NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या विवाद मध्यस्थता के जरिये सुलझाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने तीन मध्यस्थ नियुक्त किए हैं। ये हैं सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस फ़कीर मोहम्मद इब्राहिम ख़लीफ़ुल्ला, आर्ट एंड लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और सीनियर एडवोकेट श्रीराम पंचू।
न्यूज़क्लिक टीम
08 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर

सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मध्यस्थता के जरिये इस मसले को सुलझाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके लिए तीन मध्यस्थ नियुक्त किए हैं। ये हैं सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस फ़कीर मोहम्मद इब्राहिम ख़लीफ़ुल्ला, आर्ट एंड लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और सीनियर एडवोकेट श्रीराम पंचू।

ये फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने दिया। जस्टिस गोगोई के अलावा बेंच में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नज़ीर शामिल थे।

अदालत ने कहा है कि मध्यस्थता बंद कमरे में और पूरी तरह गोपनीय होगी। इस कार्यवाही पर प्रिंट व विजुअल मीडिया रिपोर्ट नहीं कर सकेगा। अदालत ने मध्यस्थता प्रक्रिया में भाग ले रहे लोगों के मीडिया से बात करने पर भी रोक लगा दी।

मध्यस्थता की प्रक्रिया फैजाबाद में होगी और यह एक सप्ताह में शुरू होगी। अदालत ने मध्यस्थता की प्रक्रिया आठ हफ्तों में पूरी करना तय किया है।

यह आदेश प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने सुनाया। इसके लिए उन्होंने कोई विशेष दिशा निर्देश नहीं जारी किया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थ जरूरत पड़ने पर किसी भी तरह की कानूनी सहायता ले सकते हैं।

मध्यस्थता समिति का नेतृत्व रिटायर्ड जस्टिस फ़कीर मोहम्मद इब्राहिम ख़लीफ़ुल्ला को सौंपा गया है। अदालत ने कहा है कि मध्यस्थ चाहें तो समिति में और सदस्यों को भी शामिल कर सकते हैं।

आपको बता दें कि बुधवार को हुई पिछली सुनवाई में इस फैसले को सुरक्षित रख लिया गया था। उस समय उत्तर प्रदेश राज्य सहित हिंदू पक्षकारों ने अदालत के मध्यस्थता प्रस्ताव का विरोध किया था। उत्तर प्रदेश की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "यह (मध्यस्थता) उचित और विवेकपूर्ण नहीं होगा।"

राम लला की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील सी.एस.वैद्यनाथन ने भी मध्यस्थता का विरोध किया था और अदालत से कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि विश्वास व मान्यता का विषय है और वे मध्यस्थता में विरोधी विचार को आगे नहीं बढ़ा सकते। जबकि  मुस्लिम पक्षकारों ने मध्यस्थता के विचार को स्वीकार करते हुए कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला उन्हें मंजूर होगा।

इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने कहा था कि "हम दो समुदायों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।" उस दौरान न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा था कि "अदालत के रूप में हम केवल संपत्ति के मुद्दे का फैसला कर सकते हैं।"

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं की सुनवाई के मुद्दे पर मध्यस्थता का यह आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने एक हिस्सा निर्मोही अखाड़ा को, एक हिस्सा रामलला को और एक हिस्सा मूल मुस्लिम वादी को देने का आदेश दिया था।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Ayodhya Case
Ram Janamabhoomi – Babri Masjid
Babri Demolition
Ram Mandir
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • एसकेएम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों का करनाल लघु सचिवालय घेराव दूसरे दिन भी जारी
    08 Sep 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है, "किसान दृढ़ संकल्प के साथ खड़े हैं, और सरकार हत्या करके बच नहीं सकती है। हम विरोध के पीछे मजबूती से खड़े हैं और हरियाणा सरकार के कार्यों की निंदा करते हैं। किसान सीएम…
  • पीपल्स डिस्पैच
    बढ़ते स्वास्थ्य संकट के बीच श्रीलंका ने "फूड इमरजेंसी" की घोषणा की
    08 Sep 2021
    कोरोनो वायरस मामलों के रोजाना बढ़ते नए आंकड़ों ने फिर से श्रीलंका में हेल
  • पीपल्स डिस्पैच
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने न्यायेतर हत्याओं की ख़तरनाक स्थिति को लेकर इजिप्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
    08 Sep 2021
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार
  • afghanistan
    एम.के. भद्रकुमार
    पंजशीर घाटी पर तालिबान की जीत के मायने क्या हैं?
    08 Sep 2021
    सबसे पहले तो तालिबान की पंजशीर पर 'विजय' का महत्व यह है कि अब युद्ध करीब-करीब समाप्त हो गया है। देश के अन्य हिस्सों में विद्रोह भड़कने की संभावना दूर-दूर तक नहीं है। मज़ार-ए-शरीफ़ भी चुपचाप देखता रहा,…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 37,875 नए मामले, 369 मरीज़ों की मौत
    08 Sep 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.18 फ़ीसदी यानी 3 लाख 91 हज़ार 256 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License