NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: सुशासन बाबू के राज में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल
नितीश बाबु ने बिहार के छात्रो को राष्ट्रीय शर्म का विषय बना दिया है | ये कैसा सुशासन है कि जिन पर लाखो छात्रो के भविष्य की सुरक्षा का दायित्व है ,वो सरकार उनकी उत्तरपुस्तिकाओं को भी सुरक्षित नही रख पा रही है |
मुकुंद झा
20 Jun 2018
nitish kumar

आज नही आएगा बिहार परीक्षा मैट्रिक के परिणाम , पहले यह रिजल्ट 20 जून बुधवार को जारी किया जाना था। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB),पटना की मैट्रिक परीक्षा 2018 का परिणाम अब 26 जून 2018 को घोषित करेगा । उत्तरपुस्तिकाओं चोरी होने के बाद बढ़ते हंगामे के बीच बिहार बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट अब 26 जून को जारी करने का फैसला किया है । 

इन सब में सबसे चिंता की बात यह है की उत्तरपुस्तिका चोरी का ये मामला इतना सरल है नही जितना बतया जा रहा है | ये करबी 17.70 लाख छात्रो के भविष्य का सवाल है ,जिन्होने मैट्रिक की परीक्षा में भाग लिया था | 
  उत्तरपुस्तिकाऐ  गायब होने का मामला गोपालगंज के एक सरकारी स्कूल, एस एस बालिका इंटर कॉलेज का है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है और स्कूल प्रिंसिपल समेत कुल 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रिंसिपल के अलावा स्कूल के नाइट गार्ड पूजन सिंह और अधिकारी छत्तू सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में 17 जून को नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एस एस बालिका इंटर कॉलेज से उत्तरपुस्तिकाओं के 213 बैग गायब हो गए थे। एक बैग में दो सौ कॉपियां होती हैं। कुल गायब हुईं कॉपियों की संख्या 42,705 है । इसमें मजे की बात यह है की पहले प्राथमिकी स्कूल प्रिंसिपल ने ही दर्ज़ कराई थी | जिन्हें कल गिरफ्तार कर लिया गया है |
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा, लेकिन यह साफ कर दिया है कि उत्तरपुस्तिकाओं के गायब होने से बोर्ड के रिजल्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा| इससे टॉपर लिस्ट में भी किसी तरह का बदलाव नहीं होगा, क्योंकि बोर्ड के पास उन सारी उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद अंक व मार्क्स फ्वाईल आ गयी थी | इसलिए किसी भी छात्र के रिजल्ट में गड़बड़ी नहीं होगी | बोर्ड की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गोपालगंज के डीएम व एसपी को जांच के आदेश भी दिये गये हैं |
बोर्ड के अधिकारियो का ये कहना की इससे कोई फर्क नही पड़ेगा परिणाम इसी आधार पर जारी होगा | उन्होंने दोषियों पर कारवाई की है,और जो भी दोषी होगा उस पर करवाई होगी | ये कहकर अपना पल्ला छाड़ रहे ,परन्तु इस घटना के मुख्य दोषी कौन है ? ये नही बतया |
हम सब जानते है की सुशासन बाबु के राज में बिहार में शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल है | बिहार की इस तरह की परीक्षा में धांधली अब आम बात हो गई है |
न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बिहार परीक्षा मुल्यांकन समिति के सदस्य श्री शाहजफर इमाम ने बतया की बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने कल स्वीकार किया ही की उत्तरपुस्तिकाओं  की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की है | क्योंकि हमारे यंहा अधिकांश विद्यालयों में उतने कमरे नही है जिसमे उत्तरपुस्तिकाओं को एकत्रित कर बंद करके उसकी निगरानी की जाए | इसी का फयदा बिचौलिए और शिक्षा माफिया उठाते है जो की हर जगह सक्रिय है | 
आगे उन्होंने बतया की सरकार मूल्यांकन केंद्र बनती है और फिर उत्तरपुस्तिकाओं को वही छोड़ देती है | फिर निजी ठेकदारो के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाओं किसी अन्य स्थान पर ले जाती है | परन्तु सत्य यह है की कॉपियां कई कई महीनों तक ऐसे ही पड़ी रहती | जबकी मूल्यंकन के बाद ही उत्तरपुस्तिकाओं को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को अपने देखरेख में सुरक्षित रखना चाहिऐ |
फिर उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा की हम इसकी उच्च स्तरीय जाँच की मांग करते है | ये बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अध्यक्ष अपनी नाकमी को छुपाने के लिए रोज़ तरह –तरह के बयान दे रहे है | इनके अध्यक्ष पर कई अन्य महत्वपर्ण विभागों का भी कार्यभार है | इस पर सरकार को किसी शिक्षाविद को नियुक्त करना चाहिए | क्योंकि परीक्षा लेना उत्तरपुस्तिकाओं की जाँच करना और परिणाम जारी करना पठन पाठन का हिस्सा है ,इसे शिक्षकों पर ही छोड़ देना चाहिए | 

श्री इमाम ने बताया की मुल्यांकन के बाद सरकार निजी ठेकेदारों  के द्वारा रिजल्ट तैयार  करवाती है | वो मुनफे के चक्कर मे इस तरह की गलतियाँ करते है | क्योंकि वो आनफान में ,  अपने लाभ के लिए कार्य करते है | उन्हें किसी अन्य बात से उनका कोई लेना देना नही होता है | इन पर कोई सरकारी निगरानी नही है |
छात्रो का कहना है की “उनके साथ ये नितीश सरकार बद्दा मजाक कर रही है | छात्रो के जो अधिकार है की वो अपने परिणाम से असंतुष्ट है तो वो उसका पुन:मूल्यांकन करा सकते थे | लेकिन सरकार ने उनके उत्तरपुस्तिकाओं को ही गायब करबा दिया है ,तो वो चाहते हुए भी ऐसा नही कर सकते है” |
बिहार वामपंथी छात्रनेता का कहना है की “नितीश बाबू ने बिहार के  छात्रों को राष्ट्रीय शर्म का विषय बना दिया है | ये कैसा सुशासन है की जिन पर लाखो छात्रो के भविष्य की सुरक्षा का दायित्व है ,वो सरकार उनकी उत्तरपुस्तिकाओं को भी सुरक्षित नही रख पा रही हैं  | नितीश सरकार पूरी तरह से बिहार के शिक्षा को बर्बाद कर दिया है ,इनकी नाकामी के करण हमें बाहर जा कर ये कहने पर कलंकित होना पड़ता है | जब हम ये कहते ही हमने बिहार से पढाई की है,तो लोग हमे शक की निगाहों से देखते है”|
बिहार की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का एक और उदाहरण देते हुए इमाम ने जो बताया वो बिहार की शिक्षा की स्थित और भी भयावह स्थिति को दिखता है | वो जिस कॉलेज में है वो बिहार के उत्तर में समस्तीपुर जिला में है | वहां करीब 5000 से अधिक छात्र है ,वहां प्रिंसिपल को लेकर केबल 9 ही शिक्षक है | 
जब हमने उन से पुछा की आप लोग इतनी बड़ी भीड को पढ़ते कैसे है “उनका जबाब और भी दिलदहलने वाला था | उन्होंने कहा की यहाँ पढ़ना क्या है ?वहां केबल ही तीन ही कम होता है एडमिशन,एग्जामिनेशन और पब्लिकेशन ऑफ़ रिजल्ट इन सब के बिच केबल एजुकेशन और टीचिंग नहीं होता है” |
श्री इमाम आगे बतया की बिहार में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 90% हेडमास्टर के पद खली पड़े है | फिर उन्होंने बोला की उनके पुरे जिले में 111 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में केबल 9 हेडमास्टर ही है | वो खुद ही 26 विद्यालयों के प्रभारी (DDO)है |उनके सभी प्रशासनिक कार्य उनकी ही ज़िम्मेदारी है |
बिहार की शिक्षा व्यवस्था का ये हाल तब है जब की बिहार सुशासन और विकास से ओतप्रोत राष्ट्रवादी नितीश और भाजपा की सरकार है | जिसे ये लोग डबल इंजन की सरकार कहते है परन्तु वास्तव में ऐसा लगता है इनके दोनों इंजन ख़राब है |

बिहार के छात्रो का कहना है की बिहार के लगभग 95% छात्र अपनी मेहनत से पढ़ते है परन्तु प्रशासन और शिक्षा माफिया की मिलीभगत के करण उत्पन्न त्रुटियों का हर्जाना पुरे बिहार के ईमानदार छात्रो को चुकाना पड़ता है | इसका जीता जागता उदाहरण NEET की परीक्षा है जिसमे बिहार की एक छात्रा ने ही टॉप किया है |

Bihar
education
marksheets
exam paper
Nitish Kumar
BJP
RJD

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • Sustainable Development
    सोनिया यादव
    सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत काफी पीछे: रिपोर्ट
    03 Mar 2022
    एनुअल स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2022 रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत फिलहाल काफी पीछे है। ऐसे कम से कम 17 प्रमुख सरकारी लक्ष्य हैं, जिनकी समय-सीमा 2022 है और धीमी गति…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वांचल की जंग: 10 जिलों की 57 सीटों पर सामान्य मतदान, योगी के गोरखपुर में भी नहीं दिखा उत्साह
    03 Mar 2022
    इस छठे चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 53.31 फ़ीसद मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है। आज के बाद यूपी का फ़ैसला बस एक क़दम दूर रह गया है। अब सात मार्च को सातवें और आख़िरी चरण के लिए…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: बस्ती के इस गांव में लोगों ने किया चुनाव का बहिष्कार
    03 Mar 2022
    बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा में आधा दर्ज़न गांव के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने बाकायदा गांव के बाहर इसका बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी…
  • gehariyaa
    एजाज़ अशरफ़
    गहराइयां में एक किरदार का मुस्लिम नाम क्यों?
    03 Mar 2022
    हो सकता है कि इस फ़िल्म का मुख्य पुरुष किरदार का अरबी नाम नये चलन के हिसाब से दिया गया हो। लेकिन, उस किरदार की नकारात्मक भूमिका इस नाम, नामकरण और अलग नाम की सियासत की याद दिला देती है।
  • Haryana
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
    03 Mar 2022
    यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License