NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
बिहार : बेटा नहीं पैदा हुआ तो 2 बच्चियों के साथ मां को जलाकर मार डाला
बेटियां आज जब हर क्षेत्र में बेटों से भी अव्वल हैं, ज़मीन से लेकर आसमान तक उन्होंने अपनी कामयाबी के नये परचम फहराए हैं, ऐसे समय में भी बेटों की चाह में बेटियों के कत्ल की ख़बरें आ रही हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Nov 2018
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: jagran

बिहार के कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में मानवता और इंसानी रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आई है जहां बेटे की चाह में ससुराल वालों ने ही एक महिला और उसकी दो बच्चियों को जलाकर मार डाला।

पुलिस के अनुसार, सीसवार गांव में बुधवार की देर रात ससुराल वालों ने बेटा पैदा नहीं होने के कारण एक महिला और उसकी दो बच्चियों को जलाकर मार डाला। ग्रामीणों की सूचना के बाद गुरुवार को तड़के पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया। 

कुदरा के थाना प्रभारी राजीव रंजन ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज की रहने वाली पुष्पा देवी का विवाह सिसवार गांव निवासी मनोज सोनी से करीब 18 साल पूर्व हुई थी। इस दौरान पुष्पा ने दो बच्च्यिों को जन्म दिया। आरोप है कि पुष्पा के ससुराल वाले बेटा पैदा नहीं होने के कारण उससे नाराज थे और इसको लेकर उसे प्रताड़ित करते रहते थे। 

आरोप है कि इसी कारण रात को मारने-पीटने के बाद उसको उसकी दोनों बेटियों के साथ जिंदा जला दिया गया, जिससे तीनों की एकसाथ मौत हो गई।

थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के भाई संतोष सोनी के बयान पर गुरुवार को हत्या की एक प्राथमिकी कुदरा थाना में दर्ज कर ली गई है जिसमें मृतका की सास, ननद और पति को नामजद आरोपी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद से सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।

21वीं सदी के इस दूसरे दशक में भी बेटियों को लेकर पुरातनपंथी सोच बदल नहीं रही है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे तमाम नारों और सरकारी कार्यक्रमों के बाद भी लड़कियों पर गर्भ से लेकर बाहर सार्वजनिक जीवन तक हमले रुक नहीं रहे हैं। आधी आबादी आज भी बेटों की चाहत का मूल्य चुका रही है।

 

(इनपुट आईएएनएस)

violence against women
murder
Bihar
Son's desire
beti bachao beti padhao
crimes against women

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License