NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार में बाढ़: आपदाओं के प्रबंधन में नीतीश सरकार लाचार क्यों नज़र आती है?
पटना में रहने वाले सूरज कुमार न्यूज़क्लिक से बताते हैं, 'जिला प्रशासन की ओर से जलजमाव में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए आपातकालीन नंबर जारी किया गया है। लेकिन यह नंबर काम का नहीं है। इससे कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Sep 2019
bihar
फोटो साभार: दहिंदू

बिहार में भारी बारिश के चलते बीते 24 घंटों के दौरान 29 से अधिक लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य ज़ख्मी हो गए। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविवार को पटना शहर के खगौल थाना अंतर्गत दानापुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी गेट के समीप भारी बारिश के कारण एक ऑटोरिक्शा पर पेड़ गिर जाने से उसमें सवार डेढ़ साल की एक बच्ची और तीन महिलाओं की मौत हो गयी।

भागलपुर जिला के बरारी थाना क्षेत्र में भारी बारिश के कारण अलग-अलग स्थानों पर दीवार ढह जाने से रविवार को मलबे के नीचे दबकर छह लोगों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति जख्मी हो गया। भागलपुर जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण बरारी थाना क्षेत्र स्थित एक हनुमान मंदिर की चारदीवारी के अचानक गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति जख्मी हो गया।

गया जिला में दीवार गिरने से पांच लोगों और एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गयी है। कैमूर जिला में लगातार तीन दिनों से बारिश के कारण दो जगहों पर मिट्टी के मकानों की दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई।

कैमूर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जिला मुख्यालय भभुआ के वार्ड संख्या सात में सबरी नगर मोहल्ले में मिट्टी के घर की दीवार गिरने से 62 वर्षीय महिला मुखिया देवी और उनकी 12 वर्षीय नातिनी सविता कुमारी की मौत हो गई। कैमूर जिला के भभुआ थाना अंतर्गत डुमरैथ गांव में मिट्टी के घर की दीवार गिरने से पुलिस चौधरी के छह वर्षीय पुत्र शिवम की मौत हो गई।

बेगूसराय जिला में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि तीन अन्य घायल हो गए। जमुई जिला में डूबने से और पूर्णिया जिला में दीवार गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी है।

बिहार की राजधानी पटना बनी झील

बिहार की राजधानी पटना एक बड़े झील में तब्दील हो चुकी है। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर 6 से 7 फुट तक पानी जमा है। लोग छतों पर ठिकाना बनाने को मजबूर हैं। यहां तक कि नीतीश सरकार में मंत्री प्रेम कुमार के आवास में भी पानी घुस गया।

कोचिंग हब कहे जाने वाले राजेंद्रनगर में हॉस्टल में फंसीं सैकड़ों छात्राओं को रेस्क्यू किया गया है। वहीं, हजारों कोचिंग स्टूडेंट अब भी फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ के साथ ही एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने और फूड पैकेट गिराने के लिए भारतीय वायुसेना से दो हेलिकॉप्टर की मांग की है। इसके साथ ही सरकार ने एयर फोर्स से पानी निकालने की मशीन भी मुहैया कराने की मांग की है।

TH29BIHAR.jpg

पटना के राजेंद्र नगर में रहने वाले सौरभ सिंह ने न्यूज़क्लिक से बताया है, 'घर, दुकान, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे सब जलमग्न हो गए हैं। राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, लंगर टोली, बहादुरपुर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, राजीवनगर, गर्दनीबाग, सरिस्ताबाद, चांदमारी रोड, पोस्टल पार्क, इंदिरानगर आदि इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। राजेंद्रनगर में छह फीट तक का जलजमाव है। यहां नावें चलाई जा रही हैं। सरकार से अलग बहुत सारे लोग चूड़ा-गुड़ और पानी की बोतल बांट रहे हैं।'

क्या कहना है सरकार का?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिलाधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद कहा, 'हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मैं राज्य के लोगों से धैर्य और हिम्मत रखने की अपील करता हूं।'

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के मद्देनजर रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ भी बैठक की है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के दोनों किनारे स्थित 12 जिलों में कहीं-कहीं लोगों के लिए दिक्कत की स्थिति पैदा हो गयी। अब पिछले पांच-छह दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे आपदा जैसी स्थिति बताया है। मौजूदा स्थिति पर उन्होंने कहा, ‘लोगों को भी अपना मन और हौसला थोड़ा बुलंद रखना चाहिए। नेचर किसी के हाथ में नहीं है। यहां तक कि मौसम विज्ञान भी सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक बात बदल जाती है। ऐसी परिस्थिति में हिम्मत से काम लेने की जरूरत है।’

हालांकि सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास को लेकर लोगों में गुस्सा है। वह इसे नाकाफी बता रहे हैं।

पटना में रहने वाले सूरज कुमार न्यूज़क्लिक से बताते हैं, 'जिला प्रशासन की ओर से जलजमाव में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए आपातकालीन नंबर जारी किया गया है। लेकिन यह नंबर काम का नहीं है। इससे कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। एक तो हम लोगों का मोबाइल ढंग से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में अगर कोई मोबाइल चलता हुए मिल गया तो इन नंबर पर फोन करने पर कोई रिसिव नहीं कर रहा, अगर गलती से उठा लिया गया तो मदद की जगह दूसरे का नंबर थमा दिया जा रहा है। परिणामत: कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। इससे ज्यादा तो लोग एकदूसरे की मदद कर रहे हैं।'

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में आई बाढ़ के कारण जान-माल के नुकसान पर दुख प्रकट करते हुए सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि वे प्रभावित लोगों की मदद में तत्काल जुट जाएं।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं और कई लोगों की मौत के समाचार हैं। जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’ गांधी ने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे प्रभावित लोगों के राहत और बचाव कार्य में तत्काल जुट जाएं।’

आपदा प्रबधंन में नाकाम नीतीश सरकार

बिहार के कई जिलों में हालात बहुत खराब है। सोशल मीडिया पर लोग तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। यह सवाल भी उठा रहे हैं कि इस बुरी हालात के लिए कौन जिम्मेदार है। एक तरफ पटना जैसा शहर स्मार्ट सिटी बनने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो का स्वागत कर रहा है। लेकिन वही शहर ऐसा जलजमाव कब तक झेलेगा?

साथ ही सवाल बिहार सरकार के पूरे आपदा प्रबंधन के सिस्टम को लेकर उठ रहा है। अभी कुछ दिन पहले चमकी बुखार से निपटने में बिहार सरकार बुरी तरह नाकाम रही थी। उसी समय सूखा और भारी गर्मी में लू के चलते सैकड़ों की संख्या में लोगों की मौत हो गई थी।

 

TH29BIHAR4.jpg
पटना में रहने वाले स्वतंत्र पत्रकार उमेश कुमार राय कहते हैं, 'बिहार की नीतीश सरकार आपदा प्रबंधन को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। बिहार पहले से ही सूखा और बाढ़ की चपेट में रहा है तो इस कारण सरकार को लगता है लोग झेल जाएंगें। दूसरी बात ये कि सरकार तैयार भी नहीं रहती है। पटना में बड़े नालों की सफाई ढंग से नहीं हुई थी, अखबार में इसे लेकर खबरें भी आई थी लेकिन सरकार के तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण आज ये हालात बने हुए हैं। अब जब हालात बेकाबू हो गए हैं तो सरकार हरकत में आकर बैठकें कर रही है।'

उत्तर प्रदेश में भी हालात खराब

आपको बता दें कि चार दिनों में देशभर में हुई भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जिनमें सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। यहां गुरुवार से अब तक कम से कम 93 लोगों की मौत हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के बलिया में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से जिला कारागार में पानी भर गया है। इस कारण सभी कैदियों को आजमगढ़ और अम्बेडकर नगर जेल ले जाया जा रहा है। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने सोमवार को बताया कि जिला कारागार में भारी जलजमाव की स्थिति को देखते हुए कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें आजमगढ़ और अम्बेडकर नगर की जेल में अस्थायी तौर पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि जिला कारागार के सभी बैरक में करीब तीन फुट तक पानी भर गया है। कैदियों के सोने की जगह भी लगभग एक फुट तक डूब गयी है। इस वजह से कैदियों के सोने के लिये कोई स्थान नहीं रह गया है।

उन्होंने बताया कि जिला कारागार का सीवर और शौचालय ओवर फ्लो कर रहा है। हालात का जायजा लेने के लिये अपर पुलिस महानिदेशक ब्रज भूषण शर्मा और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज तिवारी बलिया पहुंच गये हैं।

यादव ने बताया कि जिला कारागार में कुल 863 कैदी हैं। इनमें से 44 महिलाओं और 9 बच्चों सहित कुल 500 कैदियों को आजमगढ़ तथा बाकी कैदियों को अम्बेडकरनगर कारागार ले जाया जा रहा है। इसके लिये चार पुलिस उपाधीक्षक, 20 थानाध्यक्ष, 80 उप निरीक्षक, 146 हेड कांस्टेबल और 380 कांस्टेबल तैनात किये गये हैं।

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, बारिश के कारण बलिया में हालात खराब हो गये हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Rain In Bihar
Patna Rain
Nitish Kumar
BJP
Bihar Rain
Bihar flood
Rahul Gandhi

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License