NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बीआईटीएस छात्र: यह कॉलेज है, कोई धंधा नहीं
वहाँ के छात्रों के अनुसार 2011 से फीस दोगुनी हो गई है | वर्ष 2011 में बीआइटीएस की फीस में 56% की वृद्धि हुई और इसके बाद से लगतार फीस में बढ़ोतरी जारी है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2018
BITS
Image Courtesy: THE hindu.com

बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी साइंस के सैकड़ों छात्र भारी फीस-बढ़ोतरी के खिलाफ पिलानी, गोवा और हैदराबाद के कैंपस में विरोध पर्दर्शन कर रहे हैं| बीआइटीएस प्रशासन ने हर वर्ष 15% फीस बढ़ोतरी की घोषणा की जिसके बाद से ही छात्र लगतार विरोध कर रहें है|

बीआईटीएस पिलानी के लगभग 3,000 छात्रों ने संस्थान के ऑडिटोरियम में रविवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन घंटों के भीतर, गोवा और हैदराबाद परिसरों के छात्रों ने भी अपने-अपने परिसरों में प्रदर्शन शुरू कर दिया| ‘यह कॉलेज है, कोई धंधा नहीं’ और ‘हम छात्र है, कोई एटीएम नहीं’ इन नारों के साथ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं|

हैदराबाद के डायरेक्टर ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ छात्रों को आश्वस्त किया कि वो उनकी चिन्ताओं की प्रशासन के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करेंगे।

हलांकि, छात्रों ने इसके बाबजूद भी अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखा है | इसमें महत्वपूर्ण यह है कि अंतिम परीक्षाओं के बीच भी छात्र भारी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में भागा ले रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार बीआईटीएस के तीनों परिसरों के छात्र 2018-19 के बढ़ी हुई फीस संरचना के खिलाफ एकजुट होकर अपने-अपने परिसरों में प्रदर्शन कर रहें है | वहाँ के छात्रों के अनुसार 2011 से फीस दोगुनी हो गई है | वर्ष 2011 में बीआइटीएस की फीस में 56% की वृद्धि हुई  और इसके बाद से लगतार फीस में बढ़ोतरी जारी है | अब बीआईटीएस में शिक्षा तक पहुँच (affordability) का सवाल पैदा हो गया हैं |

छात्रों ने फीस-बढ़ोतरी को लेकर एक सोशल मीडिया पर एक आन्दोलन #'rollbackBITSPilaniFeeHike' और #‘BITSagainstfeehike’ के साथ शुरू किया जो कुछ ही समय में सोशल मिडिया पर फैल गया और उस पर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे|

सोशल मिडिया पर कुछ छात्रों ने कहा कि परीक्षा के दौरान बिजली काट दी जाती है, इंटरनेट बहुत धीरे चलता है | कुछ  डिपार्टमेंट  ऐसे है जिनके छात्र केवल ऑनलाईन पढ़ाई पर ही निर्भर हैं | ऐसी हालत में सिर्फ डिग्री के लिए एक समेस्टर का लगभग 2 लाख रूपये मुझसे देने के लिए कहा जा रहा है| हैदराबाद परिसर एक छात्र ने ट्वीट कर अपना रोष प्रकट किया |

ये कोई पहली बार नहीं है  निजी शिक्षणसंस्थान ने मनमानी फीस बढ़ोतरी की हो, इस प्रकार की घटनाएँ आए दिन सामने आती रहती हैं | इन संस्थानों को समझना होगा कि वो निजी ज़रुर हैं, परन्तु उनको छात्रों के प्रति जबाबदेह होना पड़ेगा कि वो हर वर्ष 15% की बढ़ोतरी क्यों कर रहे हैं? जबकि किसी प्रकार की सुविधाओं में कोई परिवर्तन नहीं है | यहाँ सवाल शिक्षा के बाज़ारीकरण के साथ-साथ, प्रक्रियाओं की पारदर्शिता का भी है, क्योंकि ये संस्थान कभी नहीं बताते कि पैसे कहाँ जा रहे है और वो छात्रों के लिए कैसे मददगार होगा |

इस आन्दोलन को लगतार सोशल मिडिया पर समर्थन मिल रहा है, आने वाले समय में इस आंदोलन के और विस्तार की संभवना है |

BITS
बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी साइंस
छात्र आन्दोलन
फीस-बढ़ोतरी
#'rollbackBITSPilaniFeeHike'
#‘BITSagainstfeehike’

Related Stories

शिक्षा को बचाने के लिए एसएफआई का अखिल भारतीय जत्था

मौजूदा सरकार एक डरपोक सरकार है: छात्र नेता, पूजा शुक्ला

मणिपुर विश्वविद्दालय: राज्य सरकार ने कुलपती पर लगे आरोपों की जाँच की माँग की

जादवपुर यूनिवर्सिटी: छात्रों के आन्दोलन के सामने झुका प्रशासन

मणिपुर विश्वविद्यालय: कुलपति के खिलाफ छात्र और शिक्षक भूख हड़ताल पर

एएमयूएसयू अध्यक्ष : जब मैं बेहोश था, तो मुझे अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था

यूनियन हॉल में जिन्ना के तस्वीर के कारण एएमयू के छात्र पीटे गये

एसएससी सैक्म: सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दिया धोखा

SSC पेपर लीक : छात्रों ने कहा 'हम पकोड़े नहीं बेचेंगे'

छात्रों की मांगों को लेकर SFI का हरियाणा में विरोध प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License