NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आसा योजना: मोदी सरकार की किसानों के साथ नई धोखाधड़ी
अनाज खरीदी में निजी क्षेत्र के प्रवेश से किसानों की बढ़ेगी लूटI खतरे में पड़ जायेगी हमारे देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरताI – किसान सभा
हस्तक्षेप
15 Sep 2018
Agricultural Crisis india

रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कल घोषित 'अन्नदाता आय संरक्षण अभियान' योजना को मोदी सरकार की किसानों के साथ नई धोखाधड़ी करार दिया है और कहा है कि इससे हमारे देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता ही खतरे में पड़ जायेगीI

आज यहां जारी एक बयान में छग किसान सभा के महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के वादे से मुकरने के बाद अब यह सरकार किसानों का अनाज खरीदने की न्यूनतम जिम्मेदारी से ही हाथ खींच रही हैI खरीदी व मूल्य गारंटी के नाम पर निजी और कॉर्पोरेट क्षेत्र के प्रवेश से किसानों की लूट और बढ़ेगीI इसके ऊपर से, अब समर्थन मूल्य से वंचित किसानों से 15% जीएसटी भी वसूला जाएगाI

किसान नेता ने कहा है कि चुनाव के दौरान भाजपा का वादा था कि किसानों के अनाज का एक-एक दाना समथन मूल्य पर खरीदेंगेI इस वादे को पूरा करने के लिए हमारे देश का किसान आंदोलन कानून बनाने की मांग कर रहा हैI लेकिन अब यह योजना भाजपाई वादे के विपरीत हैI इस योजना के अमल में आने से किसानों की आय दुगुनी तो होगी नहीं, घटकर आधी रह जायेगी और कृषि छोड़ने वाले किसानों की रफ़्तार और ज्यादा तेज हो जायेगीI

किसान सभा ने सभी फसलों को लागत के डेढ़ गुना मूल्य पर सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे जाने को सुनिश्चित करने, क्रिसाही उपज मंदी में खरीदी की व्यवस्था को दुरूस्त करने तथा घोषित समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदने वालों को दंडित करने, अनाज व्यापार में सट्टा-बाज़ार पर रोक लगाने और सार्वजानिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाकर उसे सुदृढ़ करने की मांग की हैI

किसान सभा ने इस मुद्दे पर सभी किसान संगठनों से बातचीत कर अभियान/आंदोलन छेड़ने का फैसला किया हैI

Courtesy: हस्तक्षेप ,
Original published date:
14 Sep 2018
kisan
kheti sankat
kisan sabha
Chhattisgarh
modi sarkar

Related Stories

छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी

लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा

छत्तीसगढ़: खैरागढ़ विधानसभा सीट के लिए मंगलवार को मतदान, तैयारी पूरी

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

छत्तीसगढ़: आदिवासियों के फ़र्ज़ी एनकाउंटर वाले एड़समेटा कांड को 9 साल पूरे, माकपा ने कहा दोषियों पर दर्ज हो हत्या का मामला 


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License