NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार : वाम दलों ने नितीश सरकार के खिलाफ राज्यभर में बनाई मानव श्रृंखला
नितीश और मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर वाम दलों के आवाहनं पर पूरे बिहार में लाखों लोग ने मानव श्रंखला बनाई |
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Aug 2018
bihar

बिहार में पिछले कुछ समय से नितीश कुमार ने कई सरकार प्रयोजित मानव श्रंखलाए बनाई इसे उन्होंने अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए प्रयोग किया। परन्तु ये पहली ऐसी मानव श्रंखला थी जो उनके शासन के खिलाफ थी। आज बिहार में उनके राज में हो रहे महिला अत्याचार की घटनाओं को लेकर वामपंथी दलों के नेतृत्व में हज़ारों की संख्या में लोगों ने सड़को पर उतरकर मानव श्रंखला बनाई और विरोध प्रदर्शन किया |

बिहार में  महिला हिंसा की भयावह घटनाएं हों या फिर सरकारी आश्रय गृह में बालिकाओ के यौनशोषण की घटना हो | इन सभी मामलों  में  भाजपा,जेडीयू और साथ ही नितीश और सुशील मोदी के करीबियों की संलिप्त सामने आ रही है | इसी को लेकर बिहार की वामपंथी पार्टियों ने आज पूरे बिहार में मानव श्रंखला बना कर विरोध प्रदर्शन किया  है |

सीपीएम के राज्य सचिव अवधेश सिंह ने बतया कि “ये मानव श्रंखला पूरे बिहार के हर ज़िले में बनाई गयी | ये अपने आप में अभूतपूर्व था इसे  बिहार के हर वर्ग और समाज के लोगों से समर्थन मिला है, इस मानव श्रंखला में तकरीबन एक लाख लोग शामिल हुए” |

आगे सिंह कहते हैं कि “इस मानव श्रंखला को वामदलों के अलावा अन्य विपक्षी दलों जैस राजद और सपा का भी समर्थन मिला, साथ ही नागरिक समाज व छात्र शिक्षकों और सांस्कृतिक संग्ठन जैसा इप्टा का भी समर्थन मिला है” | ये मानव श्रंखला बिहार के प्रत्येक ज़िले में बनाई गयी और हर जगह पर  जन समान्य का भरपूर समर्थन मिला है |  

इस मानव श्रंखला में वाम दलों की मुख्य माँगे इस प्रकार हैं :-

मुजफ्फरपुर आश्रयगृह के साथ ही बिहार में चल रहे सभी11O  सुधारगृहों की एक उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए | क्योंकि TISS ने अपनी रिपोर्ट में लगभग हर सुधारगृह की हालत को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी |

निष्पक्ष जाँच के लिए नितीश और सुशील मोदी  तत्काल इस्तीफा दें | क्योंकि इन दोनों ने राजनितिक और सामजिक रूप से कुर्सी पर रहने का हक खों दिया है | जनता का इन पर से विशवास उठ गया है |

सभी सुधारगृहों को राजनितिक संरक्षण देने वाले मंत्री को बर्खास्त करके उनके खिलाफ जाँच की जाए | क्योंकि मंत्री सुरेश वर्मा पर भी इन सुधारगृहों में चल रहे कुकर्ममों में भागीदारी के पुख्ता सबूत मिल रहे हैं |

जाँच को प्रभवित करने के लिए सरकार ने सीबीआई के अधिकारी का तबादला कर दिया वो भी बिना न्यायालय को जानकारी दिए बिना, जबकी इसकी निगरानी न्यायालय कर रहा है | वाम दलों ने मांग की  कि उनका तबादला वापस जाँच दल में शामिल  किया जाए |

वाम दलों ने मिडिया की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले को रोकने की मांग की, हाल ही में पटना उच्च न्यायालय ने मिडिया को इस जाँच पर किसी भी तरह की   रिपोर्ट करने से मना कर दिया जबकी इस पूरे कुकर्म का खुलासा मीडिया रिपोर्ट से ही हुआ था |

 श्री सिंह ने  कहा कि हम  बिहार में अभी न्याय के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं | आज की मानव श्रंखला में आम जन सामन्य का इतना बड़ा समर्थन दिखा रहा कि पूरे बिहार की जनता इस लड़ाई में हमारे साथ हैं | हम इस लड़ाई को जनता के साथ मिलकर लड़ेंगे और बिहार में चल रही नितीश और मोदी की बर्बर सरकार को उखाड़ फेकेंगे |

इसे भी पढ़े : बिहार: बालिका सुधारगृह में मासूम बच्चियों से सालों से हो रहा था बलात्कार!

सीपीआईएमएल के राज्य सचिव कुणाला ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि ये अपने आप में एक अप्रत्याशित मानव श्रंखला है | पटना में सभी वाम दलों के राज्य सचिवों के साथ ही राजद राज्य अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे के साथ कई विधायक और सपा के नेताओं ने भी इस मानव श्रंखला में हिस्सा लिया | ये लगभग 5 किलोमीटर लंबी  मानव श्रंखला थी |

आगे कुणाला ने कहा कि अब तक बिहार में नितिश जी द्वारा प्रयोजित मानव श्रंखलाओं का निर्माण किया गया है परन्तु ये बिहार के ईतिहास में पहली बार है जहाँ लोगो स्वंय ही इतनी बड़ी संख्या में आये हों | इसमें एक और महत्वपूर्ण बात है, इस मानव श्रंखला में सभी राजनीतिक स्ट्रीम के लोग शामिल हुए हैं और इसकी धुरी में वामपंथी दल थे |

राजद के रामचन्द्र पूर्वे ने कहा कि ये बिहार में बहन बेटी और माताओं के न्याय की लड़ाई है और वो इस लड़ाई को तब तक लड़ेंगे जब तक उनको न्याय न मिल जाए | अब पूरे बिहार के लिए न्याय का संघर्ष शुरू हो चुका है और पूरा बिहार नितीश मोदी के बर्बरतापूर्ण शासन के खिलाफ जंग के लिए तैयार है | अंत में उन्होंने कहा कि बिहार में राक्षसों की सरकार है और उसे जाना होगा |
 

Bihar
communist parties
left parties
muzzafarpur rape case
Bihar Shelter Home Rape case
human chain

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License