NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बैलाडीला के डिपाजिट 13 में पेड़ों की कटाई की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति
आदिवासियों के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के डिपाजिट नंबर 13 में पेड़ों की कटाई की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Jun 2019
बैलाडीला में खनन का विरोध करते आदिवासी। फोटो : तामेश्वर सिन्हा

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पहाड़ी क्षेत्र में डिपाजिट 13 में पेड़ों की कटाई की तीन सदस्यीय समिति जांच करेगी। यहां खुदाई और खदान के विकास का ठेका पिछले साल अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिया गया था। आदिवासियों के मुताबिक पहाड़ में उनके इष्ट देवता की पत्नी विराजमान है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को रायपुर में बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के डिपाजिट नंबर 13 में पेड़ों की कटाई की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।

अधिकारियों ने बताया कि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जांच समिति के अध्यक्ष होंगे तथा मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त और वन मंडलाधिकारी दंतेवाड़ा इसके सदस्य होंगे।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार गठित समिति दंतेवाड़ा वन मंडल में डिपाजिट नंबर 13 से संबंधित वन कक्षों में कटाई का निरीक्षण करेगी और जांच कर प्रधान मुख्य वन संरक्षक को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस क्षेत्र में कोई कटाई न हो।

IMG-20190605-WA0117-1024x768.jpg

(बैलाडीला का पहाड़)

राज्य के दंतेवाड़ा जिले में बैलाडीला क्षेत्र की पहाड़ी में स्थित डिपोजिट नंबर 13 पर खनन के विरोध में इस महीने की छह तारीख की रात से क्षेत्र के आदिवासी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आदिवासियों का कहना है कि राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ने डिपाजिट 13 को अडानी समूह को सौंप दिया है, और इस पहाड़ी में उनके इष्ट देवता प्राकृतिक गुरु नन्दराज की धर्म पत्नी पिटोरमेटा देवी विराजमान है।

आदिवासियों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने बैलाडीला क्षेत्र के डिपाजिट नंबर 13 में खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

मंगलवार को बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम के नेतृत्व में बस्तर से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि क्षेत्र में अवैध रूप से वनों की कटाई की शिकायत की जांच की जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 

बैलाडीला के डिपाजिट नंबर 13 में 10 एमटीपीए क्षमता का लौह अयस्क का भंडार है। इसे एनएमडीसी-सीएमडीसी (छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम) लिमिटेड या एनसीएल के नाम से संयुक्त उद्यम कंपनी के तहत विकसित किया जा रहा है। एनसीएल के अधिकारियों के मुताबिक खुदाई और खदान के विकास का ठेका पिछले साल अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिया गया था।

आदिवासियों का कहना है कि छलपूर्वक फ़र्जी ग्रामसभा से अनुमोदन करवा लिया गया है, ताकि खदान निजी हाथों में सौंपी जा सके। तमाम दलों और संगठनों ने आदिवासियों के विरोध और आंदोलन का समर्थन किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : बैलाडीला: अपनी आस्था बचाने के लिए आदिवासी धरने पर

Bailadila
Bailadila Range
mountain range
Chattisgarh
bhupesh baghel
adani group
Gautam Adani
tribal communities
Protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है


बाकी खबरें

  • तिरछी नज़र: सो सॉरी, सेल नहीं, रेंट
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: सो सॉरी, सेल नहीं, रेंट
    29 Aug 2021
    अब देश की संपत्तियां सेल पर हैं, बेची जा रही हैं, सॉरी! मतलब, किराये पर दी जा रही हैं। सरकार जी खुद ही दे रहे हैं। और हम भी उम्मीद से हैं कि कभी ना कभी हमारा भी मौका आएगा और हम भी कुछ खरीद पाएंगे।
  • गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?
    सोनिया यादव
    गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?
    29 Aug 2021
    धर्म-परिवर्तन के नए क़ानून पर हाईकोर्ट की सख़्ती से गुजरात सरकार सकते में है। कानून के कई प्रावधानों पर हाईकोर्ट की रोक के ख़िलाफ़ राज्य की विजय रुपाणी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है।
  • 200 हल्ला हो: अत्याचार के ख़िलाफ़ दलित महिलाओं का हल्ला बोल
    रचना अग्रवाल
    200 हल्ला हो: अत्याचार के ख़िलाफ़ दलित महिलाओं का हल्ला बोल
    29 Aug 2021
    "जाति के बारे में क्यों ना बोलूं सर जब हर पल हमें हमारी औक़ात याद दिलाई जाती है..."
  • रोटी के लिए जद्दोजहद करते खाना पहुंचाने वाले हाथ
    समृद्धि साकुनिया
    रोटी के लिए जद्दोजहद करते खाना पहुंचाने वाले हाथ
    29 Aug 2021
    नई श्रम सुधार संहिता के दायरे में गिग वर्कर्स को लाए जाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा के लाभ प्रदान करने के बावजूद फुड डिलीवरी कर्मचारियों का शोषण बदस्तूर है, खासकर महामारी के बाद से। समृद्धि साकुनिया…
  • अफ़गानिस्तान: ‘ग्रेट गेम’  खेलने की सनक में अमेरिका ने एक देश को तबाह कर दिया
    जॉन पिलगर
    अफ़गानिस्तान: ‘ग्रेट गेम’  खेलने की सनक में अमेरिका ने एक देश को तबाह कर दिया
    29 Aug 2021
    कुछ दशक पहले अफ़गानिस्तान की अवाम ने अपनी आज़ादी ली थी, लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन और उनके सहयोगी देशों की महत्वाकांक्षाओं ने उसे तबाह कर दिया
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License