NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
बिहार में मॉब लिंचिंग : तीन लोगों की मौत
भीड़ ने पशु चोरी के शक में इन लोगों को बुरी तरह पीटा। बताया जा रहा है कि दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादी संगठनों के कुछ कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से गाँव में पशु चोरों की अफवाह फैला रहे थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jul 2019
mob lynching in Bihar

मॉब लिंचिंग की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। अभी झारखंड के तबरेज़ की हत्या की ख़बर ठंडी भी न हुई है कि बिहार के सारण ज़िले में भीड़ ने 3 लोगों को घेरकर मार डाला।

बताया जा रहा है कि सारण के बनियापुर थाना अंतर्गत पिठौरी नंदलाल टोला में मवेशी चुराने के आरोप में तीन युवकों को ग्रामीणों ने घेर लिया और पीट-पीटकर मार डाला।

इनमें दो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि तीसरे की मौत इलाज के दौरान सदर अस्पताल छपरा में हो गई। एक चौथा व्यक्ति घायल भी है, जो छपरा के सरकारी अस्पताल में जीवन और मौत के बीच झूल रहा है।

ये लोग मवेशियों को खरीदने के लिए एक पिकअप वैन में जा रहे थे। मृतकों की पहचान नौशाद कुरैशी, राजू नट और विदेश नट के रूप में हुई है। शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पुलिस ने अभी गंभीर रूप से घायल के नाम का खुलासा नहीं किया है।

एक स्थानीय एक्टिविस्ट के अनुसार, दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादी संगठनों के कुछ कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से गाँव में पशु चोरों की अफवाह फैला रहे थे। उन्होंने कहा, “जब पीड़ित एक वाहन में गांव से गुजर रहे थे, तो कुछ ग्रामीणों ने उन लोगों पर पशु चोर होने का शक किया। तुरंत, दर्जनों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और उन्हें पकड़ लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। उन्हें बांस की डंडियों, लोहे की छड़ों और ईंटों से तब तक पीटा गया जब तक उन्होंने होश नहीं खो दिया।"

इसे भी पढ़ें : क्या इस देश में भाजपा नहीं भीड़तंत्र का राज लौट आया है?

mob lynching in Bihar
mob lynching
Bihar
saran chapra
Nitish Kumar
bjp-jdu

Related Stories

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,729 नए मामले, 221 मरीज़ों की मौत
    05 Nov 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 43 लाख 33 हज़ार 754 हो गयी है।
  • Diagnosis and Recovery Long
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन बताता है कि मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस रोगियों की पहचान और इलाज का सफ़र लंबा और महंगा है
    05 Nov 2021
    इस रिपोर्ट में ज़िक़्र किया गया है कि कैसे एमडीआर-टीबी के 128 (49%) रोगियों में से 62 रोगियों के होने वाले ख़र्च के आकलन से पता चला कि औसत ख़र्च 10,000 रुपये था, और 14 (23%) रोगियों ने बताया कि यह…
  • akhilesh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    उत्तर प्रदेशः छोटी छोटी पार्टियों की बड़ी बेचैनी
    05 Nov 2021
    ध्यान से देखा जाए तो यह होड़ उत्तर प्रदेश की विभिन्न जातियों की सामाजिक-राजनीतिक हलचल है। यह छोटी जातियों का राजनीतिकरण है जो हिंदुत्व और समाजवाद के बड़े बड़े आख्यानों के बीच अपने लिए सम्मान और सत्ता…
  • kisan diwali
    लाल बहादुर सिंह
    उपचुनाव नतीजों के बाद पैनिक मोड में आई मोदी सरकार क्या किसान-आंदोलन पर भी यू-टर्न लेगी? 
    05 Nov 2021
    अगले 1-2 महीने बेहद निर्णायक हैं आंदोलन के भविष्य के लिए। इस दौरान  एक ओर सरकार किसी न किसी तरह आंदोलन खत्म कराने के अधिकतम दबाव में रहेगी, दूसरी ओर आंदोलन के सामने न सिर्फ अपने को मजबूती से टिकाए…
  • diwali crackers
    शंभूनाथ शुक्ल
    दिवाली, पटाख़े और हमारी हवा
    04 Nov 2021
    दशहरा या दिवाली पर पटाख़े फोड़ने का कोई भी धार्मिक विधि-विधान नहीं है लेकिन जिनके पास अतिरिक्त धन है, उनको दिवाली पर पटाख़ों को फोड़ने में आनंद मिलता है। शायद इस तरह वे अपने वैभव का प्रदर्शन करते हों।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License