NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: एक और नाबालिग का बलात्कार और निर्मम हत्या
बिहार के सरैया थाना क्षेत्र में दस वर्षीय बालिका के साथ गैंगरेप कर हत्या कर दी गई, विरोध करने पर उसके छोटे भाई की भी बेरहमी से पिटाई कर आँखें फोड़ दी गयीं और दोनों के शव नदी में फ़ेंक दिए गयेI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Jul 2018
minor rape
Image courtesy :DNA India

बिहार में एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई हैI 22जुलाई को लगभग शाम 4 बजे एक दस वर्षीय बालिका बकरी चराने के लिए गई हुई थीIवहीं कुछ लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म कियाI इस पूरी घटना के गवाह, बालिका का आठ वर्षीय भाई, को भी उन दरिंदो ने पकड़ा और उसकी आँखें फोड़ दींI इसके बाद भाई-बहन की निर्मम हत्या कर दी गयीI

यह मामला बिहार में अभी चल रहे बालिका सुधारगृह  में 29 बालिकाओं के साथ यौन शोषण के हंगामे के बीच आया हैI यह मामला जितने बड़े स्तर पर हुआ उससे पूरा देश स्तब्ध हैI अब तो इस मामले में विपक्ष साफतौर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर को बचाने काआरोप लगा रहा हैI

बिहार में पिछले कुछ समय से लगातार इस तरह के अपराधों की खबरें सामने आ रही हैंI अभी कुछ समय पहले गया ज़िले में एक नाबालिग बच्ची और उसकी माँ के साथ बलात्कार किया गया थाI इसके बाद छपरा के एक निजी स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षकों द्वारा एक छात्रा के यौनशोषण करने की खबर ने पूरेराज्य को दहला दियाI

इसे भी पढ़े : बिहार: बालिका सुधारगृह में मासूम बच्चियों से सालों से हो रहा था बलात्कार!

मौजूदा मामले में भी सरकार और प्रशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैंI हमने भी जब पुलिस अधिकारीयों से बात करने की कोशिश की तो सभी ने कोई-न-कोई बहाना बनाकर बात करने से इंकार कर दियाI

इस मामले को लेकर वामपंथी पार्टियों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ और एक प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से भी मिलाI विरोध प्रदर्शन में आये लोगों नेआरोपियों को जल्द-से-जल्द पकड़ने के लिए कहा, नहीं तो और वे व्यापक विरोध प्रदर्शन के लिए भी तैयार हैंI

इस प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्थानीय कम्युनिस्ट नेता नन्हका साहा ने कहा कि “एक दस वर्ष की मासूम के रेप; उसकी और उसके आठ वर्ष के एक भाई की आँख फोड़ने और दोनों की हत्या का ऐसा मामला बिहार में पहली बार हुआ हैI और अपराधी अबतक पुलिस की पकड़ से बहार है”I

इसके बाद वहाँ के लोगों ने कहा कि अब उनका बिहार की कानून व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह से उठ गया हैI अब वे मान चुके हैं कि अपनी सुरक्षा उन्हेंस्वंय करनी है क्योंकि सरकार और प्रशासन ने अपराधियों से गठजोड़ कर लिया हैI

अभी इस घटना मे तीन नामज़द आरोपी हैं। जिनमें से एक बहुत बड़ा रसूखदार एवं नेताओं का करीबी है। आरोप है कि इसीलिए पुलिस गिरफ्तारी में आनाकानी कर रही हैI

नन्हका साहा ने बताया कि पीड़ित परिवार के मुताबिक जिन्होंने उनकी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया वो घटना की अगली सुबह तक घटना स्थल पर ही थेI परन्तु पुलिस ने उन्हें भागने का समय दियाI जब वो वहाँ से निकल गए तब पुलिस वहाँ पहुँचीI

इसे भी पढ़े : क्या यही है बिहार का सुशासन ?

एक महिला कार्यकर्त्ता ने कहा कि, “आज नीतीश कुमार और भाजपा ज़ोर से नारा लगाती हैं कि ‘बेटी बचाओ ,बेटी पढ़ाओ’ लेकिन अगर हम देखें तो बिहार में बच्चियों के साथ बलात्कार होते हैं और पूरा प्रशासन उन्हें सज़ा दिलाने की जगह उनको बचाता है”I

इसी मामले पर बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया और नीतीश कुमार के सुशासन के दावों पर तंज़ कसा और कहा कि “बिहार में फिर एक 4 साल और एक 9 साल की बच्ची से बलात्कार। बलात्कार के बाद क़त्ल। इसलिए नीतीश कुमार सुशासन बाबू है क्योंकि वो बलात्कारियों के साथ है”।

Bihar
Nitish Kumar
minor girl raped

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License