NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अस्थाना मामला : शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप नहीं करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वत मामले में एक शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्थाना मामले में जवाब दाखिल न करने पर सीबीआई को फटकार लगाई है।
आईएएनएस
30 Oct 2018
RAKESH ASTHANA राकेश अस्थाना

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना से जुड़े रिश्वत मामले में एक शिकायतकर्ता से पूछताछ में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना बाबू ने दावा किया था कि उन्होंने मांस निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़े एक मामले में राहत पाने के लिए दो करोड़ रुपये घूस के तौर पर दिए थे। इन रिश्वत के आरोपों को लेकर सीबीआई में गतिरोध है। इस गतिरोध के साथ ही निदेशक अलोक वर्मा को 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया गया।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित व न्यायमूर्ति के.एम.जोसेफ की पीठ ने हैदराबाद पुलिस को सना को सुरक्षा देने का निर्देश दिया।

हालांकि, अदालत ने सना के याचिका पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। सना ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश ए.के.पटनायक की मौजूदगी में एजेंसी द्वारा पूछताछ किए जाने की मांग की थी।

पूर्व न्यायाधीश पटनायक की निगरानी में केंद्रीय सर्तकता आयोग (सीवीसी) सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है। वर्मा को उनके कार्यभार से हटा दिया गया है।

अदालत की पीठ ने कहा कि वह न्यायमूर्ति पटनायक को लेकर कोई आदेश पारित नहीं करेगी। 

उधर राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल नहीं करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को सीबीआई को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने अस्थाना को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की तिथि एक नवंबर तक बढ़ा दी और कहा कि मामले में यथास्थिति बनाए रखने के लिए 23 अक्टूबर का आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक लागू रहेगा।

अदालत का आदेश अस्थाना द्वारा मामले की यथास्थित की तिथि को आगे बढ़ाने और सीबीआई को अस्थाना के खिलाफ बल प्रयोग न करने का निर्देश देने की याचिका के बाद आया है।

अदालत ने अस्थाना और पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की याचिका का जवाब नहीं देने के लिए सीबीआई को फटकार लगाई।

सीबीआई ने मामले में जवाब दायर करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की और अदालत को बताया कि अस्थाना के मामले की जांच कर रही टीम बदल गई है।

अदालत ने कहा, "क्या संस्थान की जांच रुक गई हैं? आप (सीबीआई) 31 अक्टूबर या इससे पहले याचिका दायर कीजिए, अन्यथा आपके अधिकारियों को बुलाया जाएगा।"

अदालत अस्थाना और कुमार की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनका कहना है कि उनके खिलाफ मामला गलत इरादे से अवैध तरीके से दर्ज किया गया है।

एजेंसी ने कहा कि कुमार को अस्थाना के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले से संबंधित दस्तावेजों से छेड़खानी करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। धन शोधन और भ्रष्टाचार के कई मामलों में आरोपी मांस निर्यातक मोइन कुरैशी ने उसके खिलाफ दर्ज मामले को सलटाने के लिए रिश्वत दी थी।

CBI
cbi vs cbi
cbi probe
special director Rakesh Asthana
director Alok Varma
Supreme Court
Delhi High court

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है
    20 Mar 2022
    अभी दो दिन पहले हमने होली और शब-ए-बारात एक साथ मनाई और 21 मार्च को नौरोज़ है। नौरोज़ यानी नया दिन। पारसियों के नए साल की शुरुआत। वसंत हर देश, हर समाज के लिए जश्न-ए-बहाराँ लेकर आता है। इसी सिलसिले में…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बिन देखे मुझे भी पता है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है
    20 Mar 2022
    फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। अधिकतर लोगों की तरह मुझे भी बिना देखे ही पता चल गया है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। फ़िल्म सिनेमाघरों में अब सिर्फ़ इसलिए चल रही है कि मैं उसे जल्दी से देख लूं।
  • लाल बहादुर सिंह
    ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा
    20 Mar 2022
    जिस ऐतिहासिक आंदोलन को मोदी शाह खट्टर योगी की सत्ता का दुर्धर्ष दमन और कोई छल छद्म न तोड़ सका, वह अगर अपने अंतर्विरोधों से कमजोर होता है तो यह इतिहास की विराट त्रासदी होगी, जिसकी कीमत पूरे देश को…
  • नाज़मा ख़ान
    कश्मीर को समझना क्या रॉकेट साइंस है ?  
    20 Mar 2022
    हर कश्मीरी कोशिश करता है कि कश्मीर आने वाला अपने साथ कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों की तस्वीर ही नहीं बल्कि बेहतरीन मेहमान नवाज़ी के तजुर्बे और क़िस्से लेकर लौटे।
  • COlombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी
    19 Mar 2022
    "राउंडटेबल फॉर लाइफ़ एंड हेल्थ ऑफ़ वीमेन" की एना गोंजालेज़ वेलेज़ ने पीपल्स डिस्पैच से संवैधानिक न्यायालय के उस फ़ैसले पर बातचीत की, जो कोलंबिया में गर्भपात के अपराधीकरण के खात्मे का ऐलान कर चुका है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License