NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
अवैध प्रवास को लेकर हिरासत में लिए गए 17 विदेशी नागरिक पुलिस हिरासत से भागे
ग्रेटर नोएडा में नौ देशों के 60 विदेशी नागरिकों को अवैध वीजा और पासपोर्ट दस्तावेजों को लेकर बुधवार को हिरासत में लिया गया था।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
13 Jul 2019
प्रतीकात्मक तस्वीर
Image Credit: India Today

नोएडा: ग्रेटर नोएडा में वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना देश में रहने के आरोप में हिरासत में लिए गए 17 विदेशी नागरिक पुलिस हिरासत से भाग गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वे उन नौ देशों के 60 विदेशी नागरिकों में से हैं जिन्हें अवैध वीजा और पासपोर्ट दस्तावेजों को लेकर बुधवार को हिरासत में लिया गया था और जिन्हें निर्वासित किया जाना है।

गौतम बुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया, ‘गुरुवार की रात लगभग 8.30 बजे 17 विदेशी सूरजपुर की पुलिस लाइन से भाग निकले जहां उन्हें हिरासत में रखा गया था। वे बाथरूम की खिड़की तोड़कर भाग निकले।’

उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और 17 विदेशी नागरिकों को ढूंढ़ने के लिए तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 20 विदेशी नागरिक गुरुवार रात पुलिस लाइन स्थित अस्पताल के हॉल की खिड़की तोड़कर फरार हो गए। इन विदेशी नागरिकों के पास किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं थे। हालांकि इसमें से तीन को पुलिस ने गुरुवार देर रात सर्च अभियान चलाकर पकड़ लिया गया। बाकी 17 विदेशी नागरिकों को पुलिस दूसरे दिन भी तलाश नहीं कर सकी।
 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

foreign national
UttarPradesh
noida
greater noida
crime

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

ग्राउंड रिपोर्टः आजमगढ़ में दलित बच्ची से रेप की घटना को दबाने में लगा पुलिसिया सिस्टम, न्याय के लिए भटकता परिवार 


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License