NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार बोर्ड के परिणाम घोषित ,परन्तु विवादों से पीछा न छूटा
बिहार बोर्ड के मैट्रिक की 42000 उत्तरपुस्तिकाओं को 8500 रुपये में कबाड़ी को बेचा गया |
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Jun 2018
bihar board

बिहार बोर्ड के परीक्षाओं और विवादों का नाता चोली और दामन का है | इस बार भी परिणाम घोषणा से पूर्व ही बोर्ड पर कई गंभीर आरोप लगे | इन सब में सबसे बड़ा प्रश्न है कि जो बिहार के गोपालगंज मूल्यंकन केंद्र से उत्तरपुस्तिकाएँ गायब हुई हैं उनका क्या होगा ?

इस पूरे मामले में अभी जाँच चल रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गोपालगंज के एसएस बालिका विद्यालय के मूल्यांकन केंद्र से बिहार बोर्ड के मैट्रिक की 42000 उत्तरपुस्तिकाए 8500 रुपए में कबाड़ी को बेची गई थी| इसको लेकर कबाड़ी वाले ने खुलासा करते हुए अपना अपराध स्वीकार किया है|

 

इसे भी पढ़े : बिहार: हाईस्कूल के परिणाम आने से पहले 42 हज़ार मूल्यांकित कॉपियाँ गायब

उसने बताया कि विद्यालय के चपरासी छट्ठू सिंह ने 8500 रुपये में उत्तरपुस्तिकाएँ बेच दी थीं | "मैं एक ऑटोरिक्शा में देर रात बैठकर स्कूल पहुंचा था जहां से छट्ठू सिंह ने मुझे कॉपियां दीं और मैं ऑटोरिक्शा से उत्तरपुस्तिकाए ले आया था|" इस मामले में ऑटो चालक संतोष कुमार और कबाड़ी वाले पप्पू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है |

इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से एक महीने के अंदर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है|

 

इसे भी पढ़े : बिहार : उत्तरपुस्तिका गायब होने का मामला हाईकोर्ट पहुँचा

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बिहार परीक्षा मूल्यांकन समिति के सदस्य श्री शाहज़फर इमाम ने बतया कि “उत्तरपुस्तिकाओं के गयब होने के मामले में जो भी दोषी हो उन पर कठोर करवाई हो, हम उसका समर्थन करते हैं लेकिन अभी तक की पूरी जाँच के दौरान ऐसा लग रहा है कि सरकार, इस पूरे खेल के छोटे खिलाडियों को गिरफ्तार करके मामले को रफा दफा करने में लगी हुई है | जबकी इसके मुख्य दोषियों पर कोई करवाई नहीं हो रही है | इन उत्तरपुस्तिकाओं  की सुरक्षा की मुख्य ज़िम्मेदारी बिहार बोर्ड परीक्षा समिति की होती है जिन पर अब तक कोई करवाई नहीं हुई है” |

बिहार बोर्ड ने गुरुवार को मैट्रिक परीक्षा 2018 का रिजल्ट जारी कर दिया। इस साल 17 लाख 58 हजार 797 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 12 लाख 11 हजार 617 पास हुए हैं। जबकि 5 लाख 38 हजार 825 फेल हो गए। सफलता का प्रतिशत 68.89 रहा। पिछले साल 50.12 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हुए थे।  इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को माना जा रहा है। पहली बार मैट्रिक परीक्षा में 50 फीसदी वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए थे। इसे कई लोग बोर्ड के परिणाम बेहतर करने की तरकीब के रूप में देख रहें है |

 

इस भी पढ़े : बिहार: सुशासन बाबू के राज में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल

सरकार और बोर्ड ने इस बार परिणाम घोषणा से पूर्व बिहार के टॉपरों की स्क्रूटिनी का निर्णय किया परन्तु उन में से 12 उत्तरपुस्तिकाएं  गायब मिली थी इस पर भी  कोई साफ उत्तर नही दिया कि बिना उत्तरपुस्तिकाओ के उनकी स्क्रूटिनी कैसे हुई ?

 

28 जून से 5 जुलाई तक छात्र  स्क्रूटिनी के लिए करें आवेदन कर सकते हैं
रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र स्क्रूटिनी के लिए 28 जून से 5 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने कल अपनी प्रेसवार्ता में बताया कि वैसे परीक्षार्थी जो एक विषय अथवा दो विषय में अनुत्तीर्ण हुए हों, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 28 जून, से 05 जुलाई के बीच ऑनलाइन फार्म भरने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। कंपार्टमेंटल परीक्षा की तारीख भी जल्द ही घोषित होगी।

लेकिन इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं दिया कि जिन छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं ही गायब हो गई है ,अगर वो अपने घोषित परिणाम से असंतुष्ट हैं और वो अपने उत्तरपुस्तिका का पुन:मूल्यंकन चाहते है तो उनके लिए क्या उपाय है ? इस प्रश्न का कोई भी संतोषजनक जबाब देने में वो असफल रहे हैं | बिहार में फिर से बोर्ड परीक्षा का कबाड़ा निकल गया इस बार तो इस कबाड़े  में कबाड़ी भी शामिल है |

बिहार बोर्ड के द्बारा गुरुवार को मैट्रिक परीक्षा 2018 का रिजल्ट जारी होने के बाद बोर्ड और सरकार अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है। वजह ये है कि  पिछले वर्ष की तुलना में परिणामो में वृद्धि हुई है | जबकी इसका एक दूसरा पक्ष यह भी है कि रिजल्ट सुधार पर भी 10% परीक्षार्थियों को ही 60 या 60% से ज्यादा अंक आए हैं |

रिजल्ट ने परीक्षा बोर्ड को खुश होने का मौका प्रदान किया है। लेकिन, हकीकत यह है कि रिजल्ट में वृद्धि का बड़ा कारण परीक्षा पैटर्न में बदलाव है। वर्ष 2017 के मुकाबले इस साल रिजल्ट में सुधार है। वर्ष 2017 में 50.12, 2016 में 47.15% परीक्षार्थियों ने सफलता दर्ज की थी। वर्ष 2016 में खराब रिजल्ट के बाद बोर्ड की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद 2017 में ग्रेस अंक देकर रिजल्ट में सुधार कराया गया। इस बार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा में भी इंटर की तर्ज पर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को शामिल कर दिया, वह भी 50 फीसदी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को शामिल किया गया था । इस बदलाव की पहले से अपेक्षा थी कि रिजल्ट में भारी उछाल आएगा। हालांकि बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर इसे सरकार के शैक्षणिक सुधारों व कार्यों का परिणाम बता रहे हैं। जबकि प्रथम श्रेणी से महज 10.76% परीक्षार्थी पास हुए हैं। द्वितीय श्रेणी से 37.74 और तृतीय श्रेणी से 20.30 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।

Bihar
Bihar board
10th class exams
marksheets
marksheets stolen

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • Asha Usha workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
    07 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है,…
  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License