NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अस्थाना के खिलाफ ठोस सबूत, गहन जांच की जरूरत : वर्मा
दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई से अलग है।
आईएएनएस
07 Dec 2018
alok varma

नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा ने शुक्रवार को एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि अस्थाना के विरुद्ध लगे 'भ्रष्टाचार और वसूली के गंभीर आरोपों' की गहन जांच कराए जाने की जरूरत है। दिल्ली उच्च न्यायालय में एफआईआर निरस्त करने की मांग वाली अस्थाना की याचिका का विरोध करते हुए वर्मा ने कहा कि याचिका सुनवाई करने योग्य नहीं है और गलत तरीके से पेश की गई है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि यह केवल उनकी (वर्मा) छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई से अलग है, जहां न्यायालय ने वर्मा को सीबीआई प्रमुख के तौर पर उनकी सारी शक्तियों और जिम्मेदारियों से हटाने के मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

वर्मा ने अपने हलफनामे में कहा है, "शिकायतकर्ता सतीश बाबू सना ने अस्थाना पर किसी खास मामले में कार्रवाई करते समय और उसके बाद भ्रष्टाचार, वसूली और कदाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसीलिए इस तरह की गंभीर प्रकृति के आरोपों को प्राप्त करने के बाद, सीबीआई के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर करने की जिम्मेदारी थी।"

उन्होंने कहा कि एफआईआर को सभी मौजूदा कानून, नियमों और प्रक्रियाओं का पालन कर दर्ज किया गया है।

वर्मा ने कहा कि अस्थाना के खिलाफ 'दोषी ठहराने वाली सामग्रियों' को जब्त किया गया और जांच एजेंसी में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए एक गहन जांच की जरूरत है।

अस्थाना की याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए, वर्मा ने कहा कि अस्थाना के विरुद्ध गंभीर आरोपों की गहन जांच की जरूरत है।

cbi vs cbi
CBI director
director Alok Varma
special director Rakesh Asthana
Delhi High court

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई


बाकी खबरें

  • communal violence
    न्यूज़क्लिक टीम
    त्योहार से लेकर रोज़ाना के जनजीवन पर सांप्रदायिकता का कब्ज़ा
    19 Apr 2022
    पहले चुनावों के समय सांप्रदायिक हिंसा होती थी। अब ऐसा लग रहा है कि रोज़ाना सांप्रदायिक हिंसा हो रही है। ऐसा क्यों हो रहा है? इस तरह की सांप्रदायिक हिंसा के पीछे कौन है? कौन इस सांप्रदायिक हिंसा को…
  • एपी
    अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में स्कूल के निकट सीरियल ब्लास्ट, छात्रों समेत 6 की मौत
    19 Apr 2022
    काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जरदान और शहर के आपातकालीन अस्पताल के अनुसार  हताहतों की संख्या और अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि घायलों में से कई की हालत गंभीर है।
  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: काहे की मौज !
    19 Apr 2022
  • काशिफ काकवी
    एमपी: खरगोन दंगे के एक सप्ताह बाद पहली मौत का मामला सामने आया
    19 Apr 2022
    परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ मारपीट की और आखिरी बार उसे 10 अप्रैल को कोतवाली पुलिस थाने में देखा गया था, रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक दंगे शुरू होने के कुछ घंटे बाद।
  • सोनिया यादव
    तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को भी है गुज़ारा भत्ता पाने का अधिकार 
    19 Apr 2022
    इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी गुजारा भत्ता पाने का अधिकार है। तलाकशुदा औरतें 'इद्दत' की अवधि के बाद भी दूसरी शादी तक गुजारा भत्ता पा सकती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License