NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आसमान में भी 'धारा-144’! गुजरात विद्यापीठ में विरोध की पतंग उड़ाने से रोका
CAA-NPR-NRC के विरोध में विद्यार्थियों ने ये तय किया था कि वे नारे लिखी पतंगें उड़ाएंगे लेकिन गुजरात सरकार को यह भी नहीं बर्दाश्त हुआ। गुजरात विद्यापीठ के मौजूदा डायरेक्टर राजेंद्र खिमानी ने कैंपस में पुलिस बुला ली और पुलिस ने इस विरोध की 'पतंगबाज़ी' को रोक दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jan 2020
gujrat

संशोधित नागरिकता कानून को लेकर देश भर में विरोध के नए-नए तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। मकर संक्रांति के मौके पर अहमदाबाद की गुजरात विद्यापीठ के विद्यर्थियों और नागरिक समाज के लोगों ने नए ढंग से सीएए और एनआरसी पर अपना विरोध दर्ज कराने की कोशिश की। इनके विरोध का तरीका बहुत अधिक रचनात्मक और आकर्षक था। इन्होंने यह तय किया था कि मकर संक्रांति के दिन संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी विरोधी नारे लिखे हुई पतंगों को आकाश में उड़ाएंगे।लेकिन गुजरात सरकार को यह भी नहीं बर्दाश्त हुआ। गुजरात विद्यापीठ के मौजूदा डायरेक्टर राजेंद्र खिमानी ने कैंपस में पुलिस बुला ली और पुलिस ने इस विरोध की 'पतंगबाज़ी' को रोक दिया।

प्रोफेसर राजेंद्र खिमानी का कहना है कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय प्रशासन की इजाज़त के बिना ऐसा करने जा रहे थे। जबकि हकीकत यह है कि गुजरात विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस आयोजन के लिए अनुमति लेने की कोशिश की थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इजाजत देने से इंकार कर दिया था। फिर भी विद्यार्थियों ने आयोजन करने का फैसला किया। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें लगा कि नवरात्रि और होली पर विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजन होते रहते हैं तो मकर संक्रांति को क्यों नहीं हो सकता?

पुलिस के रोकने के बाद भी कुछ विद्यार्थी वहीं पर डटे रहे। इन विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय गेट के सामने राष्ट्रगान गाया और विश्वविद्यालय मैदान में आकर विरोध दर्ज करने वाली पतंगों को उड़ाया।

पीटीआई की ख़बर के तहत गुजरात विद्यापीठ के अलावा गुजरात के दूसरे जगहों पर भी मकर संक्रांति के दिन संशोधित नागरिकता कानून के विरोध और समर्थन में पतंग उड़ाई गई। विरोधियों और समर्थकों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी लेकिन स्थानीय नेताओं के बीच बचाव में आने की वजह से झड़पें बहुत आगे नहीं बढ़ीं।

गुजरात विद्यापीठ की घटना पर निर्दलीय विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट किया कि अब तो आसमान में भी Section 144 लागू ! गाँधी के गुजरात उन्हीं के द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ में पुलिस जबरन विद्यार्थियों से आईडी कार्ड मांगने लगी। यह विद्यार्थी CAA, NRC और NPR के विरोध में कैंपस के अंदर पतंग उड़ाना चाहते थे !

ज़मीन और आसमान दोनों जगह विजय रुपानी ने भले ही Section 144 लगाया हो, हमें परवाह नहीं है !

ये देख लीजिये: CAA-NRC-NPR का विरोध करते पतंग उड़ाये आज !

काले क़ानून की धज्जियां उड़ेगी और संविधान जीतेगा ! pic.twitter.com/Mk8FyeCB8A

— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) January 14, 2020

इसी के साथ पूर्व प्रशानिक अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने भी ट्वीट किया कि महात्मा गांधी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ अपने 100वें साल हो गए हैं। सौ साल में पहली बार इस विश्वविद्यालय में पुलिस ने आकर हस्तक्षेप किया है। विद्यार्थियों को पतंग उड़ाने से रोका लेकिन विद्यार्थी डटे रहे।

Perhaps for the first time after Independence police entered the campus of Gujarat Vidyapith, founded by Mahatma Gandhi in 1920.

To prevent students from flying kites.

But students stood their ground,
and kites flew in the sky!#Resistance #Ahmedabad #NoToCAA_NRC_NPR pic.twitter.com/QBi7jiyiCl

— Kannan Gopinathan (@naukarshah) January 14, 2020

gujrat vidyapeeth
gujrat ptangbazi
caa nrc ptangbaazi
ahmedabad
caa-nr-npa

Related Stories

मैंने क्यों साबरमती आश्रम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है?

अहमदाबाद में 46 फीसदी से अधिक इमारतों के पास नहीं है अग्नि सुरक्षा एनओसी: नगर निकाय

Covid-19 में Secondary infection से बढ़ता ख़तरा, अहमदाबाद में जातीय हिंसा और अन्य ख़बरें

127 लोगों को गुजरात अदालत ने 20 साल बाद सिमी के साथ तार जुड़े होने के आरोपों से किया बरी

कोविड-19 लॉकडाउन : गुजरात में प्रवासी मज़दूरों पर दर्ज मामले ‘मानव अधिकारों का उल्लंघन हैं’

आनंद तेलतुंबड़े का समर्थन और उनकी रिहाई की अपील

ट्रंप दौरा : अहमदाबाद के 'सौंदर्यीकरण' के नाम पर झुग्गियों को रौंदती सरकार  


बाकी खबरें

  • veto
    एपी/भाषा
    रूस ने हमले रोकने की मांग करने वाले संरा के प्रस्ताव पर वीटो किया
    26 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे।
  • Gujarat
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: गोबर-धन को आने दो!
    26 Feb 2022
    छुट्टा जानवरों की आपदा का शोर मचाने वाले यह नहीं भूलें कि इसी आपदा में से गोबर-धन का अवसर निकला है।
  • Leander Paes and Rhea Pillai
    सोनिया यादव
    लिएंडर पेस और रिया पिल्लई मामले में अदालत का फ़ैसला ज़रूरी क्यों है?
    26 Feb 2022
    लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा को मान्यता देने वाला ये फ़ैसला अपने आप में उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक उम्मीद है, जो समाज में अपने रिश्ते के अस्तित्व तो लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022: किस तरफ होगा पूर्वांचल में जनादेश ?
    26 Feb 2022
    इस ख़ास बातचीत में परंजॉय गुहा ठाकुरता और शिव कुमार बात कर रहे हैं यूपी चुनाव में पूर्वांचाल की. आखिर किस तरफ है जनता का रुख? किसको मिलेगी बहुमत? क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पायेगी? जवाब ढूंढ रहे हैं…
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता
    26 Feb 2022
    ड्रग्स, अफस्पा, पहचान और पानी का संकट। नतीजतन, 5 साल की डबल इंजन सरकार को अब फिर से ‘फ्री स्कूटी’ का ही भरोसा रह गया है। अब जनता को तय करना है कि उसे ‘फ्री स्कूटी’ चाहिए या पीने का पानी?    
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License