NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या विवाद : अब 10 जनवरी को नई बेंच करेगी सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय कृष्ण कौल की पीठ ने कहा कि अगले आदेश 10 जनवरी को गठित होने वाली बेंच जारी करेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jan 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: MyNation

सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या जमीन विवाद मामले पर 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई नई बेंच करेगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय कृष्ण कौल की पीठ ने कहा कि अगले आदेश 10 जनवरी को गठित होने वाली बेंच जारी करेगी।  

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2010 में विवादित अयोध्या जमीन को राम लला, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड तीनों पक्षों में बराबर बांटने का फैसला सुनाया था। 

आपको बता दें कि शीर्ष अदालत ने 27 सितम्बर को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई में न्यायमूर्ति अशोक भूषण व न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर के साथ 2 : 1 के बहुमत से 1994 में दिए गए उच्च न्यायालय के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था और मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर से तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ द्वारा सुने जाने का निर्देश दिया था।

आपको बता दें कि साल 1994 के इस फैसले में टिप्पणी की गई थी कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है। अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान एक अपीलकर्ता के वकील ने 1994 के फैसले में की गई इस टिप्पणी के मुद्दे को उठाया था। 

29 अक्टूबर को इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि अगली सुनवाई जनवरी 2019 में एक उचित पीठ के समक्ष होगी।

आज 4 जनवरी को इस मामले में सुनवाई करते हुए इस पूरे मामले को देखने के लिए नई बेंच के गठन का फैसला दिया।

आपको यह भी बता दें कि बीजेपी समेत तमाम हिन्दूवादी संगठन एक बार फिर अयोध्या मुद्दे को गर्माने की कोशिश कर रहे हैं। ये संगठन विवादित स्थल पर राम मंदिर के जल्द निर्माण करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग भी कर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली जनवरी को एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने के बारे में निर्णय किया जा सकता है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी को 'निंदनीय' बताया है। माकपा ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री के इस रुख का राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा एक 'सकारात्मक कदम' के रूप में स्वागत किया जाना निंदनीय है।"

माकपा के मुताबिक "यह इस बात का संकेत देकर सर्वोच्च न्यायालय पर दबाव बनाने की चाल है कि सरकार अदालत के किसी भी फैसले के बावजूद मंदिर निर्माण कराने के लिए कदम उठाएगी।"

माकपा ने कहा है कि प्रधानमंत्री जिन्होंने संविधान के तहत पद की शपथ ली है, वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को मानने और उसे लागू करने के लिए बाध्य हैं। 

(इनपुट आईएएनएस)

Supreme Court
Babri Masjid issue
Ram Janamabhoomi – Babri Masjid
Ram Mandir
BJP
Hindu Right Wing
Hindutva

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर
    26 Mar 2022
    संसद में दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया। वहीं सत्ताधारी दल ने इसे एक बेहद ज़रूरी सुधार बताया।
  • रायना ब्रियूअर
    ऑस्कर 2022: हर जीत के साथ इतिहास रच रही हैं महिला निर्देशक
    26 Mar 2022
    काथरिन बिगेलो और कोल झाओ, फिर अब जेन कैंपियन? 94 साल के ऑस्कर के इतिहास में, सिर्फ़ दो महिलाओं ने ही “बेस्ट डॉयरेक्टर” का अवार्ड जीता है। क्या आगे बदलाव दिखाई दे रहा है?
  • सीमा शर्मा
    कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर
    26 Mar 2022
    विशेषज्ञों का मानना है कि समय की तात्कालिक आवश्यकता यह है कि भारत सरकार उर्वरकों की वैकल्पिक आपूर्ति करने और किसानों को खनिज पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे। इसमें…
  • मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी साहनी ने रखा संयम, बोले- निषाद कोटा के लिए करेंगे संघर्ष
    26 Mar 2022
    अब वीआईपी में कोई भी विधायक शेष नहीं बचा है। मुकेश साहनी ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में फूट करवाने का आरोप लगाया है। साहनी ने कहा कि चूंकि उन्होंने निषाद जाति के लिए एससी-एसटी कोटे में आरक्षण और जातीय…
  • बी. सिवरामन
    महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है
    26 Mar 2022
    जनरल बीमा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की औसत लागत रु. 1.54 लाख है। इसके विपरीत, प्रति मामले का औसत दावा निपटान केवल रु.95,622 था। इसका मतलब है कि भारत में लगभग 40…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License