NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बजट के जरिये भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से धोखाधड़ी!, 25 को प्रदर्शन
अखिल भारतीय आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका फेडरेशन ने कहा कि भाजपा सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को फिर से धोखादिया है।उनके मानदेय में कोई अन्य वृद्धि नहीं की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Feb 2019
#WorkersStrikeBack
सांकेतिक तश्वीर

शुक्रवार को संसद में भाषण देते हुए कार्यवाहक वित्तीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के मानदेयमें 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने जा रही है। इसको लेकर सरकार ने अपनी पीठ भी खूब थपथपाई लेकिन इसकी हकीकत क्या है, इसको जानने के लिए आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों से बात कर उनका पक्ष जानने की ज़रूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी  ने 11 सितंबर 2018 को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कीमवर्कर और सहायकों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की थी। उन्होंने यह भीघोषणा की कि इसे 1 अक्टूबर 2018 से लागू किया जाएगा और कार्यकर्ताओं को ये दीपावली से मिलने लगेगा, लेकिन आज तक अधिकांश राज्यों मेंआंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को यह नहीं मिलता है। बजट भाषण में कार्यवाहक वित्त मंत्री ने सितंबर में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आंगनवाड़ीऔर आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय  में वृद्धि का ही उल्लेख किया है, लेकिन इस तरह से यह धारणा बनाई जा रही है कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों केमानदेय में और वृद्धि हुई है जो एक गलत तथ्य है।  ये कोई नई वृद्धि नही है बल्कि कार्यकर्ताओं को जो कई महीने पहले मिलना था उसे सरकार अब बजट के माध्यम से दे रही है |
लेकिन सरकार के इस फैसले को लेकर भी कई सवालिया निशना लगाए जा रहे हैं। अखिल भारतीय आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका फेडरेशन (AIFAWH)ने कहा कि भाजपा सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को फिर से धोखा दिया है। उनके मानदेय में कोई अन्य वृद्धि नहीं की है।
उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर 2018 में घोषित वृद्धि के लिए आवश्यक पर्याप्त आवंटन का आधा भी नहीं है इसको लेकर  भारत की आंगनवाड़ीकार्यकर्ता और सहायिका 25 फरवरी 2019 को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगी। अंतरिम बजट 2019-20 में, भाजपा सरकार ने 26 लाखआंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को फिर से धोखा दिया है। बजट ने न केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की लंबे समय से लंबित मांगों की उपेक्षा की है, बल्कि देश में कुपोषण के महत्वपूर्ण प्रश्न की भी उपेक्षा की है।
बजट के आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2018 में सरकार द्वारा घोषित वृद्धि को लागू करने के लिए बजट आवंटन भी पर्याप्त नहीं है। 11 सितंबर 2018 को पीआईबी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अतिरिक्त बजटीय आवंटन 1.10.2018 से 31.3.2020 तक  अवधि के लिए 10,649.41 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इस राशि का साठ प्रतिशत जो कि एक वर्ष के लिए बढ़े हुए पारिश्रमिक के लिए आवश्यक है, वो 4259 करोड़ होगा। लेकिन वर्ष 2019-20 के लिए ICDS के लिए बजट में 'आंगनवाड़ी सेवाओं' के लिए बजट आवंटन केवल Rs.19, 834.37 करोड़ है, पिछले वर्षों से केवल1944.18 करोड़ की वृद्धि है  पिछले वर्ष .17,870.19 का संशोधित बजट था। मानदेय कि वृद्धि को लागू करने के लिए जो आवश्यक है उसका यहआधा भी नहीं है।
मोदी सरकार ने अपने 2014 के घोषणा पत्र  में आंगनवाड़ी कर्मचारियों की पेंशन के बारे में वादा किया था लेकिन उसके बाद से आज तक के बजट मेंइस बारे में कुछ भी उल्लेख नहीं किया गया है। विडंबना यह है कि भारत सरकार ने सितंबर 2017 में कहा था कि वह 12,000 करोड़ (पीआईबी 20सितंबर 2017 की रिलीज) आंगनवाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण के लिए वृद्धि हुई आवंटन किया है उसे खर्च करने जा रही है। इसका मतलब है पोषण के लिए प्रति वर्ष अतिरिक्त 6,000 करोड़ रुपये। लेकिन न तो पिछले साल का बजट और न ही इस साल के बजट में यह आवंटन शामिल है।
इसको लेकर AIFAWH ने अपने प्रेसविज्ञप्ति में कहा कि  जाहिर है कि इस चुनावी बजट में भी मोदी ने भाजपा सरकार का नेतृत्व किया, यहां तक किआंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के साथ-साथ देश की जनता के साथ ही 10 करोड़ 6 साल से कम उम्र बच्चों और 2 करोड़ माँओं की उपेक्षाकरते हुए गुमराह करने की कोशिश की। असंगठित क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को चाइल्ड केयर सेवा सुनिश्चित करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों कोपूर्णकालिक क्रेच में परिवर्तित करने पर कोई आवंटन या उल्लेख नहीं है। इसके विपरीत, सरकार ने पहले ही पोषण ICDS के स्थान पर प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण शुरू करने का फैसला किया है और दो पायलट परियोजनाएं शुरू की कर दी हैं।
AIFAWH 25 फरवरी 2019 को नई दिल्ली में पर्याप्त फंड के आवंटन न करने के खिलाफ, नकद हस्तांतरण के खिलाफ और स्कीम वर्कर के लिएन्यूनतम मजदूरी और पेंशन पर 45वीं ILC सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए एक विशाल रैली का आयोजन करेगा।
AIFAWH ने सभी राज्य यूनियनों और देश के सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों से भाजपा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध मेंऔर 25 फरवरी 2019 को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया।

AIFAWH
Budget session
union budget
Interim Budget
CITU
ICDS
Anganwadi Workers

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License