NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
बैलाडीला: अपनी आस्था बचाने के लिए आदिवासी धरने पर
दंतेवाड़ा ज़िले के आदिवासी शुक्रवार सुबह से किरंदुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के खदान के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। आदिवासियों ने दावा किया है कि राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ने ‘डिपाज़िट 13’ को अडानी समूह को सौंप दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jun 2019
Mukund

छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा ज़िले के बैलाडीला क्षेत्र में एक पहाड़ी का खनन किए जाने पर क्षेत्र के आदिवासी विरोध कर रहे हैं। इलाक़े के आदिवासियों की मान्यता है कि इस पहाड़ी में उनके इष्ट देवता की पत्नी विराजमान हैं।

दरअसल, इस पहाड़ी में लौह अयस्क का भंडार है। इसे अब इसे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है इसको लेकर भी वहाँ के स्थानीय आदिवासियों का विरोध है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि छलपूर्वक फ़र्जी ग्रामसभा से अनुमोदन करवा लिया गया है, ताकि खदान निजी हाथों में सौंपी जा सके। डिपॉज़िट 13 में खनन के लिए जिन सैकड़ों के एकड़ जंगलों को काटने की तैयारी की गई है, उसमें आदिवासियों के देवी देवताओं का निवास है, आदिवासी किसी भी क़ीमत पर इसे उजड़ने नहीं देंगे।
 
माओवादियों ने भी आदिवासियों के विरोध और आंदोलन का समर्थन किया है तथा इस संबंध में बैनर पोस्टर भी लगाए हैं।

दंतेवाड़ा ज़िले के आदिवासी शुक्रवार सुबह से किरंदुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के खदान के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। आदिवासियों ने दावा किया है कि राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ने ‘डिपाज़िट 13’ को अडानी समूह को सौंप दिया है। जबकि इस पहाड़ में उनके ईष्ट देवता प्राकृतिक गुरू नन्द राज की धर्मपत्नी पितोड़ रानी विराजमान हैं।

यह आंदोलन संयुक्त पंचायत समिति के बैनर तले किया जा रहा है। लगभग 2000 की संख्या में बैलाडीला क्षेत्र में विरोध कर रहे आदिवासियों के प्रमुख मंगल कुंजाम ने कहा "13 नंबर की पहाड़ी अडानी समूह को दे दी गई है। वह पहाड़ी पूर्ण रूप से आदिवासियों के लिए आस्था का केंद्र है। इसमें प्राकृतिक शक्ति विराजमान है। यहाँ खनन नहीं करने दिया जाएगा।"
 
वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थानीय नेता नंदा राम सोरी ने कहा, "हम इसका विरोध कर रहे हैं। इस पहाड़ी से आदिवासियों की आस्था जुड़ी हुई है। आदिवासियों के आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा एनएमडीसी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 
दंतेवाड़ा ज़िले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई है। हालांकि, लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। अगर प्रदर्शनकारी क़ानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, तब उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दंतेवाड़ा ज़िले के किरंदुल क्षेत्र के अंतर्गत बैलाडीला के डिपोज़िट 13 में लौह अयस्क का भंडार है। इसे एक संयुक्त उद्यम कंपनी एनसीएल के तहत विकसित किया जा रहा है। एनसीएल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीएस प्रभाकर ने कहा है, "खनन गतिविधियों से आदिवासियों के पवित्र स्थान को कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा।"

इस आंदोलन को कई दलों और समाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन 

इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी भी शामिल होंगी। इसके अलावा बताया जा रहा है कि जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी भी इस में शामिल हो सकते हैं। इस आंदोलन को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दंतेवाड़ा के अलावा कई अन्य ज़िलों के आदिवासी भी बड़ी संख्या में बैलाडीला के लिए पहुँचे हैं।

Ajit Jogi.jpg

अडानी को अवैध रूप से ज़मीन देने का विरोध 

बैलाडीला के डिपॉज़िट 13 में 315.813 हेक्टेयर रकबे में लौह अयस्क खनन के लिए वन विभाग ने वर्ष 2015 में पर्यावरण क्लियरेंस दिया है। इस पर एनएमडीसी और राज्य सरकार की सीएमडीसी को संयुक्त रूप से खनन कार्य करना था। इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार के बीच क़रार भी हुआ था। संयुक्त उपक्रम एनसीएल का गठन किया गया था, लेकिन बाद में इसे निजी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड को 25 साल के लिए लीज़ पर दे दिया गया। डिपाज़िट 13 के 315.813 हेक्टेयर रकबे में 250 मिलियन टन लौह अयस्क होने का दावा किया जा रहा है। इसमें अयस्क में 65 से 70 फ़ीसदी आयरन की मात्रा पायी जाती है।

Chattisgarh
dantewada
MAOISTS
urban maoist
Adivasi
Adivasis in India
adivasi protest
CPIM
CPI

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

‘माओवादी इलाकों में ज़िंदगी बंदूक की नाल पर टिकी होती है’

भारत बंद को सफल बनाने के लिए हर वर्ग से समर्थन मिल रहा हैः सीपीआई (एम)

त्रिपुरा में भाजपा द्वारा वाम मोर्चे और मीडिया संस्थानों पर बर्बर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में माकपा का रोष प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • AUKUS May put NATO’s Future into Question
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    नाटो के भविष्य को संकट में डाल सकता है एयूकेयूएस 
    25 Sep 2021
    इस डील के परिणामस्वरूप दो ऐतिहासिक साझीदारों, अमेरिका एवं फ्रांस के संबंधों में गंभीर दरार आ गई है। इससे नाटो को भी आनुषांगिक रूप से घाटा हो सकता है।
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु के मछुआरे समुद्री मत्स्य उद्योग विधेयक के ख़िलाफ़ अपना विरोध तेज़ करेंगे
    25 Sep 2021
    मछुआरे समुदाय का आरोप है कि विधेयक और ब्ल्यू इकॉनमी मसौदा नीति कॉर्पोरेट संस्थाओं के हितों का पक्षपोषण करती है।
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या शांति की ओर बढ़ रहा है अफ़ग़ानिस्तान?
    25 Sep 2021
    अफ़गान अर्थव्यवस्था को उबारने में चीन की तत्परता एक बिल्कुल नया कारक है। अब बाइडेन प्रशासन अफ़गानिस्तान और मध्य एशिया में और अधिक उलझावों में शामिल नहीं होना चाहता है, इन हालत में अफ़गानिस्तान के पड़ोसी…
  • Kannur University
    सुचिंतन दास
    नहीं पढ़ने का अधिकार
    25 Sep 2021
    नफ़रत और कट्टरता से भरी बातों को पढ़ने से इनकार कर के कन्नूर विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस सिलेबस की समीक्षा करने और इसके ज़रिये शासन की विस्तारात्मक नीति का  विरोध कर अहम राजनीतिक कार्य को अंजाम…
  • Harshil farmers
    वर्षा सिंह
    हर्षिल के सेब किसानों की समस्याओं का हल क्यों नहीं ढूंढ पायी उत्तराखंड सरकार
    25 Sep 2021
    हर्षिल के काश्तकारों ने इस महोत्सव का सीधे तौर पर बायकॉट कर दिया। महोत्सव शुरू होने के चार रोज़ पहले से ही हर्षिल में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया था। महोत्सव के दिन हर्षिल में किसानों ने ढोल-दमाऊं जैसे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License