NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया
पीठ ने कहा, ‘‘यदि मध्यस्थ परिणाम को लेकर आशावान हैं और 15 अगस्त तक का समय मांग रहे हैं, तो समय देने में नुकसान क्या है? यह मामला कई वर्षों से लंबित हैं। हम समय क्यों न दें?’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 May 2019
अयोध्या मामला
फोटो साभार: DB POST

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का सर्वमान्य समाधान तलाशने के लिए मध्यस्थता पैनल को 15 अगस्त तक का समय दे दिया है।

इस पैनल की अगुआई शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एम एम आई कलीफुल्ला कर रहे हैं।

तीन-सदस्यीय मध्यस्थता समिति के प्रमुख न्यायमूर्ति एफ एम आई. कलीफुल्ला और उनके साथ वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने मध्यस्थता प्रयासों में अब तक हुई प्रगति पर अदालत में रिपोर्ट पेश करते हुए और समय देने की मांग की जिसके बाद अदालत ने आज, शुक्रवार को समय बढ़ाने का आदेश दे दिया।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुआई वाली पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ ने कहा कि उन्हें न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की रिपोर्ट मिल गई है जिसमें पैनल ने मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 अगस्त तक का समय मांगा है।

न्यायमूर्ति गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी इस संविधान पीठ के सदस्य हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘यदि मध्यस्थ परिणाम को लेकर आशावान हैं और 15 अगस्त तक का समय मांग रहे हैं, तो समय देने में नुकसान क्या है? यह मामला कई वर्षों से लंबित हैं। हम समय क्यों न दें?’’

अदालत ने मध्यस्थता प्रयासों से जुड़े विवरण का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

मध्यस्थता के संबंध में एक वकील के प्रश्न के जवाब में अदालत ने कहा, "हम आपको नहीं बताएंगे कि क्या प्रगति हुई है, यह गोपनीय है।"

हिंदू एवं मुस्लिम पक्षों के लिए पेश हुए वकीलों ने जारी मध्यस्थता प्रक्रिया पर भरोसा जताया और कहा कि वे प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

वरिष्ठ वकील राजीव धवन मुस्लिम वादियों में से एक के लिए पेश हुए। उन्होंने कहा कि उन्हें मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए और समय दिए जाने से कोई आपत्ति नहीं है।

अयोध्या मामले में मुस्लिम वादी हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा, "यह मामला बहुत पुराना है और इस मुद्दे को दो महीने में हल नहीं किया जा सकता है।" 

इकबाल अंसारी ने कहा कि अंतिम निर्णय ऐसा होना चाहिए जिससे देश में शांति आए।

अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी सत्येंद्र दास ने आईएएनएस को बताया, "मध्यस्थता टीम ने सभी पक्षों से बात की है और एक निष्कर्ष पर पहुंची है और अदालत को रिपोर्ट सौंपी है। अब अदालत इस मामले पर फैसला करेगी।"

इस बात का जिक्र करने पर कि राम मंदिर विवाद निपटारा मामले में एक बार फिर देरी हुई तो पुजारी ने कहा, "लोग मामले में देरी करने के लिए हमेशा समय की मांग करेंगे और कई लोग प्रक्रिया में देरी के लिए अड़चनें पैदा करेंगे।"

आपको बता दें कि शीर्ष अदालत ने 27 सितम्बर, 2018 को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुआई में न्यायमूर्ति अशोक भूषण व न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर के साथ 2 : 1 के बहुमत से 1994 में दिए गए उच्च न्यायालय के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था और मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर, 2018 से तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ द्वारा सुने जाने का निर्देश दिया था।

आपको यह भी बता दें की इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2010 में विवादित अयोध्या जमीन को रामलला, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड तीनों पक्षों में बराबर बांटने का फैसला सुनाया था। 

29 अक्टूबर, 2018 को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अगुआई वाली पीठ ने कहा था कि अगली सुनवाई जनवरी 2019 में एक उचित पीठ के समक्ष होगी। इसके बाद 8 मार्च को अदालत ने इस मामले में न्यायमूर्ति कलीफुल्ला के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल का गठन कर 8 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी।

मध्यस्थता प्रक्रिया अयोध्या के करीब फैजाबाद में हो रही है। लेकिन अदालत ने प्रिंट और विजुअल मीडिया, दोनों को मध्यस्थता कार्यवाही की रिपोर्टिग करने से रोक लगा रखी है। 

 (समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Ayodhya Case
Supreme Court
CJI Ranjan Gogoi
mediation panel
Uttar pradesh
Ram Janmbhoomi
sri sri ravishankar
babri masjid
Babri Demolition
Ram Janamabhoomi – Babri Masjid
ayodhya

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन


बाकी खबरें

  • Nord Stream
    एम. के. भद्रकुमार
    नॉर्ड स्ट्रीम 2 सर्टिफ़िकेट को जर्मनी ने किया निलंबित
    23 Dec 2021
    जर्मन नेटवर्क कैस्केड के डेटा से पता चलता है कि यमल-यूरोप ट्रांसनेशनल गैस पाइपलाइन के रूप में जानी जाने वाली एक प्रमुख ट्रांजिट पाइपलाइन जर्मनी को जाने वाले सभी रूसी प्राकृतिक गैस शिपमेंट की दिशा पलट…
  • Golden Temple
    तृप्ता नारंग
    पंजाब में बेअदबी की घटनाएँ, असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश
    23 Dec 2021
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीति और धर्म का यह घालमेल चिंताजनक है।
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    वोटर-आईडी को आधार से जोड़ना निराधार, चुनाव-बिगाड़ को मत कहें सुधार
    22 Dec 2021
    स्वतंत्र भारत की ज्यादातर सरकारें वास्तविक सुधारों से क्यों भागती रही हैं ? निर्वाचन आयोग के बारे मे क्या कहा था डाक्टर बी आर अम्बेडकर ने? #AajKiBaat में वरिष्ठ पत्रकार Urmilesh का विचारोत्तेजक…
  •  नया बिल, मतदान से वंचित करने के साथ लोकतंत्र पर है हमलाः अपार गुप्ता
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    नया बिल, मतदान से वंचित करने के साथ लोकतंत्र पर है हमलाः अपार गुप्ता
    22 Dec 2021
    ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मतदान कार्ड को आधार से जोड़ने वाले बिल पर बातचीत की वकील अपार गुप्ता से, जिन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक बताया औऱ कहा कि इससे मतदाताओं को डराने-धमकाने…
  • ola
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : ओला-ऊबर के किराए और पेनिक बटन-की के खिलाफ टैक्सी ड्राइवरों की भूख हड़ताल
    22 Dec 2021
    दिल्ली सरकार की ड्राइवर विरोधी नीतियों के खिलाफ और टैक्सी बस मालिकों और ओला-ऊबर के ड्राइवरों की काफी लम्बे समय से लंबित माँगों को पूरा कराने के लिए, ड्राइवर और मालिक 21 दिसंबर को जंतर मंतर पर एक दिन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License