NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बोफोर्स मामले में सीबीआई की अपील खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने में 13 वर्षों की देरी करने पर सवाल उठाए।
आईएएनएस
02 Nov 2018
SUPREME COURT

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें एजेंसी ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 2005 में ब्रिटेन के हिंदुजा बंधुओं को 155 एमएम होवित्जर बोफोर्स तोप की खरीद में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों से बरी करने के आदेश को चुनौती दी थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने इस अपील को खारिज कर दिया और जांच एजेंसी से उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने में 13 वर्षों की देरी करने पर सवाल उठाए।

प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने महान्यायवादी के.के. वेणुगोपाल से कहा, "हमलोग आपके तर्क और देरी की वजह के बारे में दिए गए कारण से सहमत नहीं हैं।"

अदालत ने हालांकि कहा कि सीबीआई अपनी दलीलें रख सकती है, क्योंकि वह अधिवक्ता अजय अग्रवाल द्वारा 2005 के आदेश को चुनौती देने में एक वादी थी।

सीबीआई ने 4,522 दिनों बाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है।

2005 में बोफोर्स तोप की खरीद में कथित रिश्वतखोरी के मामले में ब्रिटेन के श्रीचंद, गोपीचंद और प्रकाश हिंदुजा को बरी किए जाने के फैसले के विरुद्ध सीबीआई ने इस वर्ष फरवरी में शीर्ष न्यायालय का रुख किया था।

सीबीआई ने कुछ नए तथ्यों का हवाला दिया और कहा कि इसकी जांच कराए जाने की जरूरत है। एजेंसी ने इसे ही आधार बनाकर बोफोर्स मामले को दोबारा खोले जाने का आग्रह किया था।

BOFORS CASE
Supreme Court
CBI
Congress
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी
    04 Mar 2022
    विगत 23 फ़रवरी से झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के आह्वान पर प्रदेश की पोषण सखी कार्यकर्ताएं विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हुई हैं।
  • health sector in up
    राज कुमार
    यूपी चुनाव : माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य की हर तरह से अनदेखी
    04 Mar 2022
    देश में डिलीवरी के दौरान मातृ मृत्यु दर 113 है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही आंकड़ा देश की औसत दर से कहीं ज़्यादा 197 है। मातृ मृत्यु दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : मिर्ज़ापुर के ग़रीबों में है किडनी स्टोन की बड़ी समस्या
    04 Mar 2022
    जिले में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामले बहुत अधिक हैं, और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते पहले से ही दुखी लोगों की आर्थिक स्थिति ओर ख़राब हो रही है।
  • workers
    अजय कुमार
    सरकार की रणनीति है कि बेरोज़गारी का हल डॉक्टर बनाकर नहीं बल्कि मज़दूर बनाकर निकाला जाए!
    04 Mar 2022
    मंदिर मस्जिद के झगड़े में उलझी जनता की बेरोज़गारी डॉक्टर बनाकर नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी योजनाएं बनाकर हल की जाती हैं।
  • manipur election
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र
    03 Mar 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकारा भाषा सिंह ने बातचीत की ह्यूमन राइट्स अलर्ट के बबलू लोइतोंगबन से। आप भी सुनिए मणिपुर के राजनीतिक माहौल में मानवाधिकारों पर छाए ख़ौफ़ के साये के बारे में बेबाक बातचीत।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License