NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
बैलाडीला मामला : जांच टीम की सुरक्षा में गए जवानों ने की ग्रामीण महिलाओं से मारपीट?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सर्चिंग पर निकले जवानों ने लाठी डंडे से महिलाओं की पिटाई की है। ग्रामीण वह डंडे भी साथ लेकर किरंदुल थाने पहुंचे।
तामेश्वर सिन्हा
28 Jun 2019
Mahila

दंतेवाड़ा (बस्तर, छत्तीसगढ़) : बैलाडीला पहाड़ी के 13 नंबर खदान को एनएमडीसी द्वारा अडानी को दिए जाने के विरोध में हुए आंदोलन के बाद सरकार के आदेश पर कथित फ़र्ज़ी ग्रामसभा की जाँच के लिए जिला प्रशासन का जाँच दल 24 जून को ग्राम हिरौली पहुंचा था।  जिसको लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के इंतजाम किये गये थे। जिला प्रशासन की पूरी टीम हिरौली पहुंची लेकिन ग्राम का सचिव ही गायब रहा। जिसके कारण जाँच दल वहाँ से खाली हाथ लौट गया। 

लेकिन इसके बाद ऐसी खबर मिल रही है जिससे पुलिसिया तंत्र पर आम जनता का गुस्सा होना लाजमी हो जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सर्चिंग पर निकले जवानों ने लाठी डंडे से महिलाओं की पिटाई की है। ग्रामीण वह डंडे भी साथ लेकर किरंदुल थाने पहुंचे। आरोप है कि इन्हीं डंडों से जवानों ने महिलाओं की पिटाई की है। ग्रामीणों ने बताया कि बीजापुर के डोडी तुमनार से पहाड़ी रास्ते होते हुए वो हिरौली पहुंचे, जहां से एंबुलेंस बुलाकर किरंदुल हॉस्पिटल लाया गया।IMG-20190627-WA0010.jpg

कावड़ में बिठाकर दंतेवाड़ा पहुंचे

ग्रामीण भीमा मुचाकी ने बताया कि घायलों को परिजन 25 किलोमीटर तक कावड़ में बिठाकर दंतेवाड़ा जिले तक पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक डोडी तुमनार गांव की चार महिलाएं सोमवार 24 जून को हल जोतकर करीब सुबह आठ बजे घर लौट रही थी, तभी पुलिस के जवानों ने रास्ते में पकड़कर डंडे से मारा और बन्दूक भी टिकाये थे। जिन महिलाओं के साथ मारपीट हुई उनके नाम मंगली मुचाकी पति भीमा मुचाकी उम्र 45 वर्ष, नंदे माड़वी पति मासा माड़वी उम्र 40 वर्ष, हुर्रे मुड़ामी पति स्व. हड़मा मुड़ामी उम्र 27 वर्ष,बुदरी मिडियामी पति सोमड़ू मिडियामी उम्र 34 वर्ष हैं। बताया जा रहा है कि यह डोडी तुमनार गाँव, ग्राम पंचायत तुमनार जिला बीजापुर के क्षेत्र में आता है। यह गंगालूर से करीब 50 किलोमीटर दूर है।

IMG-20190627-WA0020.jpg

गमपूड़ के माड़वी माड़के का आरोप है कि जवानों ने उसके 1500  रुपये लूट लिए एवं जवानों पर गमपूड़ के ही छन्नू मिडियामी ने आरोप लगाया है कि उसके 2500 रुपये भी जवान लूट कर ले गए हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि घटना के दिन सोमवार को मुख्यमंत्री के आदेश पर हिरोली गांव में एनएमडीसी के डिपॉजिट 13 में हुई फर्जी ग्राम सभा की जांच टीम पहुची थी, जिसकी सुरक्षा में दंतेवाड़ा के जवान तैनात किए गए थे। एसपी ने कहा कि मामला दूसरे जिले का है। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

IMG-20190627-WA0016.jpg

बता दें कि तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह मारपीट आदिवासियों द्वारा किए गए विशाल आंदोलन के बाद जांच को प्रभावित करने के लिए तो नहीं है।

इसे भी पढ़ें : बैलाडीला के डिपाजिट 13 में पेड़ों की कटाई की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति

बताते चले कि छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में हजारों आदिवासियों ने एनएमडीसी द्वारा खनन के लिए अडानी को दिए गए पहाड़ बचाने के लिए सात दिनों का विशाल आंदोलन किया था। जिसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने जांच का आदेश दिया था अब जांच शुरू हो जाने के बाद जिस गांव में कथित तौर पर ग्राम सभा हुई उसका सचिव ही गायब है? 

बीते सोमवार 24 जून को दन्तेवाड़ा जिले के किरंदुल अंतर्गत ग्राम पंचायत हिरौली में ग्राम सभा की जांच होनी  थी। जहां जांच दल के सारे प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे हुए थे। जिसमें जिला पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ था अन्य अधिकारी हिरोली पहुंचे थे। लेकिन जिस सचिव ने खनन के ठेका के लिए ग्राम सभा कराया वह ही अनुपस्थित था।

ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिव को जानबूझकर नहीं आने दिया गया है। जब कि उसने ही सारे फर्जी कागजात तैयार किये थे। 

आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने कहा कि सुरक्षा की कोई समस्या नहीं हैं। यह सब अधिकारी यहां पहुंच सकते है तो सचिव को क्यों नहीं लाया गया? बिना सचिव के जांच कैसे संभव हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव को प्रशासन जानबूझकर छिपा कर रखना चाहता है। उनका कहना था कि पंचायत सचिव का बयान गांव में ही सबके सामने होना चाहिए। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि बंदूक के साए में क्यो जांच की जा रही है। 

इसे भी पढ़ें : बैलाडीला : 15 दिन के अल्टीमेटम के साथ आदिवासियों का आंदोलन ख़त्म

crimes against women
women harrasment
Soldiers
Bastar
Chhattisgarh

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • UNEMPLOYMENT
    सुबोध वर्मा
    बिना रोज़गार और आमदनी के ज़िंदा रहने को मजबूर कई परिवार
    03 Jan 2022
    नवीनतम सीएमआईई आंकड़ों से पता चलता है कि काम करने वाले दो सदस्यों वाले परिवारों की हिस्सेदारी में भारी गिरावट आई है। इसका मतलब है कि लोग बहुत कम आय पर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
  • Chunav Chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: आधी आबादी के सवाल; उज्ज्वला से आगे जहां और भी हैं...
    02 Jan 2022
    चुनाव चक्र के इस एपिसोड में हम बात करेंगे आधी आबादी यानी महिलाओं की। हमारे साथ हैं दो मेहमान लखनऊ से मधु गर्ग और इलाहाबाद से कुमुदिनी पति जो लंबे समय से महिलाओं के मुद्दे पर उनके बीच काम कर रही हैं।…
  • allahabadi
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : अकबर 'इलाहाबादी' की एक ग़ज़ल
    02 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही अकबर इलाहाबादी को 'प्रयागराजी' बता दिया हो, मगर उनके मुरीदों के लिए अकबर आज भी इलाहाबादी ही हैं। आज इतवार की कविता में पढ़िए उनकी एक ग़ज़ल।
  • Dharm Sansad
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म संसद का लक्ष्य है समाज में विभाजन करना
    02 Jan 2022
    हाल ही में हरिद्वार और रायपुर में हुए धर्म संसदों ने देश में फिर एक बार सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक देश में सांप्रदायिकता का यह ज़हर फैलाया जाता रहेगा और सरकार इस पर कुछ नहीं बोलेगी। इन्ही सब…
  • protest
    अनिल सिन्हा
    फ़ासीवाद से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म को एक सांस्कृतिक आंदोलन चाहिए
    02 Jan 2022
    यह समझना जरूरी है कि संघ परिवार और भाजपा की सत्ता-कामना सिर्फ मुस्लिम-विद्वेष पर आधारित नहीं है, यह हिंदू धर्म को पीछे ले जाने के लक्ष्य से भी संचालित है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License