NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बिहार: जमालपुर के ऐतिहासिक रेल कारखाने के निजीकरण के विरोध में एकदिवसीय धरना
बिहार के मुंगेर स्थित रेल कारखाने के निजीकरण और डीजल इंजन शेड की समाप्त किए जाने की योजना के विरोध में जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Sep 2019
Bihar protest

मुंगेर: बिहार के मुंगेर स्थित ऐतिहासिक जमालपुर रेल कारखाना के डीजल इंजन शेड को समाप्त करने की सरकार की योजना और इसी जगह इलेक्ट्रिक इंजन शेड स्थापित किये जाने की मांग को ले कर जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया।  

इस धरने की अध्यक्षता करते हुए लेफ्ट के नेता दशरथ सिंह ने कहा, 'आज मोदी सरकार के नेतृत्व में देश निजीकरण की तरफ बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं। यही कारण है आज ऐतिहासिक जमालपुर रेल कारखाना के अधीन डीजल इंजन शेड पतन की तरफ अग्रसर है। इसे लेकर बड़ी लड़ाई और चरणबद्ध आंदोलन की जरूरत है। वरना स्थानीय छात्र नौजवानों के सामने विकल्प और सुखद भविष्य की विकट समस्या उत्पन्न होने वाली है।'

वहीं, जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के सह संयोजक कन्हैया सिंह कहते हैं,'अगर सरकार यहां स्थापित डीजल शेड को समाप्त करना चाहती है तो फिर इलेक्ट्रिक शेड की स्थापना यहां की जाए जिससे कर्मचारियों के स्थानांतर का संकट समाप्त हो और आज धरने के माध्यम से केंद्र सरकार से हमारी मुख्य मांग भी यही है।'

आपको बता दें कि इससे पहले भी जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने  तीन सूत्री मांगों को रेल अधिकारी के समक्ष रखा था। इसमें जमालपुर डीजल शेड को इलेक्ट्रिक शेड का जल्द से जल्द दर्जा देने और डीजल शेड के कर्मचारियों का स्थानांतरण अविलंब बंद करते हुए इन कर्मचारियों को जमालपुर रेल कारखाना में ही कार्यरत रखना प्रमुख मांग थी।

गौरतलब है कि 8 फरवरी 1862 को स्थापित ये जमालपुर रेल इंजन कारखाना भारत का पहला और एशिया का सबसे विशालतम रेल इंजन कारखाना है। डेढ़ सौ वर्षों से अधिक के अपने अतीत से ले कर आज तक रेलवे का जो कार्य इसे सौंपा गया उसे इसने बेहतर ढंग से पूरा करते हुए और अपना एक अलग अंतर्राष्ट्रीय मापदंड स्थपित किया है। जमालपुर रेल कारखाना पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अधीनस्थ है।

Bihar
protest and the privatization
Railway factory
Railway construction

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • lalu
    भाषा
    चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया
    15 Feb 2022
    अदालत ने 29 जनवरी को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी है।
  • kanpur
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: कानपुर क्या बदलाव के लिए तैयार है?
    15 Feb 2022
    कानपुर शहर को औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन कोविड महामारी ने कानपुर के उद्योग की कमर तोड़ कर रख दी है। बेरोज़गारी बढ़ गई है। जो मज़दूर काम कर रहे हें उनका वेतन काफी कम हो गया है।
  • Gyana Devi
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बग़ैर किसी सरकारी मदद के अपने वजूद के लिए लड़तीं कोविड विधवाएं
    15 Feb 2022
    राज्य भर के हज़ारों परिवारों को मुआवज़ा मिलने के कोई आसार नहीं हैं, क्योंकि लोगों के पास स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच नहीं है और इसलिए, कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई मौत का वे "सबूत" नहीं दे सकते।
  • एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी आक्रमकता को कम किया
    15 Feb 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को बाइडेन द्वारा किए गए फ़ोन के बारे में व्हाइट हाउस ने जो बयान जारी किया है वह हालिया अमेरिकी घोषणाओं से अलग है।
  • यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    15 Feb 2022
    "हमें तो खेती करने के लिए और क़र्ज़ ही लेना पड़ रहा है फ़ायदे की तो बात ही छोड़ दीजिए। अभी तो हाल यह हो गया है कि खेती में लागत का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License