NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बेतहाशा बारिश से उत्तर-पश्चिम भारत में फसल का भारी नुकसान, किसान संकट में
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों के कुछ हिस्सों में, इस वर्ष की भारी फसल के सपने को बारिश ने बर्बाद कर दिया और खेती करने वाला समुदाय विशाल संकट की गिरफ्त में आ गया है जो पह्ले से ही कृषि संकट से जुझ रहा था।

सुबोध वर्मा
26 Sep 2018
Translated by महेश कुमार
nature

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में चार दिन से चल रही अप्रत्याशित और मूसलाधार बारिश से संभावित रूप से 30 प्रतिशत स्थायी धान फसलों का नुक्सान हो गया। बारिश ने 25 सितंबर को वापस जाने का संकेत दिया था और मौसम विभाग ने बादलों की वापसी की भविष्यवाणी भी की थी।

इससे पहले, अनुमानों ने अनुसार बुवाई के आंकड़ों के आधार पर इस वर्ष धान की बम्पर फसल की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन बारिश के इस आखिरी दौर ने किसानों की उम्मीदों को धराशायी कर दिया है।

पंजाब और हरियाणा से देश भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से वितरण के लिए सरकार द्वारा धान का बड़ा हिस्सा खरीदा जाता है। पिछले साल खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खरीदे गए कुल 470.8 लाख टन अनाज में से पंजाब से 176.6 लाख टन और हरियाणा से 59.2 लाख टन खरीदा गया था।

व्यापक फसल क्षति मोदी सरकार की अत्यधिक प्रचारित प्रधान मंत्री फासल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के लिए एक परीक्षा की घड़ी है, जो ऐसी घटनाओं के लिए बीमा प्रदान करती है। देरी से भुगतान, वांछित मुआवजे से कम, आधार से संबंधित बहानेबाज़ी और उसमें तकनीकी घालमेल और अन्य मुद्दों के कारण योजना में नामांकन 2016-17 में 5 करोड़ 70 लाख 3 हज़ार से घटकर 2017-18 में 4 करोड़ 80 लाख 5 हज़ार रह  गया है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार की योजना को लागू करने से यह कहकर इनकार कर दिया है कि वह अपनी खुद की फसल बीमा प्रणाली तैयार करेगा। हालिया बारिश के बाद, पंजाब सरकार ने एक गिर्दवारी (फसल क्षति मूल्यांकन) सर्वेक्षण का आदेश दिया है।

इस कृषि सीजन में फसल के नुकसान से बिक्री की कम कीमतों और कृषि में नुकसान से किसानों की अशांति और क्रोध के पहले से ही उभरने की उम्मीद बनी हुई है। किसानों की कम से कम कीमतों के लिए कुल लागत और उस पर 50 प्रतिशत मुनाफे के फॉर्मूला की किसान आयोग की सिफारिश को लागू नहीं करने से मोदी से किसान  विशेष रूप से पहले से ही परेशान है। इसके बजाए, सरकार ने एक संक्षिप्त लागत अनुमान की घोषणा की है जिसे पूर्ण लागत के रूप में पारित कर दिया गया है।

तेज हवाओं के साथ यह भारी बारिश पूरे क्षेत्र में पश्चिमी अशांति के दुर्लभ संयोजन से प्रेरित है, जो चक्रवात दाये द्वारा मध्य भारत पर चलने वाली हवाओं के साथ पिछले हफ्ते ओडिशा तट पर आया था। पीछे हटने वाले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को इस वजह से एक नई उर्ज़ा मिली, जिससे सितंबर के अपेक्षाकृत शुष्क रहने वाले समय में व्यापक बारिश हुई।

हरियाणा और पंजाब के कुछ जिलों की रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती प्रत्यारोपित चावल की किस्में फसल के लिए तैयार थीं जब बारिश हुई तो उसने अनाज के ऊपरी भारी पौधों को तबाह कर दिया गया। चूंकि इनमें से कई सोविंग(बुवाई) निचले इलाकों में हैं, इसलिए खेतों में जमा पानी आसानी से नही सूख सकता है। जिस वजह से अनाज नमी को अपने भीतर अवशोषित कर लेते हैं और विकृत हो जाते हैं। पंजाब में, जल भराव ने मुख्य रूप से पटियाला, मोगा, तरणतारन, अमृतसर और लुधियाना के जिलों में धान की फसल को प्रभावित किया है।

दोनों राज्यों में किसान धान की फसलों की कटाई के लिए बड़े पैमाने पर कटाई करने वाली मशीनों का उपयोग करते हैं। हालांकि, बारिश से तबाह फसल को इन मशीनों द्वारा कटाई नहीं की जा सकती है। केवल पारंपरिक मैनुअल (हाथों से ) कटाई ही कुछ फसलों को पुनः प्राप्त कर सकती है - लेकिन यह लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया है।

भारतीय किसान संगठन और अखिल भारतीय किसान सभा जैसे किसान संगठनों ने पहले ही प्रभावित जिलों में फसल के नुकसान के लिए 100 प्रतिशत मुआवजे की मांग की है, जबकि सरकारी अधिकारियों ने पीएमएफबीवाई के तहत फसल क्षति और मुआवजे की सैकड़ों शिकायतें प्राप्त करने की सूचना दी है - नई फसल क्षतिपूर्ति योजना के तहत खासकर हरियाणा में।

रिपोर्टों के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और मथुरा में भी फसले क्षतिग्रस्त हो गयी हैं। मध्यप्रदेश में सोयाबीन और दाल की फसलों को भी कुछ नुकसान हुआ है, हालांकि तीन दिनों के बाद उज्ज्वल धूप के पुन: प्रकट होने से किसानों को काफी राहत मिली है।

हरियाणा में कपास के किसान भी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उनकी 40 प्रतिशत फसल नष्ट होने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में बारिश के चलते बाजरा, मूंग और गवार की फसलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ है और वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।

हिमाचल प्रदेश में, दूरस्थ लाहौल घाटी में आलू, मटर, अन्य सब्जियां और सेब की फसलों को नष्ट करने वाली  अभूतपूर्व बर्फबारी देखी गई, इस नज़ारे से किसानों का दिल टूट गया हैं।

लाहौल के सिसु के एक किसान हिमल ठाकुर ने कहा, "खेतों में आलू, मटर और सब्जी की फसलों का कोई निशान नहीं है, जो तीन या चार फीट बर्फ के नीचे दफन हो गयी हैं, जबकि कटाई इस महीने के अंत में शुरू होनी थी" साभार ट्रिब्यून।

heavy rains
farmers crises
farmers

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

ब्लैक राइस की खेती से तबाह चंदौली के किसानों के ज़ख़्म पर बार-बार क्यों नमक छिड़क रहे मोदी?

आख़िर किसानों की जायज़ मांगों के आगे झुकी शिवराज सरकार

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • up elections
    असद शेख़
    यूपी चुनाव: क्या हैं जनता के असली मुद्दे, जिन पर राजनीतिक पार्टियां हैं चुप! 
    01 Feb 2022
    सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस की जीत और हार के बीच की इस बहस में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल पा रहा है। सवाल ये हैं कि जनता के मुद्दा क्या है? जनता की समस्या क्या है? पश्चिमी यूपी, अवध,…
  • Controversy over Hijab
    भाषा
    हिजाब को लेकर विवाद: छात्रा ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
    01 Feb 2022
    याचिका में कहा गया है कि कॉलेज ने इस्लाम धर्म का पालन करने वाली आठ छात्राओं को प्रवेश नहीं करने दिया। इसमें कहा गया है कि ये छात्राएं हिजाब पहने थीं, इसलिए उन्हें शिक्षा के उनके मौलिक अधिकार से वंचित…
  • UP Health Sector
    एम.ओबैद
    योगी कार्यकाल में चरमराती रही स्वास्थ्य व्यवस्था, नहीं हुआ कोई सुधार
    01 Feb 2022
    "सरकार का दृष्टिकोण ही मंदिर-मस्जिद और हिंदू धार्मिक उत्सवों पर बजट खर्च करना है और राजनीति में इसी के आधार पर सत्ता में आने का मौका तलाशना रहा है। इनके एजेंडे में आम आदमी व बुनियादी सुविधा और…
  • Alwar girl's father's allegation
    भाषा
    अलवर की लड़की के पिता का आरोप: घटना को हादसा मानने के लिए दबाव डाल रही है पुलिस
    01 Feb 2022
    पीड़िता के पिता ने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें न्याय चाहिए।
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देश में 1.67 लाख से अधिक नए मामले,1192 लोगों की मौत
    01 Feb 2022
    आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में संक्रमण से 1,192 और लोगों के जान गंवाने से मृतक संख्या बढ़कर 4,96,242 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License