NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बलात्कार नहीं बेरोजगारी और राजनीति है गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले की वजह!
अहमदाबाद के प्रोफेसर हेमंत शाह ने कहा "निश्चित ही एक बच्ची से बलात्कार की घटना निंदनीय है। लेकिन उत्तर भारतीयों पर हमले की घटनाओं के कारण दूसरे हैं…।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Oct 2018
gujrat
image courtesy:redit.com

गुजरात में लगातार उत्तर भारतीयों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से यह घटनाएं राज्य में हर तरफ हो रही हैं और यही वजह है कि बड़ी संख्या में बिहार और उत्तर प्रदेश से आये लोग प्रदेश छोड़ने पर मजबूर हैं।

गुजरात पुलिस के मुताबिक अब तक राज्य भर में 18 मामले दर्ज़ हुए हैं और 180 लोगों को हिंसा करने के आरोप में  गिरफ्तार कर लिया गया है।गाँधीनगर, मेहसाना, साबरकांठा और अरावली ज़िले इस हिंसा के केंद्र रहे हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा में ठाकोर समाज के लोग शामिल हैं। हिंसा में कांग्रेस विधायक अल्पेश के संगठन क्षत्रीय ठाकोर सेना का भी नाम सामने आ रहा है। जबकि उन्होंने इस बात को सिरे से नाकारा है। 

दरअसल 28 सितम्बर को गुजरात के हिम्मतनगर गाँव के करीब 14 महीने की एक लड़की के साथ बलात्कार हुआ। फिलहाल बच्ची अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती है। इस बर्बर घटना को अंजाम देने के आरोप में  चीनी मिट्टी कारखाने में काम करने वाले एक मज़दूर राजेंद्र साहू को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति बिहार से है और पीड़ित लड़की गुजरात के ठाकोर समाज से। इस घटना के बाद ही बिहारी और उत्तर भारतीय मज़दूरों पर हमले की घटनाएं शुरू हुईं। जिसके बाद उत्तर भारतीय मज़दूरों ने गुजरात छोड़ना भी शुरू कर दिया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल मीडिया पर लगातार उत्तर भारतीयों के खिलाफ ज़हरीला प्रचार किया गया, जिसके बाद हिंसा भड़की।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 अक्टूबर को वडनगर की एक फैक्ट्री में ठाकोर समाज के 200 लोगों ने हमला किया और 2 मज़दूरों को पीटा। बताया जा रहा है कि इस हमले की पीछे ठाकोर सेना थी। इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। 3 अक्टूबर को ठाकोर समाज के लोगों ने अहमदाबाद के चंदोलिया में तोड़ फोड़ की और वहाँ से उत्तर भारतीयों को निकल जाने को कहा। सोशल मीडिया पर गांधीनगर का भी एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें एक भीड़ बिहारी मज़दूरों को धमकाती हुई दिख रही है। 

गुजरात पुलिस का कहना है कि ज़्यादातर हमले फैक्ट्रियों के आसपास हो रहे हैं। यह तब हो रहे हैं जब या तो फैक्ट्रियां खुलती हैं या बंद होती हैं। पुलिस का कहना है कि गुजरात के 20 प्रभावित ज़िलों में पुलिस की 20 कम्पनियाँ तैनात कर दी गयीं हैं। 

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हमले के डर की वजह से शनिवार को करीब 20 बसें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए निकलीं।  हर बस में 80 लोग मौजूद थे। इसी तरह हज़ारों की संख्या में उत्तर भारतीय गुजरात से जा रहे हैं। 

कांग्रेस के विधायक अल्पेश ठाकुर ने ठाकोर समाज के लोगों से शान्ति की अपील की है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि ठाकोर समाज के जिन भी  निर्दोष   लोगों पर मामले दर्ज़ हैं उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। साथ ही उनका कहना है कि यह गुस्सा इसीलिए है क्योंकि गुजरात सरकार ने 80% गुजरातियों को नौकरियाँ देने के नियम को तोड़ा है। 

गुजरात के एक बुद्धिजीवी और राजनीति के जानकार प्रोफेसर हेमंत शाह ने कहा "निश्चित ही एक बच्ची से बलात्कार की घटना निंदनीय है। लेकिन उत्तर भारतीयों पर हमले की घटनाओं के कारण दूसरे हैं। एक तो राज्य में बेरोज़गारी की स्थिति भयावह है राज्य में 16 लाख युवा बेरोज़गार हैं, यह उनका रोष लगता है। दूसरी बात यह है कि कई सालों तक नरेंद्र मोदी के मुख्य मंत्री रहते बीजेपी ने यह प्रचार चलाया था कि गुजरात के लोगों के साथ अन्याय हुआ है, जिससे क्षेत्रवाद की भावना हो भड़काया गया था, यह घटनायें उसका परिणाम भी लगतीं हैं। इसके साथ ही स्थानीय राजनीति भी क्षेत्रवाद की रोटियाँ सेंक रही है। साथ ही यह कानून और व्यवस्था का भी मसला है।"

गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवाणी ने भी इस संबंध में “14 माह की बच्ची का बलात्कार और प्रांत वाद” शीर्षक से सोशल मीडिया पर प्रेस नोट जारी किया है। इसमें वे लिखते हैं कि गुजरात से निकली प्रांत वाद की आग आगे फैले उसके पहले ही उसे रोक देना चाहिए। पिछले दिन गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मत नगर में 14 माह की एक बच्ची पर बलात्कार किया गया। स्वाभाविक है कि इस घटना के गहरे प्रत्याघात पड़े। बलात्कार का इल्जाम है बिहार के शख्स पर। 14 माह की बच्ची पर कहर बरसानेवाले बलात्कारियों को निर्विवाद रुप से सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन नालियाकांड का रिपोर्ट दबा कर बैठी भाजपा सरकार के बजाय प्रांतवादी मानसिकता से पीडित कूछ लोग अपना गुस्सा यूपी, बिहार और मध्यप्रदेश के गरीब मज़दूरो पर निकाल रहे है जो बेहद शर्मनाक है।

वे कहते हैं कि हम और हमारा संगठन 'राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच' गुजरात में सालों से रहते और मजदूरी के लिए आए अंतर राज्य प्रवासी मजदूरों के हो रहे प्रांतवादी उत्पीड़न के खिलाफ है और इन मजदूरों को आश्वस्त करते हैं कि आप पर हो रहे हर हमले के खिलाफ हम खड़े रहेंगें। यह भी कहना चाहते है कि लोकल एम्प्लॉयमेंट(स्थानिक रोजगार) के नाम पर अंतर राज्य प्रवासी मजदूरों को भगाने के बजाय गुजरात और बिहार दोनों के मजदूरों को ठेका प्रथा के खिलाफ मोर्चा खोलकर मालिक वर्ग और दमनकारी गुजरात की भाजपा सरकार के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए।

अंत में जिग्नेश कहते हैं कि “यह मुल्क दलित का भी है, बिन दलित का भी है, हिंदू का भी है मुसलमान का भी है, गुजराती का भी है और बिहारी का भी है। प्रांत वाद मुर्दाबाद, भारत की विभिन्न संस्कृतियों का समन्वय जिंदाबाद।”

Gujrat
North Indians attacked
Bihari Labourers
Thakors attack north indians
Alpesh thakor

Related Stories

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

क़ानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारे जा रहे सफाईकर्मी

गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक

गुजरात में तीन लोगों के पास से 313 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थ जब्त

गुजरात मछुआरा गोलीबारी: 10 पाकिस्तानी नौवहन सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

गुजरात में किसानों की करंट लगने से मौत

गुजरातः ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बचाने में जुटे हैं मोदी-आरएसएस 

गुजरात: धर्म-परिवर्तन क़ानून को लेकर हाईकोर्ट और सरकार के बीच क्या विवाद है?


बाकी खबरें

  • gautam navlakha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एल्गार परिषद: नवलखा को तलोजा जेल के 'अंडा सेल' में भेजा गया, सहबा हुसैन बोलीं- बिगड़ गई है तबीयत
    25 Oct 2021
    हुसैन ने पूछा- “नवलखा को उनके विचारों के लिए कब तक सताया जाएगा और अधिकारी उनकी विचारधारा को तोड़ने के लिए किस हद तक जाएंगे।''
  • skm
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन को उसके उन "शुभचिंतकों" से बचाना होगा जो संघ-भाजपा की भाषा बोल रहे हैं 
    25 Oct 2021
    जाहिर है मुद्दा  आधारित आंदोलन में सबका विचार हर प्रश्न पर एक हो, इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। लेकिन आंदोलन की unity in action हर हाल में बनी रहे, इसे बेशक सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • Sardar Udham
    हर्षवर्धन, अंकुर गोस्वामी
    सरदार उधम: एक अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी की महागाथा
    25 Oct 2021
    निर्देशक ने निश्चित ही एक ऐतिहासिक किरदार के जीवन के अनछुए पहलुओं को दर्शाने  के लिए गहरा शोध किया है। फिल्म यह भली प्रकार से दिखाती है कि उधम सिंह, सिर्फ बदले की भावना से प्रेरित एक जोशीले नौजवान…
  • congress
    शुभम शर्मा, अजय सहारन
    क्रांतिकारी और कांग्रेस
    25 Oct 2021
    क्रांतिकारियों, कम्युनिस्टों और समाजवादियों ने कांग्रेस पार्टी को अलग दिशा के बजाय संपूर्ण बदलाव और प्रगतिशील दिशाओं के रास्ते पर आगे चलने के लिए हमेशा मजबूर किया है।
  • RASHEED KIDWAI
    शिरीष खरे
    चर्चा में नई किताब 'भारत के प्रधानमंत्री'
    25 Oct 2021
    कश्मीर पर नेहरू की नीति कितनी उचित है या अनुचित, यह समझने के लिए हमें वर्ष 1947 के अगस्त से अक्टूबर के महीनों में जाना होगा। और इसमें हमारी मदद कर सकती है, पत्रकार रशीद किदवई की नई पुस्तक 'भारत के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License