NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कला
भारत
राजनीति
असहमति पर बढती हिंसा अकल्पनीय: उदय प्रकाश
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
20 Oct 2015

न्यूज़क्लिक ने हिंदी के वरिष्ठ लेखक उदय प्रकाश से अनेक लेखकों द्वारा साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाए जाने पर चर्चा की. इसकी शुरुआत उदय प्रकाश ने एम.एम.कालबुर्गी की हत्या के विरोध में पुरस्कार लौटा कर की थी. उदय प्रकाश  ने बताया कि वर्तमान समय में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर जो लगातार हमले किए जा रहे हैं वह अकल्पनीय हैं. वर्तमान सरकार ने इस पर चुप्पी साध कर इसे बढ़ावा देने का काम किया है. साथ ही उनके अनुसार पुरस्कार लौटते समय उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि यह इतने बड़े विरोध का रूप लेगा पर इससे यह स्पष्ट होता है कि जनमानस में कितना रोष है. उदय प्रकाश यह मानते हैं कि वर्तमान समय में स्वायत्त संस्थानों और सरकार में कोई फर्क नहीं रह गया है और इसका उदहारण है कालबुर्गी की हत्या पर साहित्य अकादमी का मौन रहना. उन्होंने साहित्यकारों और कला के जरिये प्रतिरोध को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की. 

                                                                                                                                

उदय प्रकाश
एम.एम.कालबुर्गी
दाभोलकर
पानसरे
नयनतारा सहगल
शशि देशपांडे
भाजपा
नरेन्द्र मोदी
आर.एस.एस

Related Stories

“ अखंड भारत ” बनाम भारत


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!
    05 May 2022
    महंगाई की मार भी गज़ब होती है। अगर महंगाई को नियंत्रित न किया जाए तो मार आम आदमी पर पड़ती है और अगर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जाए तब भी मार आम आदमी पर पड़ती है।
  • एस एन साहू 
    श्रम मुद्दों पर भारतीय इतिहास और संविधान सभा के परिप्रेक्ष्य
    05 May 2022
    प्रगतिशील तरीके से श्रम मुद्दों को उठाने का भारत का रिकॉर्ड मई दिवस 1 मई,1891 को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरूआत से पहले का है।
  • विजय विनीत
    मिड-डे मील में व्यवस्था के बाद कैंसर से जंग लड़ने वाले पूर्वांचल के जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल के साथ 'उम्मीदों की मौत'
    05 May 2022
    जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल की प्राण रक्षा के लिए न मोदी-योगी सरकार आगे आई और न ही नौकरशाही। नतीजा, पत्रकार पवन जायसवाल के मौत की चीख़ बनारस के एक निजी अस्पताल में गूंजी और आंसू बहकर सामने आई।
  • सुकुमार मुरलीधरन
    भारतीय मीडिया : बेड़ियों में जकड़ा और जासूसी का शिकार
    05 May 2022
    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय मीडिया पर लागू किए जा रहे नागवार नये नियमों और ख़ासकर डिजिटल डोमेन में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों की एक जांच-पड़ताल।
  • ज़ाहिद ख़ान
    नौशाद : जिनके संगीत में मिट्टी की सुगंध और ज़िंदगी की शक्ल थी
    05 May 2022
    नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर करते हैं। नौशाद की पुण्यतिथि पर पेश है उनके जीवन और काम से जुड़ी बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License