NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम सीरियल ब्लास्ट में रंजन दैमारी सहित 15 दोषी करार
30 अक्टूबर, 2008 को असम में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में 88 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 540 अन्य घायल हुए थे।
आईएएनएस
28 Jan 2019
NDFB Chairman Ranjan Daimary
सीरियल ब्लास्ट का मुख्य आरोपी एनडीएफबी प्रमुख रंजन दैमारी।

गुवाहाटी : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक विशेष अदालत ने 30 अक्टूबर, 2008 को असम में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के प्रमुख रंजन दैमारी सहित 15 लोगों को दोषी ठहराया है। दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। दैमारी इस सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी था, जिसमें 88 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 540 अन्य घायल हुए थे। विस्फोट गुवाहाटी के गणेशगुरी, पानबाजार व कचहरी क्षेत्र में और बारपेटा, कोकराझार ओर बोंगाईगांव में करीब-करीब एकसाथ हुए थे।

केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने 2009 में एनडीएफबी प्रमुख और 22 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। आरोप-पत्र में 650 प्रत्यक्षदर्शियों के नाम थे और पोस्ट-मार्टम रपटें, पकड़े गए लोगों की कबूलनामे, कुछ आरोपियों द्वारा कॉल की जानकारी समेत 682 दस्तावेज शामिल थे।

अभियोजन के अनुसार, कुल मिलाकर नौ विस्फोट किए गए थे, जिसमें से गुवाहाटी में हुए तीन विस्फोटों में 53 लोग मारे गए थे, कोकराझार में हुए तीन विस्फोट में 20 लोग और बारपेट में हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे। बोंगईगांव में हुए विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ था।

दैमारी को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था और मई 2010 में उसे भारतीय अधिकारियों को सुपूर्द कर दिया गया था।

डी.आर. नाबला के रूप में भी पहचाने जाने वाले दैमारी ने तीन अक्टूबर, 1986 को बोरो सुरक्षा बल का गठन किया था और बाद में इसका नाम बदलकर एनडीएफबी कर दिया था। संगठन ने हालांकि 2005 में भारत सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता किया था, लेकिन उसने प्राय: समझौते का उल्लंघन किया।

जांच एजेंसी द्वारा 2008 में सिलसिलेवार बम विस्फोट में दैमारी को नामजद करने के बाद संगठन दो भागों में बंट गया था। संगठन ने इसके साथ ही दैमारी को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद उसने एनडीएफबी (रंजन) नामक गुट बना लिया।

सिलसिलेवार विस्फोट में दैमारी के खिलाफ कुल 14 मामले दर्ज किए गए। सीबीआई ने यह देखते हुए कि वह सरकार के साथ शांति वार्ता में भाग ले रहा है, उसकी सशर्त जमानत पर कोई आपत्ति नहीं की थी, जिसके बाद उसे 2013 में जमानत दे दी गई थी।

asam
Guwahati
Assam serial blasts
NDFB
Ranjan Daimary
असम
असम सीरियल ब्लास्ट

Related Stories

क्या भाजपा का एकरंगी नज़रिया असम और मिज़ोरम के तनाव को कम कर पाएगा?

असम: 'उद्योग बचाओ और मज़दूर बचाओ' का संयुक्त संघर्ष बना व्यापक

असम में 6.4 तीव्रता के भूकंप के झटके

असम में पोलिंग बूथ पर हेराफेरी, उत्तरी गुवाहाटी के मतदाताओं का हाल और अन्य ख़बरें

असम चुनावः भाजपा को हांफ़ना पड़ गया विपक्ष और मुद्दों के आगे

नाम हिमा, उम्र 19 साल, हौसला आसमान से भी ऊंचा

भारतीय वायुसेना का विमान लापता, 13 लोग सवार

माहवारी से जुड़ी वर्जना तोड़ते गुवाहाटी के भित्तिचित्र

चक्रवाती तूफान फानी कमज़ोर पड़ा, ओडिशा में मरने वालों की संख्या 12 हुई

#चुनाव2019 : पूर्वोत्तर के गठबंधनों की समीक्षा


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License