NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बीएचयू में फिर आंदोलन : छात्रसंघ बहाली समेत कई मांगों को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली छात्रों के प्रतिनिधित्व के लिए ज़रूरी है। छात्र हितों की रक्षा छात्रसंघ से ही संभव है। छात्रों ने कर्मचारी संघ व शिक्षक संघ बहाल करने की भी बात रखी।
सोनिया यादव
25 Sep 2019
BHU

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय यानी बीएचयू में एक बार फिर छात्र और प्रशासन आमने-सामने हैं। छात्रसंघ बहाली और अन्य मांगों को लेकर 24 सितंबर, मंगलवार से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसमें कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इसमें प्रमुख रूप से अकांक्षा, विश्वनाथ, रंजन, आशुतोष, शशिकांत शामिल हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्र अधिष्ठाता कार्यालय स्थित छात्र परिषद भवन के बाहर चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समीप बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली छात्रों के प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी है। छात्र हितों की रक्षा छात्रसंघ से ही संभव है। छात्रों ने कर्मचारी संघ व शिक्षक संघ बहाल करने की भी बात रखी।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समस्याओं के निवारण के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। जिसके विरोध में भूख हड़ताल शुरू की गई है।

भगत सिंह छात्र मोर्चा के सचीव अनुपम ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा कि करीब 22 सालों से विश्वविद्यालय में कोई छात्र संघ नहीं है। इतनी समस्याओं के बाद भी छात्रों का अपना कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। छात्र-छात्राएं अब अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे। बीच में कुछ सालों के लिए छात्र परिषद के चुनाव हुए थे लेकिन बाद में उसे भी बंद कर दिया गया।

_53ea2266-df6e-11e9-93be-d8edb8f85faf_0.jpg

अनुपम ने आगे बताया, 'हमने छात्र संघ के अलावा हॉस्टल, महिला सुरक्षा, शैक्षणिक माहौल व कैंपस में लोकतंत्र को लेकर कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा है। हमारी मागें छात्रवास, लाइब्रेरी, जीएसकैश आदि को लेकर हैं। पहले भी इसे लेकर छात्र कई बार आंदोलन कर चुके हैं लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।'

भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा आकांक्षा ने न्यूज़क्लिक को बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में खुलेआम छात्र-छात्राओं के बीच लैंगिक भेदभाव किया जाता है। छात्राओं के लिए हॉस्टल की पर्याप्त सुविधा नहीं है तो वहीं हॉस्टल को रात 11 बजे के बाद ही बंद कर दिया जाता है। कई फैकल्टी और डिपार्टमेंट में महिला शौचालय तक नहीं है।

आकांक्षा ने आगे कहा, हमारी मांग है कि महिला छात्रावासों से कर्फ्यू टाइमिंग खत्म किया जाए और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि छात्राओं के कई आंदोलनों के बावजूद प्रशासन ने जीएसकैश लागू करने के मसले पर चुप्पी साध रखी है। और तो और किसी भी आंदोलन में भाग लेने वाली छात्राओं को प्रशासन द्वारा हॉस्टल से निकाले जाने की धमकी दी जाती है।

बता दें कि छात्रों ने अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी कुलपति को सौंपा है। लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि अभी तक इस पर कोई कार्रवाई या आश्वासन प्रशासन की ओर से नहीं दिया गया है।

WhatsApp_Image_2019-09-24_at_1_0.jpeg

बीएचयू के छात्रों का कहना है कि जब तक सभी छात्र-छात्राओं को हॉस्टल मुहैया नहीं कराया जाता तब तक उन्हें डेलीगेसी भत्ता दिया जाए। लाइब्रेरी 24 घंटे खोली जाए। नई व जरूरी पुस्तकें तत्काल मंगाई जाएं, व साइबर लाइब्रेरी में सीटों की संख्या बढ़ाकर 1000 की जाए। साथ ही विकलांग छात्र-छात्राओं के लिए इक्वल आपार्चुनिटी सेल का गठन किया जाय, जो उनकी अकादमिक व अन्य जरूरत की चीजों को मुहैया कराए।

कई छात्राओं ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में मांग की कि महिला छात्रावासों में नॉन एकेडमिक स्टाफ को ही वार्डन सहित अन्य पदों पर नियुक्त किया जाय। कैम्पस में छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाई जाएं। सभी महिला छात्रावासों में कैंटीन की व्यवस्था हो।
गौरतलब है कि इसी महीने बीएचयू की छात्राएं एक प्रोफेसर को हटाने को लेकर प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरी थीं। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं द्वारा कई आंदोलन देखने को मिले हैं। जिसमें महिला सुरक्षा और परिसर में बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे हावी रहे हैं।

BHU
BHU protest
students protest
Banaras Hindu University
UttarPradesh
MHRD
student union

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत

बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार


बाकी खबरें

  • art
    डॉ. मंजु प्रसाद
    सार्थक चित्रण : सार्थक कला अभिव्यक्ति 
    31 Oct 2021
    आसान नहीं है मानव और समाज की सचाई को कला में निपुणता से उतार देना। कलाकार सृजित भी कर दे भद्र जनों को ग्राह्य नहीं है।
  • tirchi nazar
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: 'सरकार जी' ने भक्तों के साथ की वर्चुअल मीटिंग
    31 Oct 2021
    दीपावली के शुभ अवसर पर आयोजित उस मीटिंग में सरकार जी ने सबसे पहले भक्तों को भक्त होने का महत्व बताया। भक्तों को बताया कि वह चमचों से किस तरह अलग हैं।
  • raid
    राजेंद्र शर्मा
    लक्ष्मी जी और ईडी का छापा
    31 Oct 2021
    जब ईडी ने लक्ष्मी जी पर मनी लॉन्डरिंग के आरोप में कर डाली छापेमारी!
  • Communalism
    शंभूनाथ शुक्ल
    अति राष्ट्रवाद के भेष में सांप्रदायिकता का बहरूपिया
    31 Oct 2021
    राष्ट्रवाद का अर्थ है अपने देशवासियों से प्रेम न कि किसी राजनीतिक विचारधारा के प्रति समर्पण। अपने देश के संविधान को मानना और उस पर अमल करना ही राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में भाजपा के आगे विपक्षी इतने सुस्त क्यों और तीन अन्य खबरें
    30 Oct 2021
    यूपी में भाजपा के आगे मुख्य विपक्षी इतने सुस्त क्यों नजर आ रहे हैं? एनसीबी या इस जैसी अन्य एजेंसियां संविधान और राज्य के प्रति जवाबदेह हैं या सरकार चलाने वाले सर्वसत्तावादी सियासतदानों के प्रति? 32…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License