NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार : पटना में डाकबंगला चौराहे पर ट्रेड यूनियनों का दिनभर रहा कब्ज़ा, मोदी राज को ध्वस्त करने आह्वान
आम हड़ताल के पहले दिन स्कीम वर्करों, निर्माण मजदूरों व संगठित-असंगठित क्षेत्र के लाखों मजदूर सड़कों पर उतरे। 9 जनवरी को हड़ताल के समर्थन में वाम दल का बिहार बंद।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jan 2019
BIHAR Workers Strike

ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर दो दिवसीय आम हड़ताल के पहले दिन बिहार में लाखों की तादाद में स्कीम वर्करों के विभिन्न तबके, ग्रामीण खेतिहर मजदूर, निर्माण मजदूर, बैंक-बीमा के कर्मचारी सड़क पर उतरे और मजदूर व कर्मचारी विरोधी तथा कारपोरेटपरस्त मोदी सरकार को ध्वस्त करने का संकल्प लिया। 

राजधानी पटना में ऐक्टू व उससे संबद्ध यूनियनों के नेतृत्व में हजारों की तादाद में मजदूरों का विभिन्न तबका “मोदी हटाओ-देश बचाओ” नारे के साथ सड़क पर उतरे और राजधानी के विभिन्न इलाकों में मार्च किया। आम हड़ताल की प्रमुख मांगों में श्रम कानूनों में मालिक पक्षीय सुधारों को वापस लेने, सभी के लिए न्यूनतम वेतन 18 हजार का प्रावधान करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, महंगाई पर रोक लगाने सहित 12 सूत्री मांगें शामिल हैं।

 हड़ताली मजदूरों का पहला जत्था ऐक्टू के बिहार राज्य सचिव रणविजय कुमार के नेतृत्व में कंकड़बाग से निकला जिसमें सैकड़ों की तादाद में निर्माण मजदूर शामिल थे। कंकड़बाग, रेलवे स्टेशन होते हुए यह जत्था 11 बजे डाकबंगला चौराहा पहुंचा और चौराहे पर प्रधानमंत्री मोदी के दर्जनों पुतले जलाए। फिर यह जत्था मार्च करते हुए रेडियो स्टेशन की ओर बढ़ गया।

 BIHAR Workers Strike2.jpg

1 हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं

रेलवे स्टेशन से बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ की बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे के नेतृत्व में हड़ताली रसोइयों ने मार्च निकाला। विदित हो कि आशा कर्मियों के बाद अब रसोइया संगठन विगत 7 जनवरी से हड़ताल पर हैं। रसोइया संगठन भी रसोइयों के लिए 18 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग कर रही हैं। अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा कि हड़ताली रसोइयों की मांगों को पूरा करने की बजाय सरकार दमन की नीति अपना रही है। इसलिए आज पूरे बिहार में लाखों की संख्या में विद्यालय रसोइया हड़ताल में शामिल हो रही हैं।

बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ-गोप गुट की बिहार राज्य अध्यक्ष शशि यादव के नेतृत्व में गांधी मैदान से सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं का मार्च आरंभ हुआ। मार्च के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने आवाज बुलंद की - 1 हजार में दम नहीं, 18हजार से कम नहीं। विदित हो कि विगत 1 दिसंबर से आशाकर्मियों की बिहार में लंबी हड़ताल चल रही थी। हड़ताल के दबाव में आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और उनके लिए मानदेय लागू करना पड़ा। शशि यादव ने कहा कि 18 हजार रुपये मानेदय के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी और हमें उम्मीद है कि हम इस लड़ाई को अवश्य जीतेंगे।

 

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र झा, ऐक्टू के महासचिव आर एन ठाकुर, प्रेमचंद सिन्हा, जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में मजदूरों व कर्मचारियों ने हड़ताली चौराहे से डाकबंगला की ओर मार्च किया। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ-गोपगुट के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद के नेतृत्व में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने जुलूस निकाला। इन यूनियनों के अलावा शिवनाथ प्रसाद के नेतृत्व में बैंकोस कर्मचारी यूनियन,कृष्णनंदन सिंह व केडी विद्याथी के नेतृत्व में बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ-गोप गुट, आशीष कुमार के नेतृत्व में बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ आदि यूनियनों के कर्मचारियों ने भी आज की हड़ताल में हिस्सा लिया। राजधानी पटना के फुलवारी में सुबह से सुधा डेयरी के मजदूरों ने जाम लगा दिया। ऐक्टू से संबद्ध यूनियन ने नालंदा बिस्कुट कंपनी में हड़ताल करवाई। एम्स के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।

 अन्य ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में मजदूर-कर्मचारी डाकबंगला चौराहा पहुंचे और उसके बाद डाकबंगला चैराहे का घंटों घेराव कर लिया। सभी ट्रेड यूनियन व स्कीम वर्कर अपने-अपने बैनर के साथ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे।

चौराहे पर सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के महासचिव धीरेन्द्र झा ने कहा कि मोदी-नीतीश सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ बिहार में आज 50 लाख मजदूर सड़क पर उतरे हैं। यह एक ऐतिहासिक हड़ताल है। मोदी सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। सभा को ऐक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार ने भी संबोधित किया। उन्होंने 9जनवरी को वाम दलों के आह्वान पर आयाजित बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।

 

Workers’ Strike
Bihar
unorganised workers
Universal Social Security
minimum wage
trade unions
Workers’ Unions
#WorkersStrikeBack
mid day meal workers
Anganwadi Workers

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन
    07 May 2022
    हफ़्ते की बात के इस अंक में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के परिसीमन की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं प्रशांत किशोर की राजनीतिक सियासत की।
  • रवि शंकर दुबे
    तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!
    07 May 2022
    चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों पर विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत सीट को माना जा रहा है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
  • पीपुल्स डिस्पैच
    पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन
    07 May 2022
    राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के परिसर से दिन दहाड़े एक बलूच छात्र बेबाग इमदाद को उठाए जाने के बाद कई छात्र समूहों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
  • राहुल कुमार गौरव
    पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो
    07 May 2022
    पीड़ित बेटी ने खुद अपने पिता की गंदी करतूत का वीडियो बनाया और फिर उसे लेकर थाने पहुंची। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार को 50 वर्षीय आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पीड़िता को अपने…
  • सुबोध वर्मा
    ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक
    07 May 2022
    शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध 8 कॉलेजों में 62 फैकल्टी हैं, जिनमें से सिर्फ 20 रेगुलेटरी बॉडी की योग्यता के मानदंडों को पूरा करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License