NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्राज़ील चुनाव 2018: मुक़ाबला तानाशाही और लोकतंत्र के बीच
यह चुनाव सिर्फ राष्ट्रपति पद के लिए नहीं बल्कि ब्राज़ील के भविष्य के लिए हैं और वहाँ की लोकतंत्र पसंद जनता अपनी पूरी ताकत के साथ तानाशाही दक्षिणपंथी ताकतों का मुकाबला कर रही हैI दुनिया के सभी लोकतंत्र पसंद लोगों और देशों के लिए यह ज़रूरी है कि ब्राज़ील में एक लोकतान्त्रिक शासन की स्थापना होI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Oct 2018
Haddad
शनिवार को साओ पाओलो में प्रचार अभियान ख़त्म होने के दौरान फ़र्नांडो हद्दाद (वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार) अपने समर्थकों के बीचI

रविवार 28 अक्टूबर को ब्राज़ील में राष्ट्रपति चयन के दूसरे दौर के मतदान हैंI पहला दौर 7 अक्टूबर को हुआ थाI यह चुनाव ब्राज़ील के लिए बेहद ज़रूरी इसलिए है क्योंकि इसके नतीजों से निर्धारित होगा की देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह दिशा न सिर्फ राजनीति को प्रभावित करेगी बल्कि वहाँ के समाज को भी प्रभावित करेंगे!

इन चुनावों में दो मुख्य उम्मीदवार हैं एक वाम विचारधारा वाली वर्कर्स पार्टी के फ़र्नांडो हद्दाद और दूसरे दक्षिणपंथी जेर बोल्सोनारोI बोल्सोनारो को पहले चरण के मतदान में 46% वोट मिले थेI ये खुले तौर पर ब्राज़ील के बर्बर सैन्य तानाशाही (1964-85) का समर्थन करते हैंI दूसरी तरफ हद्दाद को पहले चरण के मतदान में 29% वोट मिले थे, ये पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की जनकल्याणकारी नीतियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैंI

हालांकि, पहले चरण के मतदान वर्कर्स पार्टी और हद्दाद के लिए अच्छे नहीं रहे लेकिन हालिया पोल के अनुसार हद्दाद ने बढ़त हासिल कर ली हैI मौजूदा पोल की मानें तो पहले चरण के मतदान के मुकाबले में अब बोल्सोनारो के वोट 3% गिरे हैं और हद्दाद के लगभग इतने ही बढ़े हैंI फिर भी इनके बीच काफी वोटों का फासला हैI

यह चुनाव सिर्फ राष्ट्रपति पद के लिए नहीं बल्कि ब्राज़ील के भविष्य के लिए हैं और वहाँ की लोकतंत्र पसंद जनता अपनी पूरी ताकत के साथ तानाशाही दक्षिणपंथी ताकतों का मुकाबला कर रही हैI दुनिया के सभी लोकतंत्र पसंद लोगों और देशों के लिए यह ज़रूरी है कि ब्राज़ील में एक लोकतान्त्रिक शासन की स्थापना होI

तानाशाही ताकतों के खिलाफ अपना प्रतिरोध दिखाने के लिए ब्राज़ील के कुछ नागरिकों ने इटली के एक प्रसिद्ध फासीवाद विरोधी गीत 'Bella Ciao' का ब्राज़ीलियाई संस्करण तैयार किया हैI पीपल्स डिस्पैच के साथ मिलकर न्यूज़क्लिक ने इस गीत का हिंदी अनुवाद किया हैI

 

Brazil
Brazil elections 2018
Workers' party
Fernando Haddad
Jair Bolsonaro

Related Stories

बच्चों को हरे खेत दिखाओ और सूरज की रौशनी उनकी ज़ेहन में उतरने दो

पड़ताल दुनिया भर की: ब्राज़ील में घिरे बोलसोनारो, काबुल में हारा अमेरिका

कोविड-19 कुप्रबंधन ने बढ़ाई भारत-ब्राज़ील में खाद्य असुरक्षा

राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और आइपीआर के नियम कोविड-19 आम जन के टीकाकरण की राह में बाधा

ब्राज़ील की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लूला को दोषी ठहराने वाले न्यायमूर्ति पक्षपाती थे

ब्राज़ील में ‘गुलाबी लहर’ की वापसी 

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!

सार्वजनिक स्वास्थ्य की अवधारणा

अमेरिका की सुनियोजित योजना: पाबंदी के ज़रिए गला घोंटना

डिएगो माराडोना: अमेरिकी साम्राज्यवाद का कट्टर विरोधी खिलाड़ी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    महाशय, आपके पास क्या मेरे लिए कोई काम है?
    05 May 2022
    वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता, साम्यवाद के सिद्धांतकार कार्ल मार्क्स की आज जयंती है। उन्होंने हमें सिर्फ़ कम्युनिस्ट घोषणापत्र और दास कैपिटल जैसी किताब ही नहीं दी बल्कि कुछ ऐसी कविताएं भी दी हैं, जो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 
    05 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,275 नए मामले सामने आए हैं | देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 19 हज़ार 719 हो गयी है।
  • Bharat Ek Mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: बॉलीवुड जनता की हिंदी पार्टी
    05 May 2022
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में आज संजय सवाल उठा रहे हैं कि देश में जनता के मुद्दों को उठाने के बजाए हमेशा ध्यान भटकाने वाले मुद्दे ही क्यों उठाए जाते हैं।
  • VOILENCE
    रवि शंकर दुबे
    चुनावी राज्यों में क्रमवार दंगे... संयोग या प्रयोग!
    05 May 2022
    ईद वाले दिन राजस्थान में हुई हिंसा ये बताने के लिए काफी है कि आगे आने वाले चुनावों में मुद्दे क्या होंगे। इतना तो तय है कि विकास की बात भूल जाइए।
  • urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा
    04 May 2022
    रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स के वैश्विक प्रेस फ्रीडम सूचकांक में इस बार भारत पिछले साल के मुकाबले आठ अंक और नीचे गिरा और 180 देशो की सूची में 150 वे पर आ गया. पिछले दिनो भारत डेमोक्रेसी के वैश्विक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License