NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया के सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट ने आम चुनाव की तारीख़ तय की
बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने इस ख़बर का जश्न मनाया और बोलीविया के लोगों से एमएएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के लिए वोट करने की अपील की।
पीपल्स डिस्पैच
03 Jun 2020
ne

तख्तापलट के बाद बने राष्ट्रपति जीनीन अनेज के सीधे नियंत्रण में कार्यशील बोलीविया के सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) ने 2 जून को घोषणा की कि देश में आम चुनाव 6 सितंबर को होंगे।

हालांकि नई तारीख 2020 के आम चुनाव स्थगन क़ानून द्वारा स्वीकृत 90-दिवसीय अवधि से अधिक है। इस क़ानून के अनुसार 3 अगस्त से पहले चुनावों होने चाहिए। सभी राजनीतिक दलों ने देश में महामारी की स्थिति के कारण तारीख़ को स्थगित करने पर सहमति व्यक्त की थी।

1 जून को टीएसई चुनावों को स्थगित करने के लिए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के साथ एक पूर्व-समझौते पर पहुंचा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि COVID-19 महामारी के बीच चुनाव कराने वाली संस्था को सुरक्षित मतदान की गारंटी देने के लिए आवश्यक समय मिले।

टीएसई के अध्यक्ष सल्वाडोर रोमेरो ने आश्वासन दिया कि चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और बाद में आवश्यक स्वास्थ्य उपायों को लागू किया जाएगा।

मूवमेंट टुवार्ड सोशलिज्म (एमएएस) पार्टी के पूर्व बोलिवियाई राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, "बोलीविया के लोगों की भावना के अनुरूप, एमएएस ने हमेशा जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार और चुनाव में वैध शासकों को चुनने के राजनीतिक अधिकार का बचाव किया। मैं सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट के अध्यक्ष के साथ उम्मीदवारों के समझौते का स्वागत करता हूं।"

मोरालेस ने एक अन्य ट्वीट में बोलीविया के लोगों से अपील की कि वे एमएएस राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के लिए मतदान करें और देश में लोकतंत्र को फिर से स्थापित करें। मोरालेस ने लिखा, "आखिरकार, आम चुनावों की तारीख़ 6 सितंबर तय की गई। ब्रदर्स लुइस एर्से और डेविड चोकेहुआंका ऐसे उम्मीदवार हैं जो बोलिविया को लोकतांत्रिक मूल्य वापस दिलाएंगे।"

इस वर्ष की पहली तिमाही में किए गए मतदाताओं के रुझान पर हालिया ओपिनियन पोल्स से पता चलता है कि एमएएस पार्टी के लुइस एर्से और उनके साथी डेविड चोकेहुआंका को आम चुनावों के लिए पसंद किया गया।

Bolivia Elections
Eva Morales
TSE
sociliasm

Related Stories

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज कुइरेगा आगामी चुनावों से हटे

बोलिवियाः कोर्ट ने 18 अक्टूबर को होने वाले चुनावों से एमएएस को हटाने की अपील ख़ारिज की

अक्टूबर में होने वाले चुनाव से बोलीविया की डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जियानीन एनेज़ हटी

बोलीविया में आम चुनाव स्थगित करने के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय हड़ताल जारी

बोलिविया : आम चुनाव टलने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन देश भर में फैला

बोलिविया : जनता ने किया चुनाव टलने का विरोध

बोलोविया : आम चुनाव 18 अक्टूबर तक टले

बोलिवियाई तख़्तापलट सरकार ने मोरालेस की एमएएस पार्टी को अयोग्य ठहराने की कोशिश की

6 सितंबर को आम चुनाव कराने को लेकर बोलीविया के डी-फैक्टो प्रेसिडेंट ने क़ानून लागू किया

बोलिविया : तख़्तापलट से बनी सरकार के ख़िलाफ़ जनता का संघर्ष जारी


बाकी खबरें

  • iran
    शिरीष खरे
    ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?
    21 Feb 2022
    ईरान का नया जनसंख्या कानून अपनी एक आधुनिक समस्या के कारण सुर्खियों में है, जिसके खिलाफ अब ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कुछ मानवाधिकार संगठन आवाज उठा रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 16,051 नए मामले, 206 मरीज़ों की मौत
    21 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 2 लाख 2 हज़ार 131 हो गयी है।
  • education
    निवेदिता सरकार, अनुनीता मित्रा
    शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर
    21 Feb 2022
    बहुत सारी योजनाएं हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उसकी खुद की विरोधाभासी नीतियों और वित्तीय सहायता की कमी से बुरी तरह प्रभावित हैं।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : कैसे यूपी की 'डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को पटरी से उतारा 
    21 Feb 2022
    महामारी के वर्षों में भी, योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई। 
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    अयोध्या में कम्युनिस्ट... अरे, क्या कह रहे हैं भाईसाहब!
    21 Feb 2022
    यह बात किसी सामान्य व्यक्ति को भी हैरान कर सकती है कि भारतीय दक्षिणपंथ के तूफ़ान का एपीसेंटर बन चुके अयोध्या में वामपंथी कहां से आ गए ? लेकिन यह सच है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License