NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बेगूसराय से कन्हैया की हार
अगर हम गठबंधन के उम्मीद्वार और कन्हैया के वोटो को जोड़ दे तब भी बीजेपी के गिरिराज उनसे काफी आगे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 May 2019
Kanhaiya

बिहार की  सभी 40 लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी जबरदस्त जीत हासिल करते नज़र आ रहे हैं। अब तक के रुझानों में बीजेपी+करीब 38  सीटें जीतती नजर आ रही हैं, वहीं महागठबंधन के हिस्से में तीन सीटें गई हैं। इस लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार की सबसे हॉट सीट बनी बेगूसराय पर अब तक जो रुझान सामने आ रहे हैं, उसमें कन्हैया कुमार की हार तय है। बीजेपी के गिरिराज सिंह, कन्हैया से करीब चार लाख वोटों से आगे चल रहे हैं।  

राजद के तनवीर हसन तीसरे नंबर पर चल रहे हैं। अभी तक की गिनती में गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार में 406673 वोटों से ज्यादा का अंतर था। 

बेगूसराय इस चुनाव के चर्चा का केंद्र 
बिहार की बेगूसराय सीट ने खूब चर्चा बटोरी, बेगूसराय सीट के नतीजे पर सिर्फ बिहार की नहीं, बल्कि पूरे देश की नज़र थी। कारण कि इस सीट एस एक ओर बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह थे, वहीं दूसरी जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके कन्हैया कुमार थे। वहीं राजद ने तनवीर हसन को मैदान में उतारा। पिछले लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट से बीजेपी के भोला सिंह ने जीत हासिल की थी। पिछली बार दूसरे नंबर पर राजद के तनवीर हसन रहे थे।
दरअसल, बेगूसराय की सीट पर सबसे दिलचस्प चुनावी लड़ाई मानी जा रही थी. कन्हैया कुमार के लिए सिविल सोसाएटी, एक्टिविस्ट और सेलेब्रिटी बड़ी संख्या में चुनाव प्रचार के लिए बेगूसराय पहुंचे थे, लेकिन कोई अपील, कोई रणनीति काम नहीं आई।

बीजेपी प्रत्‍याशी के पक्ष में भी दिग्‍गज नेताओं ने चुनाव प्रचार किया था। चुनाव शुरू होने से पहले लोकसभा सीट बदले जाने से गिरिराज सिंह बेहद नाराज थे। हालांकि, उन्‍हें पार्टी आलाकमान का फैसला मानना पड़ा था। 
अगर हम इस बार का चुनाव परिणाम देखें तो अभी तक गिरिराज सिंह को 668563  वोट मिले हैं, जबकि सीपीआई  के कन्हैया  को 261890  और महागठबंधन के तनवीर हसन को 193058  मिले।  अगर हम गठबंधन के उम्मीद्वार और कन्हैया  के वोटो को जोड़ दे फिर भी बीजेपी के गिरिराज उनसे काफी आगे हैं।

“अगली बार फिर आएंगे”

कन्हैया के छात्र संगठन एआईएसएफ ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा है, “कोई बात नहीं फिर अगली बार यही जोश,यही जुनून और इसी उत्साह के साथ चुनावी मैदान में आएंगे। ...कन्हैया कुमार ये आपकी हार नहीं है। आपके खिलाफ जो दुष्प्रचार किए गए, आपको अफजल प्रेमी,पाकिस्तान प्रेमी टुकड़े-टुकड़े गैंग का सरगना बनाकर जिस तरह से विरोधियों ने जनता के बीच आपकी छवि बना दी ये उसकी हार है। आपकी अपनी छवि बरकरार है। उसे कोई मिटा नहीं सकता।”

Kanhaiya Kumar
Kanhaiya Kumar Roadshow
kanhaiya kumar nomination
Result
giriraj singh
CPI
Bihar
Begusarai
tanveer hassan
BJP
RJD
bjp-jdu

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License