NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार बंद: जनसामान्य का समर्थन
बंद बुलाने का एक मुख्य कारण हाल ही में हुई मुज़फ्फरपुर की घटना और लगातार बढ़ता दलित उत्पीड़न हैI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Aug 2018
bihar band

बिहार के  मुज़फ्फरपुर स्थित बालिका सुधारगृह में  34 लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण और दलित समुदाए पर लगातार बढ़ते अपराधों के विरोध में वाम दलों सहित पूरे विपक्ष ने आज बिहार बंद का आह्वन किया। बंद की मुख्य माँग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफ़ा है।

यह भी पढ़ें: बिहार: मुज़फ्फरपुर बालिका सुधारगृह या बालिका शोषणगृह

बंद का आह्वन सीपीआई, सीपीआई(एम), सीपीआई(एमएल), एसयूसीआई(सी) और आरएसपी सहित कई वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से किया है। बंद को बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, लोकतांत्रिक जनता दल ने भी अपना समर्थन दियाI

बंद का असर राज्य भर में देखने को मिल रहा है। खबरों के मुताबिक सिवान और नवादा जिलों में वामदलों के कार्यकर्त्ताओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं राजधानी पटना के बाज़ार भी सूने नज़र आए व ज़्यादातर दुकानों के शटर गिरे रहे। राज्य  सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण के नाम पर अतिरिक्त बलों की तैनाती भी की है।

बंद का असर रेल सेवाओं पर भी देखने को मिला है। जहानाबाद में पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस और दरभंगा में बिहार संपर्क क्रांति जैसी तकरीबन दर्जन भर ट्रेनों को रोक कर प्रर्दशन किया। रिपोर्टों के अनुसार दरभंगा, मधुबनी, जहानाबाद, गया, मुज़फ्फरपुर, पटना और भोजपुर जिलों में ट्रेन सेवा प्रभावित रहीं। ट्रेनों के अतिरिक्त  प्रदर्शनकारियों ने सिवाए भोजपुर, नवादा, पटना, अरवाल, जगबाद जिलों में कई सड़कों को भी बंद कर प्रदर्शन किया।

हालांकि बंद से पहले आपातकालीन सेवाएँ जैसे एंबुलेंस, फायरब्रिगेड को इससे मुक्त रखे जाने की घोषणा की गई थी ताकि जन समान्य को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

प्रदर्शन कर रहें लोगों ने किशनगंज में बस स्टैंड के समीप एनएच 31 को जाम कर प्रदर्शन किया व मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में एनएच 107 मुख्य मार्ग पर बेंगापुल को जामकर प्रदर्शन किया। दरभंगा में जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 527 बी को दड़िमा चौक पर जाम कर दिया गया व राष्ट्रीय राजमार्ग 57 को भी सिमरी थाना चौक पर बंद समर्थकों ने  प्रदर्शन किया।

यह भी पढ़ें: बिहार के 'बालिका सुधार गृह' की सच्चाई

बंद बुलाने का एक मुख्य कारण हाल ही में हुई मुजफ्फरपुर की घटना भी है। गौरतलब है कि हाल ही में मुजफ्फरपुर में एक बालिका सुधारगृह की बालिकाओं  ने ऑडिट के दौरान टाटा इंसटीट्यूट ऑफ सोशल साइंस  ने पता लगाया कि लड़कियों के आश्रय और सुधारगृह में प्रबंधकों और वहाँ आने वाले अन्य लोगों द्वारा लंबे समय तक यौन उत्पीड़न होता रहा। कई रिपोर्टों के मुताबिक मुज़फ्फरपुर के बालिका गृह में रहने वाली 44 लड़कियों में से कुल 34 लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है।

सी.पी.एम के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि “यह बंद ऐतिहासिक रहा क्योंकि जिन मुद्दों को लेकर हमने यह बंद बुलाया था उससे जनसामान्य अपने को जुड़ा पाता है। लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष देखने को मिला कि इतने लम्बे समय तक बालिकाओं से लगातार बलात्कार की घटना होती रही और सरकार के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी।“

मुज़फ्फरपुर घटना पर अवधेश ने कहा कि “सरकार सिर्फ सी.बी.आई को जाँच सौंपकर अपनी ज़िम्मेदारियों से भाग रही है। सरकार ने अभी तक अपनी मंत्री मंजु शर्मा तक को निष्कासित नहीं किया है जिनकी नाँक के  नीचे यह पूरी घटना घटी। नीतीश कुमार को नैतिक ज़िम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, उन्हें कोई हक नहीं बनता अपने पद पर बनें रहने का।“

अवधेश ने यह भी कहा कि “हमें बिहार के तमाम विपक्षी दलों के साथ दलित संगठनों का भी भारी समर्थन मिला है।“

बिहार बंद
muzzafarpur
muzzafarpur rape case
Bihar
left parties
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License