NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बुलंदशहर कांड : पहले गिरफ़्तार चार मुस्लिम युवक पुलिस के मुताबिक निर्दोष
पुलिस का कहना है कि वह इन चारों को कोर्ट में पेश करेगी और इन्हें जल्द ही बरी कर दिया जाएगा। लेकिन पुलिस ने अब अन्य तीन मुस्लिम युवकों को गौ हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2018
bulandshahar

बुलंदशहर हिंसा के मामले में पुलिस ने जिन चार मुस्लिम युवकों को गौ हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हे अब निर्दोष घोषित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वह इन चारों को कोर्ट में पेश करेगी और इन्हें जल्द ही बरी कर दिया जाएगा। इन युवकों का नाम सैफुद्दीन, साजिद, आसिफ और नन्हे बताया जा रहा है। बुलंदशहर के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मीडिया से कहा "जांच में पता चला कि जिन चार लोगों को हमने पहले गिरफ्तार किया था वह निर्दोष हैं और दूसरी जानकारियाँ प्राप्त करने के बाद हम कोर्ट में उन्हे छुड़वाने जाएंगे।"

 गौरतलब है कि इन चारों की शिकायत योगेश राज ने की थी जो खुद इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है और अब तक फरार है। योगेश राज यहाँ बजरंग दल का स्थानीय नेता है और उस पर भीड़ को भड़काने का आरोप है। 

दूसरी ओर पुलिस ने अब अन्य तीन युवकों को गौ हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि उनके पास इन सभी के खिलाफ सबूत हैं। 

मंगलवार को पुलिस ने इनके साथ अन्य घरों में छापे मारे। इनमें नदीमुद्दीन, रईस, इश्तयाक, काला कुरैशी, अज़हर, ज़फ़र और नफीस नाम के लोग शामिल हैं। सात लोगों को हिरासत में लिया गया था और इनमें से तीन अब भी हिरासत में हैं। 

प्रभाकर चौधरी ने कहा "गौ हत्या के मामले में तीन लोग- नदीम , रईस और काला को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से एक गाड़ी और एक लाइसेंसी हथियार भी बरामद किया जा चुका है। इन तीनों का नाम शुरुआती एफआईआर में नहीं था, इस शिकायत में सात लोगों का नाम था जिसमें नया बांस गाँव के  दो नाबालिग शामिल थे, पर जांच के दौरान इनके नाम सामने आए। "

वहीं दूसरी ओर न्यूज़क्लिक ने स्याना शहर के लोगों से पुलिस की गिरफ्तारियों के बारे में बात की। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने मुस्लिम घरों में देर रात को घुसकर आरोपियों के घर वालों के साथ मारपीट और बदसलूकी की। इसके बाद स्थानीय मुसलमानों में काफी डर है और कुछ घर छोड़कर भाग गए हैं। 

एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर न्यूज़क्लिक को बताया "पुलिस ने हमारी बंदूक का लाइसेंसे छीना है और हमें बहुत मारा है। वह हमसे  ज़बरदस्ती गौ हत्या के आरोप कबूल करवाने की कोशिश कर रहे हैं, अगर हम मना करते हैं तो वह हमें मारते हैं। उन्होंने महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की है। हम यहाँ सुरक्षित नहीं हैं। मेरे कई पड़ोसी अपना घर छोड़कर अपने रिशतेदारों के घर चले गए हैं।"

एक स्थानीय व्यक्ति शादाब ने कहा "जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया है वह गरीब लोग हैं। रईस रिक्शा चालक है और बहुत गरीब है। मुझे नहीं पता कि पुलिस ने किस बिनाह पर गौ हत्या से जोड़ा है।"

3 दिसम्बर को बुलंदशहर में तथाकथित गौ हत्या की खबर के बाद हिंसा भड़क उठी और इस हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित नाम के एक शख्स की मौत हो गयी। इस हिंसा के पीछे बजरंग दल और बीजेपी के स्थानीय नेताओं का नाम आया। सुमित इस मामले में आरोपी भी था। इसके बाद दो मामले शुरू हुए एक गौ हत्या का मामला और दूसरा इंस्पेक्टर सुबोध के कत्ल का। इंस्पेक्टर सुबोध के मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है इसमें एक जीतू फौजी है जो कि सैनिक है और उसपर इंस्पेक्टर सुबोध पर गोली चलाने का आरोप है । 

bulandshahr violence
Subodh Kumar Singh
Cow Vigilante
cow slaughter
bajrang dal
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License