NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
बलिया : स्कूल में जातिगत भेदभाव, मायावती ने की सख्त कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर वायरल हुए इस वीडियो में मिड डे मिल का भोजन दलित बच्चे अलग बैठकर करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि स्कूल के प्रधानाध्यापक पुरुषोत्तम गुप्ता का कहना है कि थोड़ा बहुत भेदभाव बच्चे रखते हैं ।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Aug 2019
caste problem
Image courtesy: UPnews

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक बार फिर शिक्षा प्रशासन सवालों के घेरे में है। यहां मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जाने वाले भोजन के दौरान कथित भेदभाव का मामला सामने आया है। भाषा की खबर के अनुसार बलिया के रामपुर में प्राइमरी स्कूल में सामान्य वर्ग के बच्चे दलित बच्चों के साथ भोजन नहीं करते, साथ ही कुछ बच्चे भादभाव के चलते खाने के लिए अपने घर से बर्तन लेकर आते हैं।

सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर वायरल हुए इस वीडियो में मिड डे मिल का भोजन दलित बच्चे अलग बैठकर करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि स्कूल के प्रधानाध्यापक पुरुषोत्तम गुप्ता का कहना है कि थोड़ा बहुत भेदभाव बच्चे रखते हैं । 

जिलाधिकारी भवानी सिंह खँगारौत ने मीडिया के जरिये मामला सामने आने पर विद्यालय का गुरूवार को दौरा कर जांच की। उन्होंने दावा किया कि प्रथम दृष्टया दलित छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप निराधार है लेकिन मामले की गहराई से जांच के आदेश दे दिये गये हैं ।

इस घटना को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दुखद और शर्मनाक बताया है। मायावती ने ट्वीट कर इस मामले में राज्य सरकार से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'यूपी के बलिया जिले के सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को अलग बैठाकर भोजन कराने की खबर अति-दुःखद व अति-निन्दनीय। बीएसपी की माँग है कि ऐसे घिनौने जातिवादी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार तुरन्त सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दूसरों को इससे सबक मिले व इसकी पुनरावृति न हो।'

यूपी के बलिया जिले के सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को अलग बैठाकर भोजन कराने की खबर अति-दुःखद व अति-निन्दनीय। बीएसपी की माँग है कि ऐसे घिनौने जातिवादी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार तुरन्त सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दूसरों को इससे सबक मिले व इसकी पुनरावृति न हो।

— Mayawati (@Mayawati) August 29, 2019

गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी जिले में मीड डे मील के दौरन धार्मिक भेदभाव देखने को मिला था। जहां मुस्लिम बच्चों को कथित तौर पर पत्तल में खाना परोसे जाने का मामला सामने आया था।

विद्यालय शिक्षा और ज्ञान अर्जन का स्थान होता है, ऐसे में अगर इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, तो निश्चित तौर पर हम बच्चों के साथ-साथ देश के भविष्य को भी अंधकार में धकेल रहे हैं। जो वाकई चिंताजनक है। आखिर इन नौनिहालों में ऐसी कुरीतियों का जहर कौन घोल रहा है? जिस उम्र में बच्चे पढ़ाई और खेल की अलावा कुछ नहीं सोचते उनके दिमाग में छुआछूत व ऊंच-नीच की बात कौन बैठा रहा है। ऐसे में प्रशासन पर सवाल उठना लाज़मी है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

UttarPradesh
yogi sarkar
MAYAWATI
Caste discrimination in school
Education administration
caste discrimination
Caste Violence
caste politics

Related Stories

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

ग्राउंड रिपोर्टः आजमगढ़ में दलित बच्ची से रेप की घटना को दबाने में लगा पुलिसिया सिस्टम, न्याय के लिए भटकता परिवार 


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License