NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
बीएचयू : यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफ़ेसर की बहाली के ख़िलाफ़ छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन
न्यूज़क्लिक से बातचीत में छात्र-छात्राओं ने कहा, ‘हमारी मांग है कि यौन उत्पीड़न के दोषी प्रोफ़ेसर एसके चौबे को तुरंत बर्खास्त किया जाए। साथ ही प्रशासन प्रोफ़ेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।'
सोनिया यादव
15 Sep 2019
BHU Protest

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफ़ेसर एसके चौबे की बहाली के विरोध में शनिवार, 14 सितंबर को शुरू हुआ छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन आज रविवार को भी जारी है। छात्र-छात्राएं बीएचयू के सिंह द्वार पर जमे हुए हैं। उनकी मांग है कि दोषी प्रोफ़ेसर एसके चौबे को तुरंत बर्खास्त किया जाए। साथ ही प्रशासन प्रोफ़ेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। इसके अलावा छात्र जीएसकैश (जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरैस्मेंट) लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। 

एक छात्रा ने कहा कि 14 सदस्यीय जांच कमेटी की सिफारिश को कार्यकारिणी परिषद ने मात्र 5 मिनट में ही निपटा दिया। इस परिषद में कुल आठ लोग थे जिसमें एक भी महिला शामिल नहीं थी। छात्रा ने सवाल किया कि क्या ऐसे देश में बेटियां बचेंगी और पढ़ेंगी?

 

BHU protestगौरतलब है कि विज्ञान संस्थान के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर एसके चौबे पर पिछले साल अक्तूबर में एक शैक्षणिक यात्रा के दौरान छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप लगा था। जिसके बाद इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) द्वारा इस मामले की जांच की गई और प्रोफेसर एसके चौबे पर लगे सभी आरोपों को सही पाया गया।

बता दें कि न्यूज़क्लिक ने बीएचयू में प्रोफ़ेसर एसके चौबे की बहाली को लेकर छात्र-छात्राओं के आक्रोश की खबर पहले ही प्रकाशित की थी। हमने इस संदर्भ में बीएचयू के कुलपति से भी संपर्क किया था, लेकिन उनकी तरफ से हमें अभी तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ हैं।

इसे पढ़ें : बीएचयू : यौण शोषण के आरोपी प्रोफ़ेसर की बहाली को लेकर छात्रों में आक्रोश

छात्रों ने न्यूज़क्लिक को बताया, ‘‘जांच कमेटी ने कठोरतम कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बावजूद दोषी प्रोफ़ेसर को बिना कार्रवाई के प्रशासन ने बहाल कर दिया है। हम प्रशासन से प्रोफ़ेसर एसके चौबे को बर्खास्त करने की मांग करते हैं। साथ ही उन पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग करते हैं जिससे भविष्य में कोई भी ऐसा करने की सोच ना सके।’’

बता दें कि प्रो. चौबे के साथ छात्र-छात्राओं का यह समूह 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2018 तक भुवनेश्वर की शैक्षणिक यात्रा पर था। इस यात्रा से लौटने के बाद 13 अक्टूबर को प्रो. चौबे के संबंध में लिखित सामूहिक शिकायत दी गई थी। जिसके बाद 25 अक्टूबर 2018 से लेकर 30 नवंबर 2018 तक इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) द्वारा इस मामले की जांच की गई। कमेटी ने सभी पीड़ितों, गवाहों, आरोपी, विभागाध्यक्ष, पूर्व विभागाध्यक्षों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से बात करने के बाद 30 नवंबर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

छात्रों के मुताबिक, कुलपति प्रो भटनागर और रजिस्ट्रार डॉ त्रिपाठी ने जून 2019 तक इस मामले को दबाए रखा, विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद में इस मामले को नहीं ले गए। जब कुलपति, रजिस्ट्रार और रेक्टर प्रो शुक्ला इस बात से आश्वस्त हो लिए की 36 छात्र- छात्राओं जिन्होंने प्रोफेसर चौबे पर आरोप लगाए हैं वे यहां से पासआउट होकर निकल गये हैं, तब 07 जून 2019 को इस मामले को निर्णय के लिए विश्विद्यालय की कार्यकारिणी परिषद में रखा और अंततः अगस्त 2019 में प्रो चौबे बहाल कर दिए गए।

इस संबंध में न्यूज़क्लिक से बातचीत में एक छात्र ने बताया कि प्रो. चौबे पर कई बार ऐसे आरोप लगे हैं लेकिन शिकायत लिखित में न होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले के बाद कुलपति द्वारा आश्वासन दिया गया था कि दोष साबित होने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन छात्रों का कहना है कि प्रो. चौबे को फिर से बहाल कर छात्रों के साथ धोखा किया गया है।

न्यूज़क्लिक को इस संबंध में बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) डॉ. राजेश सिंह से बताया था कि जून 2019 में विश्वविद्यालय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में प्रो. एसके चौबे को निर्दोष पाया गया, इसलिए जुलाई से उन्हें बहाल करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बीते अगस्त से प्रो. चौबे ने अपने शैक्षणिक दायित्व संभाल लिया हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि कमेटी ने अपनी जांच में प्रो. चौबे पर लगे आरोपों को सही पाया था। कमेटी रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि हुई थी कि प्रो. चौबे लंबे समय से छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकतें करते आ रहे हैं। फिर भी उन्हें क्यों नहीं बर्खास्त किया गया। उन्हें बहाल कैसे किया गया।

विद्यार्थियों का कहना है कि प्रोफेसर एसके चौबे ने भुवनेश्वर टूर के दौरान कई छात्राओं के साथ गलत हरकत की। कई लड़कियों की शारीरिक बनावट को लेकर भद्दे कमेंट किए। ऐसे में कल को प्रोफेसर दूसरी लड़कियों के साथ कुछ गलत करता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

इस प्रकरण के संदर्भ में प्रोफेसर एसके चौबे ने न्यू़ज़क्लिक को बताया था कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने जांच कमेटी की रिपोर्ट पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि रिपोर्ट एक तरफा थी। 

प्रदर्शन में हिस्सा ले रही एक छात्रा ने कहा कि जब कमेटी ने प्रोफेसर को दोषी करार दे दिया था। ऐसे में उन्हें फिर से बहाल कैसे किया जा सकता है। कल को प्रैक्टिकल में कम नंबर देने की धमकी देकर फिर से प्रोफेसर छात्र-छात्राओं के साथ कुछ गलत करेगा , तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

एक अन्य छात्रा ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट में सदस्यों ने कहा था कि ‘सम्मानित शिक्षक’ का चोला ओढ़े एक व्यक्ति अपनी वरिष्ठता और नंबर देने की ताकत का इस्तेमाल गलत कामों के लिए कर रहा है। ऐसे में इसी प्रोफेसर को दोबारा कैसे बहाल किया जा सकता है।

छात्रों का कहना है कि प्रोफेसर चौबे को सेंसर कर कड़ी चेतावनी देना काफी नहीं है। उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ताकी ये भविष्य के लिए मिसाल बन सके।

गौरतलब है कि इससे पहले भी छात्राएं बीएचयू परिसर में छेड़खानी और भेदभाव के खिलाफ खिलाफ सड़कों पर उतरी हैं। इन सबके बावजूद प्रशासन का इस मामले में लचर और उदासीन रवैया कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

BHU Rakesh Bhatnagar
sexual harassment
Sexual Abuse of Women
central university
education system
UttarPradesh
Student Protests
Professor SK Chaubey

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़, छात्र संगठनों ने निकाला विरोध मार्च

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!


बाकी खबरें

  • ganguli and kohli
    लेस्ली ज़ेवियर
    कोहली बनाम गांगुली: दक्षिण अफ्रीका के जोख़िम भरे दौरे के पहले बीसीसीआई के लिए अनुकूल भटकाव
    19 Dec 2021
    दक्षिण अफ्रीका जाने के ठीक पहले सौरव गांगुली बनाम विराट कोहली की टसल हमारी टीवी पर तैर रही है। यह टसल जितनी वास्तविक है, यह इस तथ्य पर पर्दा डालने के लिए भी मुफ़ीद है कि भारतीय टीम ऐसे देश का दौरा कर…
  • modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    चुनावी चक्रम: लाइट-कैमरा-एक्शन और पूजा शुरू
    19 Dec 2021
    सरकार जी उतनी गंभीरता, उतना दिमाग सरकार चलाने में नहीं लगाते हैं जितना पूजा-पाठ करने में लगाते हैं। यह पूजा-पाठ चुनाव से पहले तो और भी अधिक बढ़ जाता है। बिल्कुल ठीक उसी तरह, जिस तरह से किसी ऐसे छात्र…
  • teni
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : जयपुर में मौका चूके राहुल, टेनी को कब तक बचाएगी भाजपा और अन्य ख़बरें
    19 Dec 2021
    सवाल है कि अजय मिश्र को कैसे बचाया जाएगा? क्या एसआईटी की रिपोर्ट के बाद भी उनका इस्तीफा नहीं होगा और उन पर मुकदमा नहीं चलेगा?
  • amit shah
    अजय कुमार
    अमित शाह का एक और जुमला: पिछले 7 सालों में नहीं हुआ कोई भ्रष्टाचार!
    19 Dec 2021
    यह भ्रष्टाचार ही भारत के नसों में इतनी गहराई से समा चुका है जिसकी वजह से देश का गृह मंत्री मीडिया के सामने खुल्लम-खुल्ला कह सकता है कि पिछले 7 सालों में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
  • A Critique of Capitalism’s Obscene Wealth
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    पूंजीवाद की अश्लील-अमीरी : एक आलोचना
    19 Dec 2021
    पूंजीवादी दुनिया में लगभग हर जगह ग़ैर-अमीर ही सबसे ज़्यादा कर चुकाते हैं और अश्लील-अमीरों की कर चोरी के कारण सार्वजनिक सेवाओं में होने वाली कटौतियों की मार बर्दाश्त करते रहते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License