NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला : विशेष न्यायाधीश के कार्यकाल विस्तार को मंज़ूरी
विशेष न्यायाधीश का कार्यकाल तब तक के लिए बढ़ा दिया गया है जब तक वह बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फैसला नहीं सुना देते। पीठ ने मामले का निपटारा करते हुए कहा, ‘‘हम संतुष्ट हैं कि आवश्यक कार्रवाई की गई।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Sep 2019
babri masjid and SC
Image Courtesy: MyNation

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने उसके निर्देश का पालन किया और 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश का कार्यकाल बढ़ा दिया।

1992 के इस बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी तथा उमा भारती के खिलाफ भी सुनवाई हो रही है।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा उसके समक्ष पेश किए गए हलफनामे और ऑफिस मेमो पर विचार किया।

उत्तर प्रदेश की ओर से पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि उन्होंने शीर्ष न्यायालय के निर्देश का पालन किया और विशेष न्यायाधीश का कार्यकाल तब तक के लिए बढ़ा दिया जब तक वह अयोध्या बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फैसला नहीं सुना देते।
पीठ ने मामले का निपटारा करते हुए कहा, ‘‘हम संतुष्ट हैं कि आवश्यक कार्रवाई की गई।’’

आपको बता दें कि अयोध्या विवाद में दो मामले चल रहे हैं। एक मामला बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद है कि ज़मीन पर किसका हक़ है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अब इस पर रोज़ाना के आधार पर सुनवाई हो रही है। दूसरा मामला बाबरी मस्जिद के विध्वंस का है, जिसकी सुनवाई उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है।

इस मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज एसके यादव 30 सितंबर को रिटायर हो रहे थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके जज एसके यादव का कार्यकाल बढ़ा दिया और सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। आपको ये भी बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल सीबीआई जज एसके यादव को अप्रैल 2020 तक मामले सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने को कहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

UttarPradesh
Babri Masjid issue
Babri Masjid-Ram Mandir
Supreme Court
lal krishna advani
murli manohar joshi
uma bharti
CBI

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • भाषा
    'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा
    24 Mar 2022
    चड्ढा ‘आप’ द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित पांच प्रत्याशियों में से एक हैं । राज्यसभा चुनाव के लिए 31 मार्च को मतदान होगा। अगर चड्ढा निर्वाचित हो जाते हैं तो 33 साल की उम्र में वह संसद के उच्च सदन…
  • सोनिया यादव
    पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़
    24 Mar 2022
    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेक्शन 375 के तहत बलात्कार की सज़ा में पतियों को छूट समानता के अधिकार यानी अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट के मुताबिक शादी क्रूरता का लाइसेंस नहीं है।
  • एजाज़ अशरफ़
    2024 में बढ़त हासिल करने के लिए अखिलेश यादव को खड़ा करना होगा ओबीसी आंदोलन
    24 Mar 2022
    बीजेपी की जीत प्रभावित करने वाली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सामाजिक धुरी बदल रही है, जिससे चुनावी लाभ पहुंचाने में सक्षम राजनीतिक ऊर्जा का निर्माण हो रहा है।
  • forest
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद
    24 Mar 2022
    शोधकर्ताओं का तर्क है कि वनीकरण परियोजनाओं को शुरू करते समय नीति निर्माताओं को लकड़ी के उत्पादन और पर्यावरणीय लाभों के चुनाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • रवि कौशल
    नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 
    24 Mar 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि गरीब छात्र कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पास करने के लिए कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाएंगे। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License