NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बीएचयू : प्रोफ़ेसर चौबे को समय से पहले किया जाएगा रिटायर, लेकिन फ़ैसले से संतुष्ट नहीं छात्राएं
बीएचयू कार्यकारिणी परिषद ने यौन शोषण के आरोपी प्रोफ़ेसर शैल कुमार चौबे को समय-पूर्व सेवानिवृत्त करने का फ़ैसला किया है। हालांकि छात्राएं प्रशासन से प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
सोनिया यादव
28 Sep 2019
BHU

बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय (बीएचयू) में यौन शोषण के आरोपी जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर शैल कुमार चौबे की बहाली के विरोध में बीते 14 सितंबर को हुए छात्राओं के आंदोलन का असर देखने को मिला है। 27 सिंतबर शुक्रवार को दिल्‍ली में हुई बीएचयू की कार्यकारिणी परिषद की बैठक में आरोपी प्रोफ़ेसर शैल कुमार चौबे को समय से पहले सेवानिवृत्त किए जाना का फ़ैसला लिया गया है। हालांकि छात्राएं इस फ़ैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि ये जीत अधूरी है।

बता दें कि बीएचयू प्रशासन का ये निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब बीएचयू के कई छात्र जीएसकैश, छात्रसंघ समेत कई मांगों को लेकर लगातार पांच दिनों से अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा इन छात्रों की कोई सुध नहीं ली गई है।

इस संबंध में न्यूज़क्लिक से बातचीत में छात्राओं ने प्रोफ़ेसर चौबे के रिटायरमेंट के निर्णय का स्वागत तो किया लेकिन उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा जब तक कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाती उनका न्याय अधूरा है।

इसे पढ़े: बीएचयू में फिर आंदोलन : छात्रसंघ बहाली समेत कई मांगों को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल

भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा आकांक्षा ने न्यूज़क्लिक से कहा, "प्रशासन का रवैया उदासीन है। प्रोफ़ेसर के संबंध में जो निर्णय लिया गया है उससे छात्राएं संतुष्ट नहीं हैं। हमारी मांग प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई और जीएसकैश को लागू करने की है। छात्राओं के साथ परिसर में हो रहे भेदभाव को ख़त्म करने की है। जिस पर प्रशासन अभी तक मौन है।"

एक छात्रा कहती हैं, "बीएचयू प्रशासन से हमारी मांग थी कि प्रोफ़ेसर को बर्खास्त कर उस पर प्रशासन द्वारा एफ़आईआर दर्ज कराई जाए, जीएसकैश लागू किया जाए, आतंरिक शिकायत समिति में छात्राओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो। लेकिन प्रशासन ने केवल प्रोफ़ेसर को सेवानिवृत्त किया है। अभी उस पर कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। हमें केवल 30 प्रतिशत न्याय मिला है, 70 प्रतिशत अभी भी बाक़ी है।"

protesting_bhu_students_to_expel_alleged_biology_professor_lh_pic__1568481044.jpg

एक अन्य छात्रा ने बताया, "हम ख़ुश हैं कि प्रोफ़ेसर को समय से पूर्व रिटायर किया जा रहा है। लेकिन अभी हमारी जंग जारी रहेगी। प्रोफ़ेसर चौबे पर जब तक एफ़आईआर नहीं हो जाती, हम प्रशासन के निर्णय से संतुष्ट नहीं होंगे।"

इस बैठक के संबंध में न्यूज़क्लिक को बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी रा़जेश सिंह ने बताया, "कार्यकारिणी परिषद की बैठक में जो फ़ैसले लिए गए हैं, उसकी अभी तक मेरे पास कोई अधिकृत सूचना नहीं है। इसलिए मैं फ़िलहाल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं कर सकता।"

बता दें कि इस प्रकरण पर आरोपी प्रोफ़ेसर शैल कुमार चौबे ने किसी प्रतिक्रिया या टिप्पणी से साफ़ इनकार करते हुए कहा, "मैं निर्दोष हूं और मुझे कार्यकारिणी परिषद की बैठक के निर्णय की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।"

ग़ौरतलब है कि बीते साल अक्टूबर में शैक्षणिक टूर के दौरान प्रोफ़ेसर चौबे पर छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें और अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप लगा था। जिसके बाद आंतरिक शिकायत समिति द्वारा मामले की जांच में चौबे को दोषी पाया गया। लेकिन इसके बावजूद उसे इस साल अगस्त से फिर से बहाल कर दिया गया। जिसके विरोध में बीते 14 सितंबर से दो दिनों तक छात्राओं ने विश्‍वविद्यालय का मुख्‍य द्वार जाम करके धरना प्रर्दशन किया था। जिसके चलते बाद में प्रशासन द्वारा प्रोफ़ेसर एसके चौबे को लंबी छुट्टी पर भेजने का निर्णय लेने के साथ ही कार्यकारिणी परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा का फ़ैसला किया था।

इसे पढ़े: बीएचयू : छात्राओं का प्रदर्शन रंग लाया, आरोपी प्रोफ़ेसर को छुट्टी पर भेजा

BHU protstests
BHU
MHRD
student union
Banaras Hindu University
Professor Shail Kumar Choubey
UttarPradesh
sexual harassment at workplace

Related Stories

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत


बाकी खबरें

  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 1.15 फ़ीसदी हुए
    17 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 25,166 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.15 फ़ीसदी यानी 3 लाख 69 हज़ार 846 हो गयी है।
  • असम डिटेंशन कैंप में रह रहे विदेशी नागरिकों के 22 बच्चे!
    सबरंग इंडिया
    असम डिटेंशन कैंप में रह रहे विदेशी नागरिकों के 22 बच्चे!
    17 Aug 2021
    बच्चे अपनी मां के साथ रह रहे हैं - नौ महिलाएं जिनके बारे में माना जाता है कि वे म्यांमार और बांग्लादेश से हैं - छह में से तीन डिटेंशन कैंपों में बंद हैं
  • पीएम मोदी
    सोनिया यादव
    पीएम मोदी की 15 अगस्त पर सैनिक स्कूल की घोषणा महिला सशक्तिकरण के लिए काफ़ी है?
    16 Aug 2021
    प्रधानमंत्री ने अपने एक घंटे और अट्ठाइस मिनट के लंबे भाषण में सैनिक स्कूल के अलावा आधी आबाधी के लिए कोई खास बात नहीं की। उन्होंने देश को नहीं बताया कि उनकी सरकार के ‘अच्छे दिनों’ में महिलाएं बेख़ौफ़…
  • SC
    भाषा
    पेगासस विवाद: केंद्र ने कोर्ट में कही समिति बनाने की बात, कांग्रेस ने कहा- ‘बिल्ली दूध की रखवाली कैसे कर सकती है’
    16 Aug 2021
    सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि केंद्र का हलफनामा यह नहीं बताता कि क्या सरकार या उसकी एजेंसियों ने जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया? उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि सरकार, जिसने पेगासस…
  • “मानवता के लिए कोड रेड”: जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट
    न्यूज़क्लिक टीम
    “मानवता के लिए कोड रेड”: जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट
    16 Aug 2021
    संयुक्त राष्ट्र संघ की छठी जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट के मुताबिक़ अगर तमाम देशों की सरकारों ने जलवायु संकट को बढ़ने से रोकने के लिए अभी कदम नहीं उठाये तो आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवन बहुत कठिन हो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License