NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आसिफा और उन्नाव रेप मामले में क्या कह रहा है विदेशी मीडिया ?
देश भर से आती रेप की ख़बरों पर विदेशी मीडिया थू थू कर रहा है, मगर हमारे आला अधिकारी ज़बान पर ताला लगाए बैठे है।
प्रीति यादव
13 Apr 2018
jammu and kashmir

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रहने वाली आठ साल की आसिफा बानो का मंदिर में सामूहिक बलात्कार होता है। बाद में इस भयानक अपराध के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया जाता है। उनमें से चार आरोपी पुलिस अधिकारी इस केस की जांच से जुड़े हुए हैं। वहीं कुछ वकील, राजनीतिज्ञ और दक्षिणपंथी हिंदूसेना द्वारा समर्थित नागरिक तिरंगा के साथ रैली निकालते हैं और आरोपी लोगों की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हैं।

दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव की है, जिसमें बीजेपी पार्टी के सांसद कुलदीप सिंह सेगर पर एक महिला के बलात्कार का आरोप है। पीड़ित महिला ने सीएम आवास के घर के बाहर न्याय की मांग करते हुए ख़ुदकुशी करने की कोशिश की। पीड़िता के पिता को शिकायत करने के कारण पुलिस हिरासत में लेती है, जिससे बाद उनकी जेल में ही मौत हो जाती है। मगर इस पूरे मसले पर विधायक जी को निर्दोष साबित करने में पूरी कानून व्यवस्था लगी है।

इन सभी घटनाओं के बाद देश भर में गुस्सा है, मगर सरकार की तरफ से कोई कड़ी कार्यवाई नहीं की गई। इन्हीं सब मुद्दों पर भारतीय मीडिया में तो गुस्सा है साफ दिख रहा है मगर विदेशी मीडिया का इन घटनाओं पर क्या रुख़ रहा पढ़िए नीचे-

वाशिंगटन पोस्ट- ने लिखा की कैसे हिंदूत्वादी लोग इन जधन्य अपराधों के समर्थन में उतर रहें है और समर्थन में भारत के राष्ट्रीय धव्ज़ तिरंगे का इस्तेमाल कर रहें हैं। कठुआ और उन्नाव अब सिर्फ भारत का मुद्दा नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर इन घटनाओं की भर्तस्ना की जा रही है। मौजूदा सरकार भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिया गया नारा- “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” अब उन्हीं के लिए शर्म की बात बनता जा रहा है। इसके अलावा वाशिंगटन पोस्ट ने आसिफा के केस से संबंधित लिखा कि- भारत में हिंदू- मुस्लिम समुदायों के बीच की विनम्र दूरी 2014 के बीजेपी में सत्ता में आने के बाद से चौड़ी खाई बनती दा रही है। क्योंकि 2014 के बाद से हिंदू उग्रवादी समूहों द्वारा भारत की 13 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी पर सामप्रदायिक हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है।

अल जज़ीरा- ने आसिफा के केस पर लिखा की जिस तरह जम्मू के बकरवाल समुदाय को हिंदूवादी लोगों द्वारा परेशान किया जा रहा है, जिसकी शिकार आठ साल की मासूम आसिफा बनी। अल जज़ीरा ने लेखक नियाज़ फ़ारूखी की किताब – An OrdinaryMan’s Guide to Radicalism: Growing up Muslim in India के माध्यम से लिखा कि- मोदी के सत्ता मे आने के बाद हिंदू- मुस्लिम समुदायों में सामप्रदायिक हिंसाएं बढ़ी है। भारत में 170 मिलियन मुस्लिम जनता है जिनको तरह तरह की हिसंक घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है जैसे- बीफ़, गाय काटना आदी। साथ ही मुसलमानों को तरह तरह से चिन्हित किया जाता है जैसे- देशद्रोही,पाकिस्तानी, आतंकवादी आदी। उन्नाव केस से संबंधित अल जजीरा ने लिखा कि- एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय महिलाओं को यौन उत्पीड़न की शिकायत के समय और शिकायत वापस लेने के बाद भी नियमित रुप से पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है।

न्यूयॉर्क टाईम्स- ने लिखा कि भारत में आठ साल की बच्ची के बलात्कार से सामप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। मुस्लिम विरोधी प्रदर्शनकारियों ने ज्म्मू के कठुआ जिले के काफी हिस्सों में हिंसा की साथ ही प्रदर्शन कर रही एक हिंदू महिला ने कहा कि- “वो हिंदू लड़का जिसे एक मुस्लिम बच्ची के बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, उसे रिहा नहीं किया गया तो मैं खुद को आग के हवाले कर दूंगी”। न्यूयॉर्क टाईम्स ने आगे लिखा कि - हिंदू राष्ट्रवादी लोग आरोपी के समर्थन में रैली निकाल रहे हैं बजाय आसिफा के इंसाफ की मांग के।

द गार्जियन- ने प्रधानमंत्री मोदी के बलात्कार की घटनाओं पर चुप्पी साधने पर तंज कसा। गार्जियन ने लिखा की– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कट्टर हिंदू राष्ट्रवादी है जिन्होंनें अभी तक इन घटनाओं पर न ही कोई बयान दिया और न ही कोई कार्यवाही का आश्वासन दिया, जबकि प्रधानमंत्री की पार्टी के ही नेता उन्नाव बलात्कार केस के मुख्य आरोपी है और आसिफा केस में इन्हीं की पार्टी के नेता और कुछ बीजेपी समर्थित वकील आरोपी के समर्थन में रैली निकालते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष के संसद में रुकावट पैदा करने से नाराज़ एक दिन का उपवास रखने में व्यस्त हैं।

आसिफा
ऊनाओ

Related Stories

कम्युनल-फ़ासिस्ट ताकतों ने देश पर कब्ज़ा कर लिया है : उर्मिलेश

आसिफा के माता-पिता ने न्यूज़क्लिक के साथ पूरी घटना पर की बातचीत

आसिफा रेप और हत्या मामलाः किस तरह योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • alcohol
    अजय कुमार
    केवल शराबबंदी नहीं, बल्कि बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी बढ़ाने से शराब की लत से मिलेगा छुटकारा 
    25 Nov 2021
    बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी, देश की औसत आमदनी की महज 33 फ़ीसदी है। बिहार के कई इलाके अफ्रीका से भी ज्यादा गरीब हैं। ऐसे में शराब से छुटकारा पाने के लिए कैसे केवल शराबबंदी कारगर उपाय हो सकती है?
  • daily round up
    न्यूज़क्लिक टीम
    कृषि क़ानूनों की वापसी को कैबिनेट में मंज़ूरी, दिल्ली वायु प्रदूषण और अन्य ख़बरें
    24 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कैबिनेट ने दी कृषि क़ानून वापसी को मंज़ूरी, दिल्ली वायु प्रदूषण और अन्य ख़बरों पर।
  • यूरोप और अन्य देशों में कोरोना से बढ़ती मौतें और उसकी वजह
    यूरोप और अन्य देशों में कोरोना से बढ़ती मौतें और उसकी वजह
    24 Nov 2021
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ यूरोप और अन्य देशों में बढ़ते काेरोना के मामले और उसके कारण हो रहे मौतें पर बात करेंगे और यह समझने की कोशिश करेंगे कि इसके पीछे क्या कारण हैं। टीकाकरण को लेकर जो आशंकाएँ हैं…
  • k
    भाषा
    14 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में आधी से अधिक महिलाओं, बच्चों में ख़ून की कमी : सर्वेक्षण
    24 Nov 2021
    भारत एवं 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य विषयों के प्रमुख संकेतकों से जुड़े तथ्य बुधवार को सरकार द्वारा 2019-21 एनएफएचएस -5…
  • School
    भाषा
    वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे
    24 Nov 2021
    गैर ज़रूरी सामान लेकर आने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक तीन दिसंबर तक जारी रहेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License