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राजनीति
अस्थाना मामला : शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वत मामले में एक शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्थाना मामले में जवाब दाखिल न करने पर सीबीआई को फटकार लगाई है।
आईएएनएस
30 Oct 2018
RAKESH ASTHANA राकेश अस्थाना

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वत मामले में एक शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना बाबू ने दावा किया था कि उन्होंने मांस निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़े एक मामले में राहत पाने के लिए दो करोड़ रुपये घूस के तौर पर दिए थे। इन रिश्वत के आरोपों को लेकर सीबीआई में गतिरोध है। इस गतिरोध के साथ ही निदेशक अलोक वर्मा को 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया गया।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित व न्यायमूर्ति के.एम.जोसेफ की पीठ ने हैदराबाद पुलिस को सना को सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

हालांकि, अदालत ने सना के याचिका पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। सना ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश ए.के.पटनायक की मौजूदगी में एजेंसी द्वारा पूछताछ किए जाने की मांग की थी।

पूर्व न्यायाधीश पटनायक की निगरानी में केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है। वर्मा को उनके कार्यभार से हटा दिया गया है।

अदालत की पीठ ने कहा कि वह न्यायमूर्ति पटनायक को लेकर कोई आदेश पारित नहीं करेगी। 

उधर राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल नहीं करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को सीबीआई को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने अस्थाना को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की तिथि एक नवंबर तक बढ़ा दी और कहा कि मामले में यथास्थिति बनाए रखने के लिए 23 अक्टूबर का आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक लागू रहेगा।

अदालत का आदेश अस्थाना द्वारा मामले की यथास्थित की तिथि को आगे बढ़ाने और सीबीआई को अस्थाना के खिलाफ बल प्रयोग न करने का निर्देश देने की याचिका के बाद आया है।

अदालत ने अस्थाना और पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की याचिका का जवाब नहीं देने के लिए सीबीआई को फटकार लगाई।

सीबीआई ने मामले में जवाब दायर करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की और अदालत को बताया कि अस्थाना के मामले की जांच कर रही टीम बदल गई है।

अदालत ने कहा, "क्या संस्थान की जांच रुक गई हैं? आप (सीबीआई) 31 अक्टूबर या इससे पहले याचिका दायर कीजिए, अन्यथा आपके अधिकारियों को बुलाया जाएगा।"

अदालत अस्थाना और कुमार की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनका कहना है कि उनके खिलाफ मामला गलत इरादे से अवैध तरीके से दर्ज किया गया है।

एजेंसी ने कहा कि कुमार को अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले से संबंधित दस्तावेजों से छेड़खानी करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। धन शोधन और भ्रष्टाचार के कई मामलों में आरोपी मांस निर्यातक मोइन कुरैशी ने उसके खिलाफ दर्ज मामले को सलटाने के लिए रिश्वत दी थी।

CBI
cbi vs cbi
cbi probe
special director Rakesh Asthana
director Alok Varma
Supreme Court
Delhi High court

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