NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बैलाडीला में जाकर मनाया आदिवासी दिवस, पहाड़ बचाने की ली शपथ
14 किमी पैदल चलकर 4 हजार से ज्यादा आदिवासी बस्तर के दन्तेवाड़ा ज़िला अन्तर्गत बैलाडीला 13 नंबर नंदराज पहाड़ी पर जमा हुए। पारम्परिक वेशभूषा पहने आदिवासियों ने अपने गीत-संगीत-नृत्य के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया। साथ ही शपथ ली कि जान दे देंगे लेकिन पहाड़ नही देंगे।
तामेश्वर सिन्हा
12 Aug 2019
tribal day

बस्तर (छत्तीसगढ़) : विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मीलों दूर एक पहाड़ी पर हजारों की तादाद में आदिवासी इकट्ठा हुए। ये वही पहाड़ी है जिसे बचाने के लिए जून महीने में हजारों आदिवासियों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया था। 14 किमी पैदल चलकर 4 हजार से ज्यादा आदिवासी बस्तर के दन्तेवाड़ा ज़िला अन्तर्गत बैलाडीला 13 नंबर नंदराज पहाड़ी पर जमा हुए। ये आदिवासी विश्व आदिवासी दिवस मनाने के लिए जमा हुए थे। पारम्परिक वेशभूषा पहने आदिवासियों ने अपने पारम्परिक गीत-संगीत-नृत्य के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया। साथ ही शपथ ली कि जान दे देंगे लेकिन पहाड़ नही देंगे।

आदिवासियों के पारंपरिक भाषा के गानों में पहाड़ी को अडानी को नही देंगे, हम पहाड़ की रक्षा करेंगे, अडानी पहाड़ खोदेगा, प्रदूषण बढ़ेगा पेड़ काटेंगे शब्द गूंज रहे थे।

आदिवासियों ने पेड़ों की कटाई को दुखद बताया और इसकी रक्षा करने की शपथ ली। इसके बाद पीटटोड् माता की पूजा अर्चना की गई। पारंपरिक कार्यक्रम किया। यहां आदिवासियों ने पहाड़ी बचाने से जुड़े हिंदी और गोंडी गाना गाने के साथ नृत्य किया।

aadiwasi1_0.jpg
यहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी भी पहुंची थीं। उन्होंने आदिवासियों के जोश देखकर कहा कि ऐन समय में कार्यक्रम तय होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना बताता कि वे नंदराज पहाड़ी को लेकर कितने सजग हैं।
aadiwasi.jpg
नंदराज पर्वत में हजारों की तादाद में जमा हुए आदिवासियों के लिए यह विश्व आदिवासी दिवस अपने आप मे खास रहा।

इस मौके पर नंदराज पहाड़ी पर दूर–सुदूर इलाके से आदिवासी पहुंचे थे। सैकड़ों की संख्या में गांव के लोग तो भारी बारिश के बीच घर से पहाड़ी रास्ते से होते हुए पैदल ही यहां तक पहुंचे। पूछने पर बताया कि वे अपने आराध्य को बचाने के लिए आए हैं।

बता दें कि आदिवासियों का कहना है कि नंदराज पहाड़ में उनके देवता नंदराज देव की पत्नी पिटौड़ देवी का पूजा स्थल है। लेकिन दिसंबर 2018 में इस पहाड़ पर खनन का ठेका अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को दे दिया गया और एईएल ने जंगल के पेड़ काटने शुरू कर दिए। आदिवासियों ने इसी वर्ष जून महीने में खनन से पहाड़ बचाने के लिए लामबंद होकर 7 दिनों का तक विशाल प्रदर्शन किया था। छत्तीसगढ़ सरकार के हस्तक्षेप के बाद ग्राम सभा की जांच के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। यह जांच प्रक्रिया अभी जारी है।

tribals
tribal communities
tribal day
Bailadila
Chattisgarh
Save the mountains
save nature
Gautam Adani

Related Stories

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

कोरबा : रोज़गार की मांग को लेकर एक माह से भू-विस्थापितों का धरना जारी

छत्तीसगढ़: किसान आंदोलन के समर्थन में आए आदिवासी, बस्तर से शुरू हुईं पंचायतें

झारखंड: आदिवासी को हिंदू कहे जाने पर आक्रोशित हो रहे आदिवासी समुदाय के लोग 

छत्तीसगढ़ : आंदोलन के लिए अन्न दान मांगेंगी किसान सभा

आंदोलन : खरबपतियों के राज के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं किसान


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया
    29 Apr 2022
    प्रशासन का कहना है कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जामिया में इबादत गुजारों के लिए व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद सामूहिक इबादत को रोकने का ये निर्णय लिया गया है।
  • लाल बहादुर सिंह
    किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम
    29 Apr 2022
    गहराता रोज़गार संकट और कठिन होती जीवन-स्थितियां भारत में फ़ासीवाद के राज्यारोहण का सबसे पक्का नुस्खा है। लेकिन तमाम फ़ासीवाद-विरोधी ताकतें एकताबद्ध प्रतिरोध में उतर पड़ें तो यही संकट समाज को रैडिकल…
  • ज़ाहिद खान
    इरफ़ान ख़ान : अदाकारी की इब्तिदा और इंतिहा
    29 Apr 2022
    29 अप्रैल 2020 को हमसे जिस्मानी तौर पर जुदा हुए इरफ़ान ख़ान अपनी लासानी अदाकारी से अपने चाहने वालों के दिलो ज़ेहन में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
  • एजाज़ अशरफ़
    क्यों धार्मिक जुलूस विदेशी भूमि को फ़तह करने वाले सैनिकों जैसे लगते हैं
    29 Apr 2022
    इस तरह के जुलूस, मुसलमानों पर हिंदुओं का मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व स्थापित करने और उन्हें अपने अधीन करने के मक़सद से निकाले जा रहे हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,377 नए मामले, 60 मरीज़ों की मौत
    29 Apr 2022
    दिल्ली में आज फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,490 नए मामले दर्ज़ किए गए |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License