानी पणजी में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि तथा निवेश को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान किया गया है, जो वित्त वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा। इससे किसी भी घरेलू कंपनी को 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसके लिये शर्त होगी कि वे किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले सकेंगी।’’

अधिशेषों और उपकर को मिलाकर इसकी प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी।

तीस प्रतिशत कंपनी कर की दर पर कॉरपोरेट कर की मौजूदा प्रभावी दर 34.94 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, ‘‘विनिर्माण क्षेत्र में नया निवेश आकर्षित करने तथा मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में नये प्रावधान किये गये हैं। इससे एक अक्टूबर 2019 या इसके बाद गठित किसी भी कंपनी को विनिर्माण में निवेश करने तथा 31 मार्च 2023 से पहले परिचालन शुरू करने पर 15 प्रतिशत की दर से आयकर भरने का विकल्प मिलेगा।’’

इन कंपनियों के लिये प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी।

फिलहाल नइ्र कंपनियों के लिये 25 प्रतिशत के कर पर प्रभावी दर 29.12 प्रतिशत है।

इसके साथ ही कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान नहीं करना होगा।

सीतारमण ने कहा कि यदि कोई कंपनी कम की गयी दरों पर भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनती है और कर छूट एवं प्रोत्साहन का लाभ उठाती है तो वह पुरानी दरों पर भुगतान करना जारी रखेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ये कंपनियां छूट व प्रोत्साहन की अवधि समाप्त होने के बाद संशोधित दरों का विकल्प चुन सकती हैं।’’

छूट व प्रोत्साहन का लाभ जारी रखने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को राहत देने के लिये न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी।

इसके साथ ही सीमारमण ने पांच जुलाई को अपने पहले बजट में आय पर अधिक अधिभार के रूप में घोषित धनाढ्यों पर उच्च दर से लगने वाली कर समाप्त करने की भी घोषणा की। इसके तहत अब प्रतिभूति लेन-देन कर की देनदारी वाली कंपनियों के शेयर की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर उच्च दर से अधिभार का भुगतान नहीं करना होगा।

इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर धनाढ्य-उपकर समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

वित्तमंत्री ने एक अन्य राहत देते हुए कहा कि जिन सूचीबद्ध कंपनियों ने पांच जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें भी किसी प्रकार का कर नहीं देना होगा।

उन्होंने कहा कि दर कम करने तथा अन्य घोषणाओं से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है।

हालांकि उन्होंने इन नयी घोषणाओं का राजकोषीय घाटा के लक्ष्य पर असर पड़ने संबंधी सवाल को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि

सरकार वास्तविकता के प्रति सजग है और वह बाद में आंकड़ों में सामंजस्य बिठाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले वित्तमंत्री तीन किस्तों में राहत की घोषणा कर चुकी हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वित्त मंत्री की आज की घोषणा से अर्थव्यवस्था को आवश्यक गति मिलेगी।

वित्तमंत्री की घोषणा के बाद कारोबार के दौरान रुपया 66 पैसे उछलकर 70.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

वित्त मंत्री की घोषणाओं की मुख्य बातें :

...आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान किया गया है, जो वित्त वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा। इससे किसी भी घरेलू कंपनी को 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसके लिये शर्त होगी कि वे किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लेंगे।

... उपकर और अधिभार समेत इन कंपनियों के लिये प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी। साथ ही ऐसी कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान नहीं करना होगा।

...विनिर्माण क्षेत्र में नया निवेश आकर्षित करने तथा मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में एक और नया प्रावधान किया गया है। इससे एक अक्टूबर 2019 या इसके बाद गठित किसी भी कंपनी को विनिर्माण में निवेश करने पर 15 प्रतिशत की दर से आयकर भरने का विकल्प मिलेगा। यह लाभ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जो कोई अन्य प्रोत्साहन या छूट नहीं लेंगे और 31 मार्च 2023 से पहले परिचालन शुरू करेंगे।

...इन कंपनियों के लिये अधिशेष और उपकर समेत प्रभावी कर की दर 17.01 प्रतिशत होगी। साथ ही इन कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर देने की जरूरत नहीं होगी।

...यदि कोई कंपनी कम की गयी दरों पर भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनती है और कर छूट एवं प्रोत्साहन का लाभ उठाती है, तो वह पुरानी दरों पर भुगतान करना जारी रखेंगी। ये कंपनियां छूट व प्रोत्साहन की अवधि समाप्त होने के बाद संशोधित दरों का विकल्प चुन सकती हैं। विकल्प चुनने के बाद उनके लिये प्रभावी कर की दर 22 प्रतिशत होगी। एक बार विकल्प चुन लेने के बाद उन्हें उसमें बने रहना होगा।

... छूट व प्रोत्साहन का लाभ जारी रखने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को राहत देने के लिये न्यूनतम वैकल्पिक कर की दर 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी।

...पूंजी बाजार में निवेश प्रवाह को बढ़ाने के लिये वित्त कानून, 2019 के जरिये लागू ‘बढ़ी हुई दर से अधिभार’ अब प्रतिभूति लेन-देन करने वाली कंपनियों के शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर नहीं लगेगा।

...साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर बढ़ी हुई दर से लगाया गया अधिभार अब नहीं लगेगा।

...सूचीबद्ध कंपनियों को भी राहत दी गयी है। इसके तहत जिन सूचीबद्ध कंपनियों ने पांच जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें उसके लिये कर नहीं देना होगा।

...सरकार ने सीएसआर का दायरा भी बढ़ाया है। कंपनियों को अब कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत दो प्रतिशत राशि केंद्र या राज्य सरकार या किसी एजेंसी अथवा सार्वजनिक लोक उपक्रमों द्वारा वित्त पोषित इनक्यूबेशन (पालना केंद्र), विज्ञान, प्रौद्याोगिकी, इंजीनियरिंग या औषधि के क्षेत्र में शोध कर रहे सरकार से वित्त पोषित विश्वविद्यालयों, आईआईटी, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और डीआरडीओ, आईसीएआर जैसे संस्थानों के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त निकायों पर खर्च करने की भी छूट दी गयी है।

...इन घोषणाओं से सरकारी खजाने पर 1,45,000 करोड़ रुपये का असर पड़ने का अनुमान है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

economic crises
corporate
GDP growth-rate
Finance minister Nirmala Sitharaman
modi sarkar
share market

Related Stories

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी

कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि

किसान आंदोलन: मुस्तैदी से करनी होगी अपनी 'जीत' की रक्षा

रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 

जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह

यूपी चुनाव को लेकर बड़े कॉरपोरेट और गोदी मीडिया में ज़बरदस्त बेचैनी

एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी


बाकी खबरें

  • Modi
    राज कुमार
    ‘दमदार’ नेता लोकतंत्र कमजोर करते हैं!
    07 Mar 2022
    हम यहां लोकतंत्र की स्थिति को दमदार नेता के संदर्भ में समझ रहे हैं। सवाल ये उठता है कि क्या दमदार नेता के शासनकाल में देश और लोकतंत्र भी दमदार हुआ है? इसे समझने के लिए हमें वी-डेम संस्थान की लोकतंत्र…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 22 महीने बाद 5 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    07 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 4,362 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 54 हज़ार 118 हो गयी है।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    ज़्यादातर राज्यों में एक कार्यकाल के बाद गिरता है बीजेपी का वोट शेयर
    07 Mar 2022
    हालांकि 'डबल इंजन' वाली सरकारों को फ़ायदेमंद बताकर प्रचारित किया जाता है, मगर आंकड़े कुछ और ही बताते हैं।
  • New pension scheme
    न्यूज़क्लिक टीम
    New Pension Scheme पर गुस्सा फूटा, महंगाई मारक, मोदी मैजिक नहीं चला
    06 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने घोसी विधानसभा में अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों से बात की। New Pension Scheme पर नाराजगी फूटी, बासफोर समाज में वंचना की मार, भाजपा को मोदी का भरोसा।
  • communalism
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोधरा, भाजपा और देश में बढ़ती सांप्रदायिकता
    06 Mar 2022
    कुछ ऐसी घटनाएं होती है जो न केवल समाज बल्कि पूरे देश की दिशा बदल देते हैं। उनमें से एक है गोधरा त्रासदी। इतिहास के पन्ने के इस अंक में नीलांजन बात कर रहे हैं उसी घटना की और कैसे गोधरा त्रासदी ने देश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License