NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
ब्राज़ीलः राष्ट्रीय संग्रहालय में आग लगने से विज्ञान का हुआ बड़ा नुकसान
क़रीब 20 मिलियन क़ीमती प्राचीन ग्रीक, रोमन कलाकृतियां और विशाल पैलिओंटोलॉजिकल संग्रह ख़ाक में हुई तब्दील।
संदीपन तालुकदार
06 Sep 2018
Brazil Museum Fire

रियो डी जेनेरो में स्थित ब्राज़ील के राष्ट्रीय संग्रहालय रविवार को भीषण आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गया। इसमें रखे क़ीमती संग्रह की संख्या लगभग 20 मिलियन थी जो ख़ाक में तब्दील हो गयी। ये विशाल संग्रह कई वैज्ञानिक साक्ष्यों का एक ख़ज़ाना रहा है।

ब्राज़ील के राष्ट्रीय संग्रहालय का एक लंबा इतिहास था। यह क़रीब 200 साल पहले स्थापित किया गया था, तब जबकि ब्राज़ील को पुर्तगाल से स्वतंत्रता भी नहीं मिली थी। ब्राज़ील का सबसे पुराना वैज्ञानिक संग्रहालय पूरे लैटिन अमेरिका में सबसे बड़े और प्रसिद्ध संस्थानों में से एक रहा है।

ये संग्रहालय न केवल प्राचीन ग्रीक, रोमन कलाकृतियों के संग्रह का एक ख़ज़ाना था बल्कि इसके विशाल पैलिओंटोलॉजिकल संग्रहों का पूर्ण संस्थान भी था। 11,500 वर्ष पुराने लूजिया नामक कंकाल के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण था जो लैटिन अमेरिका का सबसे पुराना मानव जीवाश्म था। लंबी गर्दन वाले डायनासोर मैक्सकैलिसैरस की हड्डियां इस संग्रहालय की क़ीमती संग्रहों में से एक थी। ये पशु ब्राज़ील का पुरातन पशु था। आग लगने के चलते इन जीवाश्म संग्रह के नष्ट होने का डर है। मिस्र के ममी और लैटिन अमेरिका की सबसे पुरानी कलाकृतियां भी क़ीमती संग्रह थे, ये अगर नष्ट गए होंगे तो भविष्य में किसी के लिए अब यह उपलब्ध नहीं हो पाएगा। इस तरह इस संग्रहालय का विनाश सिर्फ ब्राज़ील या लैटिन अमेरिका के विज्ञान के लिए नुकसान नहीं है बल्कि विश्व विज्ञान के लिए एक अपूरणीय क्षति भी है।

अभी तक स्पष्ट नहीं है कि क्या-क्या नष्ट हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रीढ़ की हड्डीवाले जानवरों और वनस्पति संग्रहों के कुछ नमूने एक अलग इमारत में रखे गए थे और उसे सुरक्षित होना चाहिए। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण संग्रह जैसे रीढ़हीन जानवरों के नमूने पूरी तरह से नष्ट हो गए। ये नमूने विश्व वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण थे।

संग्रहालय की ये इमारत अपने आप में इतिहास से कम नहीं था। इस कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल 1889 तक स्वतंत्र ब्राज़ील के सम्राटों के निवास के रूप में किया जाता था। साल 1902 में संग्रहालय का संग्रह स्थानांतरित किया गया था।

वैज्ञानिक अब दावा करते हैं कि ये घटना अप्रत्याशित थी। प्राचीन इमारत के रखरखाव और नवीनीकरण के लिए धन की निरंतर कमी इसका प्राथमिक कारण है। वैज्ञानिकों ने प्रबंधन अधिकारियों को साल 2004 में ख़राब तारों की स्थिति और संभावित शॉर्ट सर्किट तथा आग के बारे में चेतावनी दे दी थी। तब से संग्रहालय के बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने के लिए कुछ भी सुधार नहीं हुआ। आग से बचाव की बदतर स्थिति से इसके प्रति अधिकारियों की केवल उदासीनता ही नज़र आती है। इस संग्रहालय का रखरखाव फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो डी जेनेरो द्वारा किया जाता था जबकि ब्राज़ील की संघीय सरकार इसके लिए धन मुहैया करवाती थी।

इस संग्रहालय के जीवाश्म संग्रह के लिए काम कर चुके एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के पैलिओंटोलॉजिस्ट स्टीफन ब्रुसाटे एक विज्ञान पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कहते हैं, "ये मुझे उन लाखों नमूनों और प्रदर्शनीय वस्तुओं पर सोचने के लिए बेहद मजबूर करता है, ये वस्तु 200 वर्षों के संग्रह और बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों की मेहनत और खोज का परिणाम था जो आग लगने से राख हो गया। यह मुझे रोने को बेबस करता है।"

Brazil
Museum Fire
ब्राज़ील

Related Stories

फ़ोर्तालेज़ा में ब्रिक्स शिखर वार्ता को जस्ट नेट कोएलिशन का पत्र


बाकी खबरें

  • किसान आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन को सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन की स्पिरिट से प्रेरणा, परन्तु उसके नकारात्मक अनुभवों से सीख लेनी होगी
    05 Jun 2021
    तानाशाही और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन की स्पिरिट और उसके तूफानी आवेग से प्रेरणा लेना एक बात है, परन्तु उसकी विचारधारा और राजनीति आज के आंदोलन के लिए आदर्श और मॉडल नहीं हो सकती। आज…
  • बहरामपुर में सैनिटाइजेशन करते रेड वालंटियर्स। फ़ोटो: साभार: अनिर्बन
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: रेड वॉलंटियर्स को राज्य सरकार का नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी की तरफ़ से भारी समर्थन
    05 Jun 2021
    राज्य में कोविड प्रभावित लोगों की मदद को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने राज्य में रेड वॉलंटियर्स का समर्थन करना शुरू कर दिया है, ताकि ज़रूरतमंद लोगों तक ज़्यादा असरदार तरीक़े से पहुंचा जा सके।
  • वैक्सीन रणनीति को तबाह करता भारत का 'पश्चिमीवाद'
    एम. के. भद्रकुमार
    वैक्सीन रणनीति को तबाह करता भारत का 'पश्चिमीवाद'
    05 Jun 2021
    पश्चिमी दवा कंपनियों के खून चूसने और शिकारियों की तरह मानव रोग से अंधा मुनाफा कमाने की भयंकर प्रवृत्ति के बावजूद, हमारी सरकार ने अपने सारे अंडे एंग्लो-अमेरिकन टोकरी में डाल दिए हैं।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में फिर 3 हज़ार से ज़्यादा मरीज़ों की मौत
    05 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,20,529 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक 3 लाख 44 हज़ार 82 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
  • एक बूढ़े पेड़ की प्रार्थना  
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    एक बूढ़े पेड़ की प्रार्थना  
    05 Jun 2021
    “सुनो...बाढ़ की चेतावनी जारी हो चुकी है”। आज 5 जून, पर्यावरण दिवस पर विशेष
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License