NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बिम्सटेक सैन्य सहयोग की एक मुश्किल शुरुआत
चीन की तरफ नेपाल का कथित झुकाव अमेरिका के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित रक्षा समझौते (COMCASA) से प्रभावित हो सकता है।
विवान एबन
19 Sep 2018
(COMCASA)

एक रिपोर्ट के मुताबिक़ नेपाल के एक आधिकारिक स्रोत ने बताया है कि पुणे में बे ऑफ बंगाल मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) सैन्य अभ्यास को छोड़ने के लिए सरकार द्वारा फैसला करने का मतलब भारत को अपमानित करना नहीं था। इसके बजाय रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल की स्थिति द्विपक्षीय अभ्यासों के विपरीत नहीं है, लेकिन बहुपक्षीय अभ्यासों पर सहमत होने से पहले अधिक विचार-विमर्श की आवश्यकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कई अटकलें लगाईं जा रही है कि नेपाल की नज़दीकी चीन से बढ़ रही है और सिचुआन में सागरमाथा फ्रैंडशिप-2 संयुक्त सैन्य अभ्यास के साथ-साथ चीन के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित ट्रांजिट एग्रीमेंट जो स्थल अवरूद्ध (लैंडलॉक्ड) इस देश को चीनी बंदरगाहों तक पहुंच के लिए रास्ता मुहैया कराता है। वहीं दूसरी तरफ नेपाली प्रेस ने इस बारे में ज़्यादा कुछ विचार व्यक्त नहीं किया है, और इसके बजाय बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के साथ-साथ समूह के व्यापार पहलू पर ध्यान केंद्रित करने से पहले काठमांडू में जल्दबाजी वाले कार्यों को शामिल किया है।

बिम्सटेक एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें सात देश- बांग्लादेश, भूटान,भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। इस समूह का उद्देश्य प्रारंभ में आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में काम करना था। हालांकि बाद में आतंकवाद से मुक़ाबला करने को भी इसके उद्देश्य में शामिल किया गया। इस बात पर विचार करते हुए कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) संघर्ष करता रहा है, ऐसे में एक धारणा बनी है कि बिम्सटेक पाकिस्तान को अलग करने वाला क्षेत्रीय समूह बनाने वाला एक प्रयास है। इसके अलावा भूटान और नेपाल दोनों स्थल अवरूद्ध देश हैं और ये दोनों बे ऑफ बंगाल से जुड़े नहीं हैं।

काठमांडू में हाल ही में संपन्न शिखर सम्मेलन ने एक घोषणा पत्र तैयार किया जिसने समूह की इन प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की: ग़रीबी उन्मूलन, परिवहन तथा संचार, व्यापार तथा निवेश, आतंकवाद तथा अंतर्राष्ट्रीय अपराध का मुक़ाबला करना, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, मतस्य पालन, जन स्वास्थ्य, लोगों से संपर्क, सांस्कृतिक सहयोग, पर्यटन, पर्वत अर्थव्यवस्था और  समुद्री अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी)।

इस साल जून महीने में भारतीय सेना ने बिम्सटेक सदस्य देशों के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित एक सप्ताह तक चलने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास की घोषणा की थी जो सितंबर में होना था। हालांकि, अभ्यास शुरू होने से कुछ ही दिन पहले 8 सितंबर को नेपाल ने घोषणा की कि वह अभ्यास में शामिल नहीं होगा। इसके बजाय, नेपाल ने एक पर्यवेक्षक भेजा, ऐसा ही थाईलैंड ने भी किया चूंकि उसने भी संयुक्त अभ्यास करने से अपना फैसला वापस ले लिया था। दिलचस्प बात यह है कि नेपाल द्वारा इस अभ्यास में शामिल न होने के फैसला से एक महीने पहले, इसने घोषणा की थी कि वह सिचुआन में चीन के साथ सागरमाथा फ्रेंडशिप-2 संयुक्त सैन्य अभ्यास के बैनर तले संयुक्त अभ्यास करेगा। वहीं बिम्सटेक अभ्यास से नेपाल द्वारा पीछे हटने से कुछ दिन पहले, 7 सितंबर को उन्होंने नेपाल-चीन ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट के प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दिया। यह नेपाल को टियांजिन, शेन्ज़ेन, लिआन्यगैंग, और झांजियांग में समुद्री बंदरगाहों और ल्हांजिन, ल्हासा और शिगेट्स में स्थल पत्तनों तक पहुंच प्रदान करेगा।

यह देखते हुए कि कोलकाता की तुलना में टियांजिन की दूरी तीन गुना ज़्यादा है ऐसे में यह बैकअप के विकल्प के तौर पर सेवा दे सकती है। नेपाल के लिए बैकअप का विकल्प रखना ज़रूरी है क्योंकि सितम्बर 2015 की सीमा नाकाबंदी ने देश को लगभग अपंग बना दिया था। ईंधन की कमी के अलावा अप्रैल महीने में भूकंप आने के बाद के संकट से निकल रहे इस देश में निर्माण सामग्री और दवाइयों की काफी कमी थी। इस स्थिति को जिन चीजों ने और ज़्यादा बढ़ा दिया वह था कि नेपाली समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार दशाई-तिहाड़ के दौरान हुई नाकाबंदी।

नेपाल की अनुपस्थिति पर विशेष रूप से टिप्पणी किए बिना16 सितंबर को समापन समारोह में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि भौगोलिक कारण से नेपाल और भूटान जैसे देशों का झुकाव भारत की तरफ रहेगा। दिलचस्प बात यह है कि द हिंदू में एक संपादकीय ने इस तरह की टिप्पणियों के ख़िलाफ़ चेतावनी दी, मुख्य रूप से इसलिए कि "ऐसी टिप्पणियां भारत के छोटे पड़ोसियों को कमज़ोर करती हैं और भ्रामित कर रही हैं। आधुनिक तकनीक और कनेक्टिविटी परियोजनाएं अच्छे संबंधों के ज़मानतदार के रूप में भूगोल की भूमिका को खुद में समेट सकती हैं।" सेना प्रमुख की टिप्पणियों पर द हिंदू के विचार धीरे-धीरे भारत से दूर जा रहे नेपाल की स्थिति पर प्रकाश डाल सकती हैं।

वर्ष 1950 की भारत नेपाल के शांति और मैत्री संधि की प्रमुख व्यक्तियों के समूह द्वारा समीक्षा की जा रही है। इस संधि को नेपाल में एकतरफा माना जाता है और यह दो संप्रभु राष्ट्रों के बीच एक समझौते का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, बल्कि एक निम्न और श्रेष्ठ के बीच की कोई चीज है। एक अन्य मुद्दा जो एक भूमिका निभा सकती है वह है संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कम्यूनिकेशन कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA) पर भारत का हस्ताक्षर करना। यह समझौता नेपाल के ख़िलाफ़ निर्देशित नहीं किया जाए,लेकिन इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की चीन को रोकने का हिस्सा माना जाता है। इस पृष्ठभूमि में चीन में धारणा यह हो सकती है कि बिम्सटेक अभ्यास का उद्देश्य उसी पर लक्षित था। इस तरह लेन-देन के रिश्तों में, नेपाल को आश्वस्त किया गया होगा कि उक्त अभ्यास में हिस्सा न ले। चीनी परिप्रेक्ष्य से यह समझ में आता है,कि कौन सा देश दूसरे देश से सामानों के आवाजाही की अनुमति देगा जो इसे शामिल करने के उद्देश्य से एक समूह का एक हिस्सा है?

हालांकि, नेपाल ने कहा है कि यह द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के विपरीत नहीं है, इससे संकेत मिलता है कि नेपाल अपने दो पड़ोसियों के साथ एक त्रिपक्षीय संबंध बनाने के लिए स्वतंत्र है।

 

नेपाल
BIMSTEC

Related Stories

नेपाल में वाम दलों का एकीकरणः एक बेहतर संकेत


बाकी खबरें

  • election
    लाल बहादुर सिंह
    पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है
    16 Mar 2022
    UP के चुनाव का ज़ोरदार झटका शायद उन सभी विपक्षी राजनीतिक ताकतों को जो अपना अस्तित्व बचाना और भाजपा को हराना चाहती हैं, उन्हें 24 की लड़ाई को अधिक गम्भीरता से जीवन-मरण का संग्राम बनाकर लड़ने के लिए…
  • bhagwant mann
    भाषा
    भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की
    16 Mar 2022
    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य के शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मान को पद एवं गोपनीयता की…
  • रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: संसद सत्र के बीच स्कीम वर्कर्स का प्रदर्शन, नियमितीकरण और बजट आवंटन में वृद्धि की मांग
    16 Mar 2022
    इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, मध्याह्न भोजन (मिड डे मिल) कार्यकर्ता और आशाकर्मी  शामिल थीं। इन सभी ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में इन सभी योजनाओ के लिए "बजट आवंटन में…
  • protest
    मंजीत सिंह पटेल
    क्या हैं पुरानी पेंशन बहाली के रास्ते में अड़चनें?
    16 Mar 2022
    समस्या यह है कि नई पेंशन योजना सेवा के वर्षों से कोई इत्तेफाक नहीं रखती है बल्कि यह कार्पस बेस्ड है यानी जितना फंड NPS अकाउंट में होगा उसी हिसाब से पेंशन।
  • ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    अभिवाद
    ज़ोमैटो डिलीवरी एजेंटों ने तिरुवनंतपुरम में शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
    16 Mar 2022
    डिलीवरी एजेंटों ने ज़ोमैटो फ़ूड एग्रीगेटर के प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बिना किसी अतिरिक्त लाभ के उन्हें फ़ुल टाइम काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License