NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
यूरोप
ब्रिटेन की ब्रेक्जिट पार्टी को यूरोपीय संघ के चुनाव में जीत
ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे की इस्तीफे की घोषणा के बाद रविवार को यूरोपीय संसद के चुनाव हुए थे।
भाषा
27 May 2019
फाइल फोटो

यूरोपीय संघ के विरोधी नाइजेल फेरेज की ब्रेक्जिट पार्टी को यूरोपीय संसद के चुनाव में सोमवार को सफलता मिली जबकि सत्ताधारी कंजरवेटिव को बड़ा झटका लगा।    

चुनाव ने यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए ब्रिटेन के वोट करने के तीन साल बाद भी कायम मतभेद को उजागर कर दिया है। यूरोपीय संघ समर्थक लिबरल डेमोक्रैट्स और ग्रीन पार्टी को भी सफलता मिली। 

रविवार को यह चुनाव ऐसे वक्त हुआ है, जब पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने समय पर ब्रेक्जिट नहीं हो पाने के लिए इस्तीफा देने की घोषणा की थी। फेरेज ने फरवरी में ही अपनी पार्टी का पंजीकरण कराया था लेकिन अधिकतर घोषित परिणाम में उसने उपलब्ध 73 सीटों में 28 सीटें जीतकर 32 प्रतिशत वोट हासिल किया है। 

टेरेसा मे की कंजरवेटिव पार्टी को नौ प्रतिशत वोट मिले और उसने 1832 के बाद किसी चुनाव में सबसे खराब प्रदर्शन किया। ब्रेक्जिट पर मुख्य विपक्षी पार्टी पर भ्रमित रहने का आरोप है। उसकी वोट हिस्सेदारी भी घटकर करीब 14 प्रतिशत रह गयी। 

यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए 2016 में अग्रणी भूमिका निभाने वाले फेरेज ने कहा कि ब्रसेल्स के साथ किसी भी नये ब्रेक्जिट समझौते के लिए उनकी पार्टी का पक्ष सुना जाना चाहिए।

European Union elections 2019
European Union
European Parliament
Nigel Farage
Brexit Party

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

रूसी तेल की चिकनाहट पर लड़खड़ाता यूरोपीय संघ 

मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में तीन युद्ध और तीनों में इंसानियत की हार के आसार

कार्टून क्लिक: एक संकट—कई आयाम, आपदा भी, अवसर भी

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: कीव के मुख्य टीवी टावर पर बमबारी; सोवियत संघ का हिस्सा रहे राष्ट्रों से दूर रहे पश्चिम, रूस की चेतावनी


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License